पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
Read more
Reply
16355 Replies
Sort by :Filter by :
  • दस फीसदी भूमि आवंटन समझौता में बन रहा रोड़ा


    ग्रेटर नोएडा : प्राधिकरण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर अमल करते हुए किसानों को 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रथम चरण में छह गांवों को मुआवजे के चेक बांटने के लिए चुना गया है, लेकिन समझौते की राह में दस प्रतिशत भूखंड आवंटन रोड़ा बन रहा है।
    हाईकोर्ट ने प्राधिकरण अर्जित भूमि की एवज में छह प्रतिशत जमीन के बजाय दस प्रतिशत जमीन देने की बात कही थी। प्राधिकरण का कहना है कि जिन गांवों में भूमि आवंटन हो चुका हैं, वहां अब शेष चार प्रतिशत जमीन देना संभव नहीं है। प्राधिकरण बाजार दर का औसत निकालकर किसानों को चार प्रतिशत जमीन की कीमत देना चाहता है। किसान इसके लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। उनका कहना है कि दस प्रतिशत जमीन दी जाए, तभी वे समझौता करेंगे।
    प्राधिकरण ने बिसरख, रोजा याकूबपुर, ऐमनाबाद, हैबतपुर, इटैड़ा व मायचा गांव में मुआवजा बांटने के लिए फाइल बनवानी शुरू की थी। रोजा याकूबपुर व मायचा में बुधवार व बृहस्पतिवार को मुआवजे के चेक बांटे जाने थे। दोनों गांवों से सिर्फ छह दर्जन किसान ही आगे आए। बाकी किसानों ने फाइल बनवाने से इनकार करते हुए का कि जब तक उन्हें दस प्रतिशत जमीन देने का भरोसा नहीं दिलाया जाएगा, तब तक वे फाइल नहीं बनवाएंगे। मायचा के पूर्व प्रधान राजेंद्र भाटी, रोजा याकूबपुर के किसान संजय नागर व वरुण नागर का कहना है कि उनके गांव में भी भूमि आवंटन नहीं हुआ है। प्राधिकरण गांव के किसानों को दस प्रतिशत जमीन दे दे तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। उन्हें अर्जित भूमि की एवज में दस प्रतिशत जमीन मिलनी चाहिए।

    -D. jagran
    CommentQuote
  • किसान और निवेशक आज होंगे आमने सामने


    नोएडा

    जमीन और बिल्डर प्रोजेक्टों के बीच फंसे किसान और निवेशक दोनों के प्रतिनिधि आज अथॉरिटी सीईओ जीवेश नंदन के साथ बैठक करेंगे। शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे होने वाली इस बैठक में क्षेत्रीय सांसद सुरेंद्र नागर भी मौजूद रहेंगे। किसान और निवेशक पहली बार अपनी - अपनी समस्याओं से एक दूसरे को सांसद और सीईओ की मौजूदगी में अवगत कराएंगे। साथ ही समाधान को लेकर एक कार्य योजना का खाका तैयार करेंगे।

    हाल में आए हाई कोर्ट के आदेश और किसानों के सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी का सीधा असर बिल्डर प्रोजेक्टों पर पड़ने की आशंका है। खासकर सेक्टर - 74, 75, 76, 77, 78, 119, 120, 121 सेक्टरों में आ रहे बिल्डर प्रोजेक्टों में बुकिंग कराने वाले निवेशक यहां भी नोएडा एक्सटेंशन जैसी दिक्कतों की आशंका को लेकर भयभीत हैं। सांसद ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों से बैठक के अजेंडे को लेकर वार्ता की गई है। जिसका समाधान सीईओ के साथ होने वाली बैठक में कराया जाएगा।


    -NB times
    CommentQuote
  • Home buyers, farmers to meet Authority CEO





    NOIDA : Having failed to garner any satisfactory response from Noida authority, a group of home buyers and farmers led by ruling party MP Surender Singh Nagar will meet the Noida Authority CEO on Friday. This is the first time when home buyers and farmers jointly come forward at a joint platform to settle the issues.

