पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • On weekends, Noida extension is full of brokers near to Gaur Chakkar. Many builders site offices are full pack with cars outside. I am not sure whether its buyers cars or its new trend where builders asking their workers to just park cars outside their offices to show they are in demand.
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  • Paramount Emotions Update by Nefowa

    1) Seems soon all buyer will get some formal communication in next 2 weeks..
    2) Construction might resumed in next 7-10 days.
    3) Expect Demand letter they might ask 10 % your pocket.
    4) Probably they will give 1 month time for payment.
    5) Loan processing will be done by Corporation Bank, DHFL and HDFCThanks.
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  • Originally Posted by inder_saini
    Paramount Emotions Update by Nefowa

    1) Seems soon all buyer will get some formal communication in next 2 weeks..
    2) Construction might resumed in next 7-10 days.
    3) Expect Demand letter they might ask 10 % your pocket.
    4) Probably they will give 1 month time for payment.
    5) Loan processing will be done by Corporation Bank, DHFL and HDFCThanks.


    Everyone is talking on loan processing but sadly no fixed date given on disbursement...dont know what is happening
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  • Originally Posted by inder_saini
    Paramount Emotions Update by Nefowa

    1) Seems soon all buyer will get some formal communication in next 2 weeks..
    2) Construction might resumed in next 7-10 days.
    3) Expect Demand letter they might ask 10 % your pocket.
    4) Probably they will give 1 month time for payment.
    5) Loan processing will be done by Corporation Bank, DHFL and HDFCThanks.


    Is it just me who is seeing this "7-10 days" figure everywhere or what !!!

    bank waale bhi yahi bolte hain, builders bhi yahi bolte hain aur lo ab NEFOWA bhi yahi bol rahi hai .... :confused2:
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  • Originally Posted by Sunder_Lal
    mujhe to ummeed nahi hai bhai ... ye sab time paas ke bahane hai.. india jaise desh me labour ki kami kab se hone lagi.



    pehle builders keh rahe the ki chaat festival ki wajah se saare labours bihar aur UP chale gaye hain.. uske baad kaheneg ki diwaali ke liye chale gaye hain... uske baad sir ab thand hai toh labour dheere dheere aayegie...

    then holi pe chale jaayenege labiur ghar....

    jab tak SC ka faisla nahi aa jaata.... kuch kaan dhaam nahi hone waala...:bab (58)::bab (58):
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  • At this point, builders ki all five fingers in Desi ghee and Head is in Kadhai.

    Guess every builder might be praying that decision kabhi aaye hi nahi.


    Originally Posted by asuyal1
    pehle builders keh rahe the ki chaat festival ki wajah se saare labours bihar aur UP chale gaye hain.. uske baad kaheneg ki diwaali ke liye chale gaye hain... uske baad sir ab thand hai toh labour dheere dheere aayegie...

    then holi pe chale jaayenege labiur ghar....

    jab tak SC ka faisla nahi aa jaata.... kuch kaan dhaam nahi hone waala...:bab (58)::bab (58):
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  • Gr Noida-Gzb link to be ready soon

    Greater Noida: Work on completing the 22km link road between Greater Noida’s Zeta sector and NH24 is likely to start next week as Greater Noida Authority (GNA) and Ghaziabad Development Authority (GDA) claim to have cleared the remaining encroachments on the way. A 1.5km portion of the alignment has been pending for almost nine years now due to various reasons.
    GDA on Friday said it would relocate the 50-odd farmer families who have their residential plots on the road alignment to land provided by GNA in Chipiyana village, Greater Noida, in the next 10 days. GNA had allotted 7.71 acres to GDA in July for rehabilitating the affected families.
    The 130m wide signal-free road, when completed, will cut down travel time between Greater Noida and Ghaziabad to just 20 minutes. The road begins at the New Holland factory in Greater Noida and meets NH24 at the Vijay Nagar bypass in Ghaziabad. It will be extended later to the Meerut highway.
    GNA CEO Rama Raman told TOI that most of the 22km road is ready. However, work could not start on the 1.5km stretch as the a b a d iland of Bahrampur Akbarpur and Chak Birampur villages lay on it. While GNA managed to settle the issue with the villagers, GDA did not have land to relocate them. TNN
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  • संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवेशकों की समस्याओं को लेकर नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर वेलफेयर एसोसिएशन (नेफोवा) के सदस्यों ने शनिवार को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमण के साथ बैठक की। आरोप लगाया गया कि बैंक निवेशकों को कर्ज नहीं दे रहे हैं। दूसरी तरफ बिल्डर किश्तों के लिए दबाव बना रहे हैं। किश्त का भुगतान न करने पर बुकिंग निरस्त करने व जुर्माना वसूलने की चेतावनी बिल्डर दे रहे हैं। इससे निवेशक डर रहे हैं। प्राधिकरण को हस्तक्षेप कर निवेशकों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

