पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • अतिरिक्त मुआवजे के लिए डेढ़ सौ करोड़ दिए


    ग्रेटर नोएडा : हाईकोर्ट के आदेश पर प्राधिकरण ने 39 गांवों के किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देना शुरू कर दिया है। मुआवजा बांटने के लिए बुधवार को प्राधिकरण ने डेढ़ सौ करोड़ रुपये एडीएम को रिलीज किया। आधा दर्जन गांवों के लिए खाते में पैसा भेजा गया है। बृहस्पतिवार से किसानों को अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा।

    पैसे की कमी के चलते ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देना बंद कर दिया था। मास्टर प्लान 2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर होने के बाद प्राधिकरण को बिल्डरों व आवंटियों से किस्त मिलनी शुरू हो गई। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरीश वर्मा ने बताया कि आधा दर्जन गांवों के खाते में बुधवार को डेढ़ सौ करोड़ रुपये रिलीज कर दिए गए हैं। एडीएम भूमि अध्यापित को निर्देश दिया गया है कि जिन गांवों के खाते में पैसा पहुंच गया है उन गांवों के किसानों को बृहस्पतिवार से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। उन्होंने बताया कि बिल्डरों व आवंटियों से किस्त मिलने के साथ ही अन्य गांवों के किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देना शुरू कर दिया जाए। एक हजार करोड़ रुपये का ऋण लेने के लिए प्राधिकरण ने विभिन्न बैंकों में आवेदन किया है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस माह के अंत तक बैंकों से ऋण मिल जाएगा। इसके बाद सभी किसानों को अतिरिक्त मुआवजा बांट दिया जाएगा। अतिरिक्त मुआवजा देने की मांग को लेकर किसान काफी दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। प्राधिकरण ने अक्टूबर के अंत तक सभी किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। मालूम हो कि 21 अक्टूबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 39 गांवों के किसानों को 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा देने का निर्देश दिया था।

    आबादी निस्तारण पर बैकलीज में रुचि नहीं
    संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : प्राधिकरण किसानों की आबादी का तेजी के साथ निराकरण कर रहा है, किसान आबादी की बैकलीज कराने में तेजी नहीं दिखा रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि उनकी आबादी को फ्री-होल्ड करने का फैसला शासन ले सकता है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब तक दो दर्जन गांवों की आबादी का निस्तारण कर चुका है। आबादी का निस्तारण होने के बाद प्राधिकरण ने बैकलीज के लिए कार्यक्रम जारी कर दिया। दो सप्ताह बीत जाने के बाद कुछेक किसान आबादी की बैकलीज कराने के लिए फॉर्म जमा किया है।
    आबादी का निस्तारण होने के बाद किसान को उस जमीन का मुआवजा उठाना पड़ता है, इसके बाद मुआवजे को एडीएम कार्यालय में जमा करना पड़ता है। मुआवजा जमा होने के बाद ही किसान के नाम प्राधिकरण आबादी का बैकलीज करता है। किसानों का कहना है कि बैकलीज की लंबी प्रक्रिया है। इससे उन्हें बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है। किसान इस मांग को लेकर अड़े है कि आबादी की जमीन का फ्री-होल्ड किया जाएगा। पिछले सप्ताह किसानों की मांग पर प्राधिकरण ने फ्री-होल्ड के लिए शासन को पत्र भेजने का आश्वासन दिया है। किसान अब उम्मीद लगाए बैठे है कि शासन से आबादी की जमीन को फ्री-होल्ड करने की अनुमति मिल जाए। अनुमति मिलने पर बैकलीज की प्रक्रिया से छुटकारा मिल जाएगा। बुधवार को प्राधिकरण ने रिठौरी गांव के किसानों की आबादी का निस्तारण किया। प्राधिकरण ने ज्यादातर किसानों के आबादी का निस्तारण कर दिया।

    Dainik Jagran
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    अतिरिक्त मुआवजे के लिए डेढ़ सौ करोड़ दिए


    ग्रेटर नोएडा : हाईकोर्ट के आदेश पर प्राधिकरण ने 39 गांवों के किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देना शुरू कर दिया है। मुआवजा बांटने के लिए बुधवार को प्राधिकरण ने डेढ़ सौ करोड़ रुपये एडीएम को रिलीज किया। आधा दर्जन गांवों के लिए खाते में पैसा भेजा गया है। बृहस्पतिवार से किसानों को अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा।