    Recently a group of farmers met with the newly appointed Noida Authority CEO but reportedly only empty assurances were given to the farmers group. Fed up with the response, the farmers met with Gautambudh Nagar MP Surinder Singh Nagar, where the farmers charged with the idea to meet with Noida authority CEO along with home buyers.

    "We are also in favour of settling down the things. Farmers are not against thehome-buyers, they have invested their hard earned money. Both groups are reeling under tension and this problem only can solve once all parties come together to reach at a common solution, which benifit all the sections," said Jaiveer Kasna, a farmer leader.

    Around 12.30 pm a group of farmers representing all 54 Noida villages including Soharkha, Sarfabad, Barola, Hoshiyarpur, Salarpur, Bahlolpur. Basai, Kakrola and Parthala will meet with the newly appointed Noida authority CEO alongwith home buyers for brining a solution.

    "Even as the Allahabad high court judgment has been passed but so far Noida authority has not taken any concrete step to settle the problem and farmers are waiting for relief rendered by the court. The delay in processing will hamper the farmers and home buyers both. The authority should settle the things soon," farmer Mahinder Singh said genuine farmers are not in favour of leading this legal fight further and want to settle at local level after reaching at a point of compromise with the authorities while some politically motivated farmers want to keep land acquisition agitation alive and threatening to move Supreme Court.

    Earlier the farmers had been demanding 50 percent cost of market price of their land, ten percent land of the total acquired land, regularize the population areas' in the villages and 100 meter plot to those farmers, who do not have land but now majority of farmers are welcoming the move of the court and demanding the court order implementation soon.

    -TOI
    CommentQuote
  • Extra burden on plot owners - The Times of India

    Extra burden on plot owners

    GREATER NOIDA: Homebuyers who had booked their flats before the land acquisition row started seem to be the only persons who are not expected to face any financial burden after the Allahabad verdict. Individual plot owners, who were allotted land by the Greater Noida Authority through a lucky draw a few years back, stand to get no respite.

    Authority (GNIDA) officials say that a hike in land rates to the tune of 15-20 per cent is imminent for such plot owners as the Authority has to collect funds to pay extra compensation to farmers. The GNIDA does an annual cost calculation of development works undertaken in Greater Noida every year regarding civil, electricity works and so on. As per the agreement with the allottees of land, it adds this cost to the allotment rates. "This clause also provides the Authority the right to recover from land allottees the cost borne by it on a prospective basis, in terms of increase in land acquisition rates," said a senior official of the Authority. "Given the huge costs involved in paying extra compensation to farmers, a hike of 15-20 per cent is imminent for all land owners. A final rate is to be worked out in the next board meeting," added the official.

    Plot owners foresee this hike as a major burden on their pockets since most of them belong to middle-income families who got the plots for end use and not for commercial purposes. "My income will not allow me to pay such stiff rates on the plots that we have been allotted," said Sumit Bansal, a private sector employee, who has a 120sqm plot in sector 3 of Noida Extension. "I have also taken a housing loan from a bank after exhausting my savings on this plot. I have no idea where to get the extra money," added Bansal.

    Homebuyers are, for the time being, immune from any hike in costs as builders have assured them that cost escalation of land will not be passed on to existing customers. "We have to bear the costs ourselves because we have purchased land directly from the Authority," said RP Tyagi, a medical professional, who had won a 120sqm plot in a lucky draw in 2008.

    There are around 4,000 plot owners who had been allotted plots of various sizes under the scheme floated by GNIDA in 2008. The provision given to builders for increase in floor area ratio (FAR) will allow them to construct 25- 30 per cent more housing units over the same area and thereby help them tide over sharing the compensation burden to be handed out to farmers. "However, the same provision, even if applicable to individual plot owners, will not be beneficial to us as we are not going to use our plots for commercial purposes," said Saket Budhiraja, an employee in a publishing firm in Delhi, who had been allotted a 200sqm plot.