    नेफोवा के पदाधिकारियों ने कहा कि बैंक निवेशकों को कर्ज देने में आनाकानी कर रहे हैं। बिल्डर लगातार किश्तों के भुगतान के लिए निवेशकों को पत्र भेज रहे हैं। निवेशक बैंकों से कर्ज लिए बिना, किश्तों का भुगतान नहीं कर सकते। बिल्डरों द्वारा फ्लैटों का निर्माण कार्य धीमी गति से करने का मुद्दा भी उठाया गया। सीईओ रमा रमण ने आश्वासन दिया कि प्राधिकरण शीघ्र बैंकों के साथ बैठक कर कर्ज दिलाने की बात करेगा। बैंकों को प्राधिकरण से अनुमति पत्र चाहिए तो वह उपलब्ध करा दिया जाएगा। सीईओ ने निफोवा को आश्वासन दिया कि किसी भी निवेशक की बुकिंग निरस्त नहीं करने दी जाएगी। प्राधिकरण शीघ्र बिल्डरों के साथ बैठक कर रास्ता निकालेगा। किसी भी निवेशक का अहित नहीं होने दिया जाएगा। बिल्डरों को समय से निर्माण कार्य पूरा कर, निवेशकों को फ्लैटों पर कब्जा दिलाने की बात भी प्राधिकरण करेगा। बैठक में निफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार, महासचिव उमर सिबरी, चेतन त्यागी, सुमित सक्सेना, इदरीश गुप्ता, रविंद्र जैन व नरेन नायक आदि मौजूद रहे।

    Daink Jagran
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    Today (29th-September-2012), NEFOWA had a meeting with Mr. Rama Raman (CEO, GNIDA). The meeting was successful.

    Please find meeting points/outcome below:

    • On Bank Loan Issue:
    o NEFOWA informed to Mr. Raman that till now no bank has started disbursement of loan amount to home buyers
    ...
    o Mr. Raman said that banks have already started funding to Authority and very soon Authority is going to call a meeting with Banks and will provide all required documents (NOC etc) to start funding to allottees and buyers

    • On Construction
    o On slow speed of the construction, Mr. Raman said that once Banks will start funding then construction work will start is full swing

    • On Builder’s Problem
    o NEFOWA informed to Mr. Raman that many of builders have issued demand letters to their customers and given very few days to make payment; and if buyers are failing to do so then builders are either cancelling their booking or imposing fine/penalties. As of now, no bank has started disbursement of loan amount to home buyers so it is very difficult for buyers to make any payment.

    o Mr. Raman said that very soon Authority is going to call a meeting with all CREDAI and Non-CREDAI builders to resolve this issue. Authority will provide a guidelines to all builders; and will take action in case of its violation

    o As per Mr. Raman, builders should not demand for funds from buyers until bank funding is not started. As per him this is unethical and wrong practice done by builders

    Dear Members,

    I have discussed the matter with top officials of State Bank of Patiala. Their proposal is as under:-

    1. That the builder, Bank and GNIDA should be required to enter into a tripartite agreement, where builder shall deposit land cost with bank at discounted price ( that is maturity value will be equal to land cost obligation towards GNIDA), The bank will issue Bank Guarantee to GNIDA to make land cost payment on due date.

    2. The GNIDA will immediately sign lease deed in favour of builder and builder will get lease deed registered in the name of buyer.
    3. The buyer will mortgage lease rights to the Bank and get loan.
    4. Builder will route all transactions through SBP and SBP before releasing payment will supervise construction level as agreed.

    This arrangement will protect buyers as they will get lease deed. GNIDA is also assured of timely payment and builder shall also have to maintain financial discipline.

    To my mind this is best option. What members say?

    Dear Members,

    I have discussed the matter with top officials of State Bank of Patiala. Their proposal is as under:-

    1. That the builder, Bank and GNIDA should be required to enter into a tripartite agreement, where builder shall deposit land cost with bank at discounted price ( that is maturity value will be equal to land cost obligation towards GNIDA), The bank will issue Bank Guarantee to GNIDA to make land cost payment on due date.

