पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • Originally Posted by TRUE FRIEND
    State Bank of Patiala Kondli is disbursing loans in unapproved projects if home buyer is able to offer other property as collateral security for intervening period i.e. till possession of new house. You may contact State Bank of Patiala, Zonal Office , NBCC Place, Near Sai Temple, Lodhi Road New Delhi or their Kondli, Noida , Greater Noida branches. Better in touch with Zonal Office.

    this is simply loan against property not a home loan - anyone can get loan where a different collateral is offered for any purpose.

    rohit
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  • ‘Dwarka E-way, Noida Extension among areas to give top returns’
    TIMES NEWS NETWORK


    Mumbai: Ulwe in Navi Mumbai, Wadala and Chembur are expected to generate the highest returns for residential real estate investors over the next five years, a report by property firm Knight Frank has revealed. In fact, seven of the top 9 spots on the list of 13 areas are occupied by localities in Mumbai and Pune. While rates in Ulwe are expected to rise 145% in five years, in Wadala and Chembur, the hike is likely to be 133% and 125%, respectively.

    The report seeks to identify areas that will develop because of factors such as job creation, infrastructure development and lifestyle change. “We identified 100 cities using banking penetration, hotel room demand, and air passenger traffic as surrogates for business activities. For infrastructure development, the current and proposed investment in infrastructure were taken as proxies,” said Samantak Das, director, Kinght Frank.
    Based on the study, Mumbai, Delhi, Bangalore, Chennai and Pune emerged as the top five cities within which the firm decided to identify investment opportunities.
    “This is why we have not listed out cities like Hyderabad which fall outside the top five,” Das said.
    From the five cities, Knight Frank has listed 13 zones which are expected to appreciate by over 90% in the next five years. Of the 13, the top three areas are in Mumbai. They are followed by Noida Extension and Dwarka Expressway in the National
    Capital Region (NCR),
    Medavakkam in Chennai and Hinjewadi in Pune.
    The cheapest areas identified by the study are Noida Extension in NCR and K R Puram in Bangalore, where prices range around Rs 3,200 to Rs 3,245/square foot. At the other end are Wadala and Chembur, where market prices reign in the region of Rs 12,000 to Rs 15,000/sq ft.

    In terms of infrastructure, Ulwe is expected to gain because of new projects,
    which include suburban rail connectivity, the trans-harbour creek bridge and the proposed Navi Mumbai airport. Although there has been a spate of title disputes in Ulwe in the past, lenders say Cidco has become more discerning and there are now projects with clear title where big names such as HDFC are willing to lend. Wadala prices are expected to rise as the area gets re-rated following lifestyle changes that are taking place as very large projects come up. “Link road in Malad has already witnessed a lifestyle shift which has resulted in prices there rising faster. Wadala, too, is undergoing a lifestyle shift,” Das said. Chembur is expected to benefit from the completion of the Santa Cruz-Chembur link road, the Eastern Express Freeway and the monorail.
    According to Das, the Planning Commission’s projection of a housing shortage of 26 million units does not reflect the demand for housing but the need. Employment generation will translate that need into demand by increasing affordability, he said, adding, “Our research is targeted at the end-user and not those who are looking at property for self occupation. We have projected the appreciation net of transaction costs but have not taken into account either the rental income or expenses for maintaining the property. In any case, the rental income will only be around 2%.”
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  • ग्रेटर नोएडा वेस्ट को निवेशकों का इंतजार
    Updated on: Tue, 20 Nov 2012 11:36 PM (IST)



    ग्रेटर नोएडा वेस्ट को निवेशकों का इंतजार

    संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान-2021 को मंजूरी दिए जाने के बावजूद ग्रेनो के बिल्डर परियोजनाओं में पूरी तरह से रौनक नहीं लौट पा रही है। बिल्डरों द्वारा फ्लैटों की कीमत में इजाफा किए जाने से नए निवेशक बुकिंग कराने नहीं आ रहे हैं। हालांकि, अधिकांश बिल्डरों ने फ्लैटों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन कार्य धीमी गति से चल रहा है। बीच-बीच में किसान भी अपनी मांगों को लेकर अवरोध पैदा कर देते हैं। इसका विपरीत प्रभाव पूंजी निवेश पर पड़ रहा है। अब इस ऊहापोह की स्थिति में नए निवेशक पूंजी लगाने से हिचकिचा रहे हैं। बैंक भी कर्ज देने में कंजूसी बरत रहे हैं। उधर, कई बिल्डर परियोजनाओं में तो निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ है।