    पैसे की कमी के चलते ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देना बंद कर दिया था। मास्टर प्लान 2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर होने के बाद प्राधिकरण को बिल्डरों व आवंटियों से किस्त मिलनी शुरू हो गई। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरीश वर्मा ने बताया कि आधा दर्जन गांवों के खाते में बुधवार को डेढ़ सौ करोड़ रुपये रिलीज कर दिए गए हैं। एडीएम भूमि अध्यापित को निर्देश दिया गया है कि जिन गांवों के खाते में पैसा पहुंच गया है उन गांवों के किसानों को बृहस्पतिवार से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। उन्होंने बताया कि बिल्डरों व आवंटियों से किस्त मिलने के साथ ही अन्य गांवों के किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देना शुरू कर दिया जाए। एक हजार करोड़ रुपये का ऋण लेने के लिए प्राधिकरण ने विभिन्न बैंकों में आवेदन किया है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस माह के अंत तक बैंकों से ऋण मिल जाएगा। इसके बाद सभी किसानों को अतिरिक्त मुआवजा बांट दिया जाएगा। अतिरिक्त मुआवजा देने की मांग को लेकर किसान काफी दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। प्राधिकरण ने अक्टूबर के अंत तक सभी किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। मालूम हो कि 21 अक्टूबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 39 गांवों के किसानों को 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा देने का निर्देश दिया था।

    आबादी निस्तारण पर बैकलीज में रुचि नहीं
    संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : प्राधिकरण किसानों की आबादी का तेजी के साथ निराकरण कर रहा है, किसान आबादी की बैकलीज कराने में तेजी नहीं दिखा रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि उनकी आबादी को फ्री-होल्ड करने का फैसला शासन ले सकता है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब तक दो दर्जन गांवों की आबादी का निस्तारण कर चुका है। आबादी का निस्तारण होने के बाद प्राधिकरण ने बैकलीज के लिए कार्यक्रम जारी कर दिया। दो सप्ताह बीत जाने के बाद कुछेक किसान आबादी की बैकलीज कराने के लिए फॉर्म जमा किया है।
    आबादी का निस्तारण होने के बाद किसान को उस जमीन का मुआवजा उठाना पड़ता है, इसके बाद मुआवजे को एडीएम कार्यालय में जमा करना पड़ता है। मुआवजा जमा होने के बाद ही किसान के नाम प्राधिकरण आबादी का बैकलीज करता है। किसानों का कहना है कि बैकलीज की लंबी प्रक्रिया है। इससे उन्हें बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है। किसान इस मांग को लेकर अड़े है कि आबादी की जमीन का फ्री-होल्ड किया जाएगा। पिछले सप्ताह किसानों की मांग पर प्राधिकरण ने फ्री-होल्ड के लिए शासन को पत्र भेजने का आश्वासन दिया है। किसान अब उम्मीद लगाए बैठे है कि शासन से आबादी की जमीन को फ्री-होल्ड करने की अनुमति मिल जाए। अनुमति मिलने पर बैकलीज की प्रक्रिया से छुटकारा मिल जाएगा। बुधवार को प्राधिकरण ने रिठौरी गांव के किसानों की आबादी का निस्तारण किया। प्राधिकरण ने ज्यादातर किसानों के आबादी का निस्तारण कर दिया।

    Dainik Jagran


    Sir ji bahut acchi khabar hai .. ye bhi batao vo 6 gaon kaun se hain jinme ye muawaja diya jayega?
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  • Originally Posted by Sunder_Lal
    Sir ji ek din ki chutti le lo aap aur moderator .. public khul le bhadaas nikal legi aur post bhi badh jayenngi. :D


    Dhire -Dhire bolo.. kahi IGRM sun na le:D
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  • Originally Posted by Sunder_Lal
    Sir ji bahut acchi khabar hai .. ye bhi batao vo 6 gaon kaun se hain jinme ye muawaja diya jayega?