    2. The GNIDA will immediately sign lease deed in favour of builder and builder will get lease deed registered in the name of buyer.
    3. The buyer will mortgage lease rights to the Bank and get loan.
    4. Builder will route all transactions through SBP and SBP before releasing payment will supervise construction level as agreed.

    This arrangement will protect buyers as they will get lease deed. GNIDA is also assured of timely payment and builder shall also have to maintain financial discipline.

    To my mind this is best option. What members say?

    Dear Members,

    I have discussed the matter with top officials of State Bank of Patiala. Their proposal is as under:-

    1. That the builder, Bank and GNIDA should be required to enter into a tripartite agreement, where builder shall deposit land cost with bank at discounted price ( that is maturity value will be equal to land cost obligation towards GNIDA), The bank will issue Bank Guarantee to GNIDA to make land cost payment on due date.

    2. The GNIDA will immediately sign lease deed in favour of builder and builder will get lease deed registered in the name of buyer.
    3. The buyer will mortgage lease rights to the Bank and get loan.
    4. Builder will route all transactions through SBP and SBP before releasing payment will supervise construction level as agreed.

    This arrangement will protect buyers as they will get lease deed. GNIDA is also assured of timely payment and builder shall also have to maintain financial discipline.

    To my mind this is best option. What members say?

    Dear Members,

    I have discussed the matter with top officials of State Bank of Patiala. Their proposal is as under:-

    1. That the builder, Bank and GNIDA should be required to enter into a tripartite agreement, where builder shall deposit land cost with bank at discounted price ( that is maturity value will be equal to land cost obligation towards GNIDA), The bank will issue Bank Guarantee to GNIDA to make land cost payment on due date.

    2. The GNIDA will immediately sign lease deed in favour of builder and builder will get lease deed registered in the name of buyer.
    3. The buyer will mortgage lease rights to the Bank and get loan.
    4. Builder will route all transactions through SBP and SBP before releasing payment will supervise construction level as agreed.

    This arrangement will protect buyers as they will get lease deed. GNIDA is also assured of timely payment and builder shall also have to maintain financial discipline.

    To my mind this is best option. What members say?
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  • खरीदारों को उलझा सकती है जल्दबाजी
    3200 का रेट तर्कसंगत नहीं, रीसेल में काफी नीचे हैं भाव

    नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी के बाद बुकिंग के लिए लगे स्टॉलों में बताया जा रहा है कि मेट्रो व अन्य सुविधाओं के आने पर दाम दोगुने हो जाएंगे। यहां बुकिंग के मौजूदा रेट विवाद से पहले हुई बुकिंग से करीब 80 फीसदी अधिक हैं। जानकारों के अनुसार आसपास के अन्य प्रोजेक्टों की स्थिति व दामों की तुलना, किसानों का विरोध, हाईकोर्ट की दी गई गाइड लाइन, सुप्रीम कोर्ट में किसानों की लंबित याचिकाएं, मेट्रो लाने की आधी-अधूरी तैयारी, बैंक लोन जारी होने में एनओसी की देरी, बिल्डरों के फ्लैटों का कैंसिलेशन आदि ऐसे बहुत से कारण हैं, जिनकी वजह से यहां निवेश की जल्दबाजी आपको उलझा सकती है।

    दरअसल, इन दिनों बिल्डर ग्रुप के प्रतिनिधि यहां के फ्लैटों को 3200 से 3400 रुपये प्रति स्क्वायर फुट के रेट में बेच रहे हैं। इसमें ये लोग एनसीआर में सबसे सस्ता फ्लैट व मेट्रो आने के बाद यहां के दाम दोगुने होने की बात कह रहे हैं। इसी कड़ी में बिल्डरों ने कुछ नए प्रोजेक्ट भी यहां पर लांच कर बुकिंग शुरू कर दी है। अभी तक के रिकॉर्ड के अनुसार करीब छोटे-बड़े 82 बिल्डर व डेवलपर्स ग्रुप यहां एंट्री कर चुके हैं। अधिकांश बायर्स जिनपर फ्लैट कैंसिलेशन की तलवार लटकी है, उन्हें आगे का लोन जारी करने में बैंकों से स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक का कहना है कि बिना एनओसी के बैंक ऑफ महाराष्ट्र व कारपोरेशन बैंक लोन जारी कर रहा है, जबकि पुराने बायर्स ने ज्यादातर निजी बैंकों से लोन ले रखा है, उनकी किस्तें शुरू होने तक उनकी बेचैनी कायम रहना लाजमी है।