    गत वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट व इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा साबेरी एवं पतवाड़ी गांव में जमीन अधिग्रहण रद करने के बाद ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट पर ग्रहण लगना शुरू हो गया था। हाईकोर्ट के 21 अक्टूबर 2011 के 64.7 अतिरिक्त मुआवजा व अर्जित भूमि की एवज में दस फीसद जमीन देने के आदेश के बाद प्राधिकरण का किसानों के साथ समझौता तो हो गया था, लेकिन एक वर्ष तक एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से शहर का मास्टर प्लान स्वीकृत न होने के कारण निर्माण कार्य बंद रहा। मास्टर प्लान की बाधा 24 अगस्त को समाप्त हो गई थी। तीन माह होने जा रहे हैं, लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिल्डर परियोजनाओं में पहले जैसी रौनक अब तक नहीं लौटी है।

    फ्लैटों की बढ़ी कीमत को माना जा रहा कारण

    जमीन का विवाद हाईकोर्ट में पहुंचने से पहले बिल्डर दो से ढाई हजार रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से फ्लैट बेच रहे थे। किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने के लिए प्राधिकरण ने बिल्डरों से करीब दो हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर अतिरिक्त धनराशि और लेने का नोटिस भेज दिया। इसके बाद बिल्डरों ने भी फ्लैटों की कीमतों में इजाफा करते हुए उसे तीन से चार हजार रुपये प्रति वर्ग फीट कर दिया है। बढ़ी कीमतों की वजह से नए निवेशक खरीदारी के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।

    निर्माण कार्य के लिए नहीं आ रहे मजदूर

    धीमी गति से निर्माण होने के पीछे किसानों के विरोध को भी मुख्य कारण माना जा रहा है। बिल्डर जैसे ही मजूदर मंगाकर निर्माण कार्य शुरू करते हैं, तो किसान अपनी मांग को लेकर निर्माण कार्य बंद कराने का एलान कर देते हैं। इससे मजदूर भाग खड़े होते हैं। पिछले तीन माह में कई बार परियोजनाओं में निर्माण कार्य बंद कराकर मजदूरों को भगाया जा चुका है। इससे मजदूरों की दिहाड़ी प्रभावित होती है। रोजना काम न मिलने के कारण वह कार्य करने को तैयार नहीं हैं।

    सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के इंतजार का भी असर

    इलाहाबाद हाईकोर्ट के 21 अक्टूबर के फैसले को विभिन्न गांवों के डेढ़ सौ से अधिक किसानों ने चुनौती दे रखी है। कुछ बिल्डर कोर्ट में सुनवाई शुरू होने का इंतजार करना चाहते हैं। उनके मन में कहीं न कहीं सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

    साढ़े तीन लाख फ्लैट बनने हैं ग्रेनो वेस्ट में

    ग्रेटर नोएडा वेस्ट करीब ढाई हजार हैक्टेयर भूमि पर बसा है। प्राधिकरण ने करीब 70 परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटित की है। इन पर साढ़े तीन लाख फ्लैट बनाए जाने प्रस्तावित है। एक लाख फ्लैटों की बुकिंग हो चुकी है। बाकी के लिए बिल्डर इंतजार कर रहे हैं।

    निवेशकों को भी फ्लैट के लिए करना होगा इंतजार

    फ्लैटों की बुकिंग करते समय बिल्डरों ने निवेशकों को तीन से चार वर्ष के अंदर निर्माण कार्य पूरा कर कब्जा देने का समझौता किया था। इसमें डेढ़ से दो वर्ष की देरी हो सकती है। एक बिल्डर ने कहा कि एक वर्ष तक निर्माण कार्य बंद रहा। निर्माण को गति पकड़ने में छह माह और लग जाएंगे। इससे बिल्डरों को भी डेढ़ से दो वर्ष बाद फ्लैटों पर कब्जा मिलेगा।

    प्राधिकरण की तरफ से नहीं है कोई अड़चन : सीईओ

    ग्रेटर नोएडा के सीईओ रमा रमण का कहना है कि निर्माण कार्य में प्राधिकरण की तरफ से कोई अड़चन नहीं है। किसानों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का भी निराकरण किया जा रहा है। किसान भी अब अवरोध पैदा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि शीघ्र ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सभी बिल्डर परियोजनाओं में तेजी से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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  • NE has already given more than 80% returns in past two years for those who invested in 1800-2000psf rate in 2010 but only in BOOKs as no RE-sale is allowed yet.
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  • Saw A huge board at UP gate- VVIP coming in GNoida West with suresh raina. Ab VVIP bhi aa gaya.

    Guys these builders are coming up knowing that cases are pending in SC. Kuch toh positive lag rha hoga inhe. SC me koi pahle se hi setting ho gayi hai kya?

    Ya kam log hai SC me case karne wale.?
    Authorty unhe kyu nhi mana rhi hai pahle?
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    NE has already given more than 80% returns in past two years for those who invested in 1800-2000psf rate in 2010 but only in BOOKs as no RE-sale is allowed yet.