    Money is not yet distributed... so once it is started.. we will have names of villages... btw.. this will shut Manveer Bhati mouth for some more days ...;)
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    Money is not yet distributed... so once it is started.. we will have names of villages... btw.. this will shut Manveer Bhati mouth for some more days ...;)


    Sir ji agar seriously muawaja bat gaya to sare andolankaari paisa leke satak lenge .. bhati aur uske jaise baki neta jo khalal daal rahe hain akele khade hue chillate reh jayenge jaise rashtrapati chunav ke baad PA sangma chilla raha tha. :D
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  • .
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  • रिठौरी गांव की आबादी की समस्या सुलझी

    ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी एरिया के किसानों की आबादी से संबंधित समस्याआंे के निस्तारण का काम बुधवार से शुरू हो गया है। अथॉरिटी की हाई पावर कमेटी की मीटिंग में बुधवार को रिठौरी गांव की आबादी की समस्या का निस्तारण किया गया। गुरुवार को अजायबपुर गांव के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। अथॉरिटी के एसीईओ सी.के. पांडे की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी की मीटिंग हुई। रिठौरी निवासी संयुक्त किसान संघर्ष समिति की कोर कमेटी के सदस्य दिनेश भाटी ने बताया कि गांव के 15 किसानों की आबादी से संबंधित समस्याओं को सुना गया। किसानांे की इच्छा के मुताबिक सभी मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। एसीईओ ने बताया कि गुरुवार को अजायबपुर के किसानांे की आबादी संबंधित समस्याआंे का निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए गांव के किसानांे को पहले ही लेटर भेज दिया गया है।

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  • मुआवजे के रेट की पॉलिसी में बदलाव पर हो रहा विचार

    यूपी में किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले सर्कल रेट का 6 गुना मुआवजा देने की योजना परवान नहीं चढ़ रही है। अब इस पर नए सिरे से चिंतन किया जा रहा है। मुआवजे के रेट की पॉलिसी में बदलाव की तैयारी की जा रही है। इसमें सर्कल रेट के 6 गुना के बजाय दूसरा फॉर्म्युला अपनाया जा सकता है। सर्कल रेट का 6 गुना किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित नहीं हो रहा है। यह खुलासा बुधवार को सूरजपुर में यूपी के पूर्व मंत्री और सीनियर एसपी नेता नरेंद्र भाटी ने किया।

    भाटी ने बताया कि प्रदेश में सर्कल रेट का 6 गुना मुआवजा देने में तकनीकी दिक्कत सामने आ रही है। जमीन कई प्रकार की होती है और सभी के सर्कल रेट अलग-अलग होते हैं। गांव से सटी जमीन के रेट अधिक हैं तो दूरदराज में रेट कम होता है। इसी तरह उपजाऊ व कम उपजाऊ जमीन के सर्कल रेट में अंतर होता है। दिक्कत यह है कई जगह सर्कल रेट का 6 गुना मुआवजा वहां के वर्तमान मुआवजे से भी कम है। इसके चलते किसान जमीन देने से इनकार कर रहे हैं। नरेंद्र भाटी ने बताया कि किसान सैफई में एक प्रोजेक्ट के लिए और दूसरे जिले में एनटीपीसी के प्रोजेक्ट के लिए सर्कल रेट के 6 गुना रेट पर जमीन देने से इनकार कर रहे हैं। इसके चलते कोशिश की जा रही है कि पहले की तरह एक इलाके में समान रेट हो जाएं। बीच का रास्ता निकालने पर विचार किया जा रहा है।

    कोर्ट केस के चलते नहीं तय हो पा रहा मुआवजा रेट

    गौतमबुद्धनगर में सर्कल रेट का 6 गुना मुआवजा देने से अथॉरिटीज के हाथ खड़ा करने के सवाल पर उन्होंने बताया कि यह जरूरी नहीं है कि सरकार अथॉरिटी की बात मानेगी ही। कोर्ट में पेंडिंग किसानों की याचिकाओं के कारण जिले में मुआवजे का रेट तय करने में देरी हो रही है। ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी एरिया में 630 मुकदमे हाई कोर्ट में पेंडिंग हैं। जिले में कमिश्नरी लाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे यहां विकास पटरी पर आ जाएगा।



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  • किसान चौक को मान्यता देने की मांग

    ग्रेटर नोएडा :
    ग्रेटर नोएडा वेस्ट एरिया में किसान चौक को मान्यता दिलाने के लिए किसान बुधवार को अथॉरिटी एसीईओ से मिले। किसान संघर्ष समिति ने मांग की है कि हिंडन नदी के पास बने गोलचक्कर का नाम किसान चौक रखा जाए। किसानों ने बताया कि एक बिल्डर ने इस चौक का नाम अपने नाम पर रख दिया है। जबकि इस गोलचक्कर पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने गौतमबुद्ध की चारमुखी लाट पर प्रतिमा लगा रखी है। एसीईओ ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में सीईओ के साथ बात करेंगे। इसके बाद ही कोई फैसला किया जाएगा। एसीईओ से मिलने वालों में किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी, रोजा गांव के प्रधान अजय समेत कई किसान शामिल थे। बता दें कि किसानों ने मंगलवार को महापंचायत कर गौड़ सिटी चौक पर किसान चौक का बोर्ड लगा दिया था।