    यह भी हकीकत है कि नए दाम पर बिल्डर तो फ्लैट बेच रहे हैं पर पुराने खरीदार जिन्होंने करीब 1800-2000 रुपये प्रति वर्ग फुट पर बुकिंग की थी उनको ये नए रेट रीसेल में नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में सवाल यही उठता है कि यह ‘बूम’ क्या छलावा है? ध्यान देने वाली बात यह है कि एक्सटेंशन के पास सेक्टर 70 से 79 तक कई सेक्टरों के दर्जनों प्रोजेक्टों में फ्लैट निर्माणाधीन हैं, खास बात यह है कि यह नोएडा अथॉरिटी की सीमा में हैं। इसके अलावा क्रॉसिंग रिपब्लिक, राज नगर एक्सटेंशन व ग्रेटर फरीदाबाद में भी लाखों फ्लैटों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ऐसे में दाम व लोकेशन के हिसाब से ग्रेनो वेस्ट का चयन कितना ठीक होगा, यह समझना जरूरी है।

    Amar Ujala

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  • रियल एस्टेट के कानूनी विशेषज्ञ की सलाह
    निवेश का यह सही मौका नहीं नोएडा।

    ग्रेटर नोएडा वेस्ट का विवाद अदालत में अभी लंबित ही है। कोर्ट के आदेश की सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की मंजूरी तो मिल गई, लेकिन किसानों को भुगतान व आबादी का मामला अभी लटका है। किसानों व प्राधिकरण के बीच सेटलमेंट न होने की स्थिति में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के भविष्य पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। रियल एस्टेट मामलों के कानूनी विशेषज्ञ अनुपम श्रीवास्तव के अनुसार, यहां निवेशकों को फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है।


    क्या यहां पर निवेश का यह सही मौका है?
    मुझे नहीं लगता कि निवेश की दृष्टि से यहां पर पैसा लगाना ठीक होगा, हां कोई यहां घर शिफ्ट करने की योजना लिए हुए है तो उसके लिए कोई बुराई नहीं है। लेकिन उसे भी यहां आशियाना पाने को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

    पुराने बायर्स के लिए क्या अब सब कुछ शांत हो गया है?
    पुराने बायर्स को अभी तक फ्लैट कैंसिलेशन के मामले झेलने पड़ रहे हैं। उसे मानसिक तौर पर पजेशन मिलने तक संघर्ष जारी रखने के लिए तैयार रहना चाहिए। लॉन्ग टर्म में किसी को कोई नुकसान नहीं होना।

    बैंक लोन मिलने लगे तो क्या सब ठीक होने की उम्मीद है। दो बैंकाें ने पहल भी की है?
    देखिए मैं यही कह रहा हूं कि बैंक लोन शुरू होना कोई मैटर नहीं करता। दरअसल, जब तक किसानों व अथॉरिटी के बीच विवाद नहीं सुलझ जाता, मुझे नहीं लगता कि कानूनी तौर पर यह मसला सुलझ गया है। मुझे यह भी नहीं लगता कि इस मामले में बैंक भी कोई जल्दबाजी दिखाएंगे।

    क्या यहां के मुकाबले निवेश का अन्य विकल्प भी तलाशना चाहिए?
    सीधा-सा फॉर्मूला है कि किसी भी अपार्टमेंट या कॉलोनी की सही स्थिति पता करनी है तो रात को जाना चाहिए। आपको पता चल जाएगा कि कितने बल्ब जल रहे हैं, यानी वहां पर कितने परिवार रहते हैं। हाल ही में रूरल डेवलपमेंट मिनिस्ट्री के एक सर्वे में बताया गया है कि बनाए गए मकानों में से 70 फीसदी मकान खाली पड़े हैं। ग्रेटर नोएडा, क्रॉसिंग, राजनगर एक्सटेंशन यहां तक कि नोएडा में भी कई जगहों पर ऐसी ही हालत है, जिससे पता चलता है कि मांग और पूर्ति में अंतर बढ़ गया है। ऐसे में लोकेशन व दाम को प्राथमिकता बनाकर ही निवेश करना जरूरी है, जबकि ऑप्शन कई हैं।

    कैसे माना जाए कि विवाद सुलझने की दिशा सही है?
    प्राधिकरण को सबसे पहले किसानों के बढ़े मुआवजे व आबादी के निस्तारण के बारे में पहल करनी चाहिए। हाईकोर्ट का भी यही निर्देश है। किसानों से सेटलमेंट के बिना यह विवाद निपटा नहीं माना जा सकता। प्राधिकरण को पैसे का इंतजाम अतिशीघ्र करना होगा। विवाद निपटना ही ग्रेनो वेस्ट को हरी झंडी मिलना समझा जाएगा।