    Yes,I think it is expected due to lowest price among other areas of NCR while having better connectivity.
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  • Originally Posted by del_sanju
    Saw A huge board at UP gate- VVIP coming in GNoida West with suresh raina. Ab VVIP bhi aa gaya.

    Guys these builders are coming up knowing that cases are pending in SC. Kuch toh positive lag rha hoga inhe. SC me koi pahle se hi setting ho gayi hai kya?

    Ya kam log hai SC me case karne wale.?
    Authorty unhe kyu nhi mana rhi hai pahle?


    in which sector?
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  • bhai logo,

    kisi ko pata laga ki pond kaha par hai techzone mein aur kaun sa project impacted hai. abhi tak ki zindagi bhar ki kamai aur aage ki bachi zindagi bhar ki gulami (loan) ka sawal hai.
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  • Originally Posted by Pradyot1315sqf
    in which sector?


    Bhaisaab board dekha tha bus baki pata nhi.

    Pond area me hai dariya me hai, khodedaan ke paas hai, flood hit area me hai pata nhi

    :D
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  • Originally Posted by del_sanju
    Bhaisaab board dekha tha bus baki pata nhi.

    Pond area me hai dariya me hai, khodedaan ke paas hai, flood hit area me hai pata nhi

    :D


    ho sakta hai sewage treatment plant ke bagal mein ho ! ;)
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  • Originally Posted by trialsurvey
    ho sakta hai sewage treatment plant ke bagal mein ho ! ;)



    Location ki inti achi description mil rhi hai aajkal ki bus. n Gnoida spending so much on it.
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  • Noida Extension flat owners meet Maken
    Press Trust of India / Greater Noida November 21, 2012, 20:15
    Flat owners in Noida Extension today met Housing and Urban Poverty Alleviation Minister Ajay Maken for resolution of their issues regarding cancellation of flat allotments by
    builders.
    Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA) said that thousands of flat buyers are in dilemma because of cancellation of allotments.
    "Builders are continuously cancelling allotments. They are trying to make more profits by cancelling the bookings of buyers on the pretext of not being paid an amount of 10
    per cent of BSP (Basic Sale Price) or not sign addendum by buyers or not being paid an interest," NEFOMA representative Annu Khan said.
    "We have requested the Minister to help these investors by issuing directions to builders. He assured us to take the matter on priority,"
    Khan said.
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  • ग्रेनो वेस्ट के निवेशक केंद्रीय मंत्री से मिले
    Updated on: Wed, 21 Nov 2012 11:44 PM (IST)


    संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवेशकों ने बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ केंद्रीय मंत्री अजय माकन से गुहार लगाई है। बुधवार को नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर एंड मेंबर एसोसिएशन नेफोमा के नेतृत्व में निवेशकों ने दिल्ली जाकर केंद्रीय आवास व्यवस्था एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री अजय माकन से मिले।

    निवेशकों ने केंद्रीय मंत्री से शिकायत की कि कुछ बिल्डर उनके फ्लैट रद कर रहे हैं। इतना ही नहीं, फ्लैट रद करने से पहले जारी नोटिस का सबूत मांगने पर देने से इन्कार कर रहे हैं। कुछ लोगों का फ्लैट सर्विस टैक्स की वजह से भी रद किया गया है। बहुत सारे ऐसे भी लोग हैं, जिनसे भारी भरकम ब्याज की मांग की जा रही है, जबकि उससे पहले तक बिल्डरों ने कोई डिमांड नहीं भेजी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पतवाड़ी और साबेरी गांव का जमीन अधिग्रहण रद होने के बाद बिल्डर ने वादा किया था कि वे सभी प्रभावित फ्लैट निवेशकों को बिना बिके हुए फ्लैटों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। आज सबसे ज्यादा इन्हीं लोगों के फ्लैट रद किए जा रहे हैं। बिल्डरों द्वारा बार-बार फ्लैट बुकिंग रद करने का नोटिस दिया जा रहा है। नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस मुद्दे पर वे पूरी तरह निवेशक के साथ हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस मामले में पत्र भेज कर उनकी शिकायत से अवगत कराएंगे।
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  • Originally Posted by indnefb
    bhai logo,

    kisi ko pata laga ki pond kaha par hai techzone mein aur kaun sa project impacted hai. abhi tak ki zindagi bhar ki kamai aur aage ki bachi zindagi bhar ki gulami (loan) ka sawal hai.


    There was a pond near Iteda close to 130mt(entry from gzb end) road where Gaur's Saundaryam projected and one pond was at back side of the village where centurian park is located on wikimap.

    When there were no roads in this area we used to go via Iteda and there were two ponds but not sure these/one of them are same in news.
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  • नोएडा एक्सटेंशन में प्रॉपर्टी 5 साल में दोगुनी महंगी?