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  • जल्द मिलेगा बढ़ा हुआ मुआवजा

    ग्रेटर नोएडा :
    ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी एरिया के किसानों को जल्द बढ़ा हुआ मुआजवा मिलने लगेगा। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने इसके लिए एडीएम लैंड एक्विजशन ऑफिस को 150 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। अथॉरिटी के एसीईओ हरीश वर्मा ने बताया कि बहुत से किसानों को बढे़ हुए मुआवजे का चेक दिया जा चुका है। जो किसान बच गए हैं, उन्हें भी जल्द मुआवजा मिल जाएगा। इसके लिए 150 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। सभी को मुआवजा देने के लिए अथॉरिटी को 1000 करोड़ रुपये की जरूरत है। 850 करोड़ रुपये के लिए अथॉरिटी बैंकों से लोन लेने का प्रयास कर रही है। एसीईओ के मुताबिक जल्द ही लोन मिल जाएगा। 23 अक्टूबर तक सभी बिल्डरों से किश्तें मिलने की भी उम्मीद है।

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  • Originally Posted by del_sanju
    What is POLYLINE AREA? RCC SLAB AREA?

    rather than fighting kuch gyan hi dedo:o



    Koi bata do yaar. Wat is dis?
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  • Originally Posted by del_sanju
    Koi bata do yaar. Wat is dis?


    RCC slab area: A complete area covered by Beams at floor.

    Poly Line Area:Its an auto-cad software command during layout design where we can consider any shape as a polygon.

    rest... you can ask to google uncle.
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  • RCC ( Reinforced Cement Concrete Slab) :


    Reinforced Concrete Slab is the one of the most important component in a building. It is a structural element of modern buildings. Slabs are supported on Columns and Beams

      RCC Slabs whose thickness ranges from 10 to 50 centimetres are most often used for the construction of floors and ceilings.


        Thin concrete slabs are also used for exterior paving purpose.
        RCC Slab Construction


          In many domestic and industrial buildings a thick concrete slab, supported on foundations or directly on the sub soil, is used to construct the ground floor of a building.


            In high rises buildings and skyscrapers, thinner, pre-cast concrete slabs are slung between the steel frames to form the floors and ceilings on each level.


              While making structural drawings of the reinforced concrete slab, the slabs are abbreviated to “r.c.slab” or simply “r.c.”.
              Poly Line Area : used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines.... used in auto case software for making maps/layout et optoins.. for dotted lines....
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    किसान चौक को मान्यता देने की मांग

    ग्रेटर नोएडा :
    ग्रेटर नोएडा वेस्ट एरिया में किसान चौक को मान्यता दिलाने के लिए किसान बुधवार को अथॉरिटी एसीईओ से मिले। किसान संघर्ष समिति ने मांग की है कि हिंडन नदी के पास बने गोलचक्कर का नाम किसान चौक रखा जाए। किसानों ने बताया कि एक बिल्डर ने इस चौक का नाम अपने नाम पर रख दिया है। जबकि इस गोलचक्कर पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने गौतमबुद्ध की चारमुखी लाट पर प्रतिमा लगा रखी है। एसीईओ ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में सीईओ के साथ बात करेंगे। इसके बाद ही कोई फैसला किया जाएगा। एसीईओ से मिलने वालों में किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी, रोजा गांव के प्रधान अजय समेत कई किसान शामिल थे। बता दें कि किसानों ने मंगलवार को महापंचायत कर गौड़ सिटी चौक पर किसान चौक का बोर्ड लगा दिया था।

    Navbharat times


    Buyers should not have problem with this.(my pov)

    Kisan Chauk rakh do .....ya BHati chauk...

    next Gol chakkar.papa ke nam pe rakh do ....Chaudhari chauk.

    agla wala mamma ke nam pe.... Kamla Devi chauk.. :bab (59):

    esase phle bhi rkhe gye hai Nehru/indira/maya per Aam janta ko kya milta hai.

    Kitne log khte ki vo Gautam Buddh nagar ya Mahan Gautam Buddh nagar me rhte hai.
    No one says.

    We say Noida or Greater Noida.

    Agar inhe aise hi khus hona hai to kar do.....with due respect.
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  • Originally Posted by del_sanju
    Koi bata do yaar. Wat is dis?



    Sanju Bhai,

    BBA mila yaan nahin.
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