    ग्रेनो वेस्ट की समस्याएं पूर्ण रूप से सुलझी नहीं हैं। पहली प्राथमिकता किसानों की है, क्योंकि उनकी जमीन गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। बिना किसानों की मदद के ग्रेनो में विकास संभव नहीं है। विवाद काफी हद तक सुलझने की स्थिति में है। साल के अंत तक सब कुछ ठीक हो जाएगा, चूंकि किसानों को मुआवजा देने के लिए विभिन्न बैंकों से बात की गई है। बैंक ऋण देने के लिए तैयार हो रहे हैं। प्राधिकरण, किसान, बिल्डर और निवेशकों को मिलकर काम करना होगा।

    - रमा रमन, सीईओ
    ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण
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  • Greater Noida-Ghaziabad link to be ready soon

    GREATER NOIDA: Work on completing the 22km link road between Greater Noida's Zeta sector and NH24 is likely to start next week as Greater Noida Authority (GNA) and Ghaziabad Development Authority (GDA) claim to have cleared the remaining encroachments on the way. A 1.5km portion of the alignment has been pending for almost nine years now due to various reasons.

    GDA on Friday said it would relocate the 50-odd farmer families who have their residential plots on the road alignment to land provided by GNA in Chipiyana village, Greater Noida, in the next 10 days. GNA had allotted 7.71 acres to GDA in July for rehabilitating the affected families.

    The 130m wide signal-free road, when completed, will cut down travel time between Greater Noida and Ghaziabad to just 20 minutes. The road begins at the New Holland factory in Greater Noida and meets NH24 at the Vijay Nagar bypass in Ghaziabad. It will be extended later to the Meerut highway.

    GNA CEO Rama Raman told TOI that most of the 22km road is ready. However, work could not start on the 1.5km stretch as the abadi land of Bahrampur Akbarpur and Chak Birampur villages lay on it. While GNA managed to settle the issue with the villagers, GDA did not have land to relocate them.

    TOI
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    Greater Noida-Ghaziabad link to be ready soon

    GREATER NOIDA: Work on completing the 22km link road between Greater Noida's Zeta sector and NH24 is likely to start next week as Greater Noida Authority (GNA) and Ghaziabad Development Authority (GDA) claim to have cleared the remaining encroachments on the way. A 1.5km portion of the alignment has been pending for almost nine years now due to various reasons.

    GDA on Friday said it would relocate the 50-odd farmer families who have their residential plots on the road alignment to land provided by GNA in Chipiyana village, Greater Noida, in the next 10 days. GNA had allotted 7.71 acres to GDA in July for rehabilitating the affected families.

    The 130m wide signal-free road, when completed, will cut down travel time between Greater Noida and Ghaziabad to just 20 minutes. The road begins at the New Holland factory in Greater Noida and meets NH24 at the Vijay Nagar bypass in Ghaziabad. It will be extended later to the Meerut highway.

    GNA CEO Rama Raman told TOI that most of the 22km road is ready. However, work could not start on the 1.5km stretch as the abadi land of Bahrampur Akbarpur and Chak Birampur villages lay on it. While GNA managed to settle the issue with the villagers, GDA did not have land to relocate them.

    TOI


    Good to know that
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  • NEFOWA updates

    नॉएडा एक्सटेंसन में कुछ बिल्डर्स को एन.ओ.सी. मिल चूका है और कुछ बिल्डर्स को एन.ओ.सी. मिलना अभी बाकी है. जिन बिल्डर्स को एन.ओ.सी. मिल चूका है उनमे आम्रपाली, गौर, आर.जी लग्जरी और अजनारा सामिल है. इन बिल्डर्स को दो बैंकों ने प्री सान्क्सन करना सुरु कर दिया है. बैंक ऑफ़ महारास्त्र और कारपोरेसन बैंक इन चार बिल्डर्स को प्री सान्क्सन किया है. बाकि बिल्डर्स से अनुरोध है की वे भी अपना बकाया रासी ग्रेटर नॉएडा ऑथोरिटी को भुगतान करे और जल्द से जल्द अपना एन.ओ.सी. प्राप्त करके काम सुरु कर दे.

    ग्रेटर नॉएडा ऑथोरिटी के सी.इ.ओ. Mr . रमा रमण ने oct 3 को सभी बैंकों का मीटिंग बुलाने जा रहे है ताकि एन.ओ.सी. प्राप्त सभी बिल्डर्स को जल्द से जल्द फंडिंग करना सुरु कर दे.
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