    नवभारत टाइम्स | Nov 21, 2012, 05.57AM IST
    नई दिल्ली।। निवेश के लिहाज से देश के सबसे बेहतरीन पांच रेजिडेंशल इलाकों में दिल्ली-एनसीआर के ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) और द्वारका एक्सप्रेस-वे भी शामिल हैं। ]B]ग्लोबल प्रॉपर्टी कंसलटेंट नाइट फ्रैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले पांच साल में नोएडा एक्सटेंशन में मकान की कीमतें 111 पर्सेंट बढ़ने की संभावना है। इस दौरान द्वारका एक्सप्रेस-वे के आसपास प्रॉपर्टी के रेट 108 पर्सेंट बढ़ने का अनुमान है। लिस्ट में पहला नंबर मुंबई के उल्वे इलाके का है, जहां 2017 तक रिहाइशी प्रॉपर्टी की कीमतों में 145 पर्सेंट तक का उछाल आ सकता है।

    नाइट फ्रैंक ने देश भर में सर्वे करके सबसे बेहतर रिटर्न देने वाले 13 रेजिडेंशल इलाकों की पहचान की है। दावा किया गया है कि रीयल एस्टेट मार्केट की ग्रोथ कम रहने के बावजूद यहां प्रॉपर्टी के रेट में अच्छा खासा इजाफा होगा। इस लिस्ट में छठे नंबर पर मौजूद चेन्नै के मेदावक्कम इलाके में रेजिडेंशल प्रॉपर्टी वर्ष 2017 तक 103 पर्सेंट महंगी हो सकती है। इसी तरह पुणे के हिंजेवाडी में 100 पर्सेंट, ताथावाडे में 98 पर्सेंट और रावत में 97 पर्सेंट कीमतें बढ़ सकती हैं। बेंगलुरु के हेब्बल में 94 पर्सेंट, चेन्नै के पल्लीकरनी में 93 पर्सेंट, पुणे के वकाड में 91 पर्सेंट और बेंगलुरु के केआर पुरम में प्रॉपर्टी खरीदने पर अगले 5 साल में 91 पर्सेंट का फायदा मिलने की संभावना जताई गई है।

    2017 : यहां सबसे ज्यादा मुनाफा

    जगह कीमतों में अनुमानित बढ़ोतरी
    1. उल्वे, मुंबई : 145 पर्सेंट
    2. वडाला, मुंबई : 133 पर्सेंट
    3. चेंबूर, मुंबई : 125 पर्सेंट
    4. नोएडा एक्सटेंशन : 111 पर्सेंट
    5. द्वारका एक्स.-वे : 108 पर्सेंट इस दौरान द्वारका एक्सप्रेस-वे के आसपास प्रॉपर्टी के रेट 108 पर्सेंट बढ़ने का अनुमान है। लिस्ट में पहला नंबर मुंबई के उल्वे इलाके का है, जहां 2017 तक रिहाइशी प्रॉपर्टी की कीमतों में 145 पर्सेंट तक का उछाल आ सकता है।

    नाइट फ्रैंक ने देश भर में सर्वे करके सबसे बेहतर रिटर्न देने वाले 13 रेजिडेंशल इलाकों की पहचान की है। दावा किया गया है कि रीयल एस्टेट मार्केट की ग्रोथ कम रहने के बावजूद यहां प्रॉपर्टी के रेट में अच्छा खासा इजाफा होगा। इस लिस्ट में छठे नंबर पर मौजूद चेन्नै के मेदावक्कम इलाके में रेजिडेंशल प्रॉपर्टी वर्ष 2017 तक 103 पर्सेंट महंगी हो सकती है। इसी तरह पुणे के हिंजेवाडी में 100 पर्सेंट, ताथावाडे में 98 पर्सेंट और रावत में 97 पर्सेंट कीमतें बढ़ सकती हैं। बेंगलुरु के हेब्बल में 94 पर्सेंट, चेन्नै के पल्लीकरनी में 93 पर्सेंट, पुणे के वकाड में 91 पर्सेंट और बेंगलुरु के केआर पुरम में प्रॉपर्टी खरीदने पर अगले 5 साल में 91 पर्सेंट का फायदा मिलने की संभावना जताई गई है।

    2017 : यहां सबसे ज्यादा मुनाफा

    जगह कीमतों में अनुमानित बढ़ोतरी
    1. उल्वे, मुंबई : 145 पर्सेंट
    2. वडाला, मुंबई : 133 पर्सेंट
    3. चेंबूर, मुंबई : 125 पर्सेंट
    4. नोएडा एक्सटेंशन : 111 पर्सेंट
    5. द्वारका एक्स.-वे : 108 पर्सेंट
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