    Plot owners also complain that despite the legal tangle, the Authority, instead of suspending payment of all instalments till the time the dispute is resolved, has insisted that they pay them regularly or face penalties. "My instalment was due for August, but given the legal tangle I delayed payment till October. The GNIDA penalized me for delaying the instalment," said Budhiraja.
    CommentQuote
  • UP planning cell clears doubts in Gr Noida Plan

    UP planning cell clears doubts in Gr Noida Plan
    Ayesha Arvind, TNN | Nov 12, 2011, 04.11AM IST


    GREATER NOIDA: In a major step forward to sort out the ongoing land row in Noida Extension, senior officials of the Uttar Pradesh NCR planning cell held a meeting on Friday to clear all doubts pertaining to the Greater Noida Master Plan 2021 in accordance with the Allahabad High Court order. The Planning Cell went through and agreed upon all changes that the Greater Noida Authority had made in the Master Plan. These changes are now being incorporated in the UP sub-regional plan that the cell will then forward to the NCR Planning Board (NCRPB) in Delhi for a final sanction.

    The Authority had sent details of the changes in the Master plan to the state government that, in turn, had forwarded them to the planning cell earlier this month. The HC had ruled that no development activity would be carried out in the area until the NCR Planning Board's approval was obtained.

    The approval mainly pertains to change in land use of around 2,500 hectares of land in Greater Noida that the Authority claims was approved by the state government at the time. In 2007, the Authority had created 'Noida Extension' by diverting 2,500 hectares of the total 3,000 hectares of industrial land in the area for residential use. This sparked off the controversy that resulted in 40-odd villages approaching the HC for better compensation or return of their land. The HC then ordered for mandatory approval from the NCRPB for the housing projects to continue.

    Authority officials claim that the UP planning cell's approval means "half the battle is won." According to the Authority, since the NCRPB had been informed of all the changes in the Master Plan at the time they were made, it is likely that following the approval of the planning cell, a sanction from the Planning Board will follow soon. "We are hopeful that the Planning Board too will sanction the changes soon as everything has been done in conformity with the suggestions of the NCRPB," said GNIDA CEO Rama Raman.
    CommentQuote
  • cheers..........................
    CommentQuote
  • Extra burden on plot owners

    Homebuyers who had booked their flats before the land acquisition row started seem to be the only persons who are not expected to face any financial burden after the Allahabad verdict. Individual plot owners, who were allotted land by the Greater Noida Authority through a lucky draw a few years back, stand to get no respite.

    Authority (GNIDA) officials say that a hike in land rates to the tune of 15-20 per cent is imminent for such plot owners as the Authority has to collect funds to pay extra compensation to farmers. The GNIDA does an annual cost calculation of development works undertaken in Greater Noida every year regarding civil, electricity works and so on. As per the agreement with the allottees of land, it adds this cost to the allotment rates. “This clause also provides the Authority the right to recover from land allottees the cost borne by it on a prospective basis, in terms of increase in land acquisition rates,” said a senior official of the Authority. “Given the huge costs involved in paying extra compensation to farmers, a hike of 15-20 per cent is imminent for all land owners. A final rate is to be worked out in the next board meeting,” added the official.

    Plot owners foresee this hike as a major burden on their pockets since most of them belong to middle-income families who got the plots for end use and not for commercial purposes. “My income will not allow me to pay such stiff rates on the plots that we have been allotted,” said Sumit Bansal, a private sector employee, who has a 120sqm plot in sector 3 of Noida Extension. “I have also taken a housing loan from a bank after exhausting my savings on this plot. I have no idea where to get the extra money,” added Bansal.
    Homebuyers are, for the time being, immune from any hike in costs as builders have assured them that cost escalation of land will not be passed on to existing customers. “We have to bear the costs ourselves because we have purchased land directly from the Authority,” said RP Tyagi, a medical professional, who had won a 120sqm plot in a lucky draw in 2008.

    There are around 4,000 plot owners who had been allotted plots of various sizes under the scheme floated by GNIDA in 2008. The provision given to builders for increase in floor area ratio (FAR) will allow them to construct 25- 30 per cent more housing units over the same area and thereby help them tide over sharing the compensation burden to be handed out to farmers. “However, the same provision, even if applicable to individual plot owners, will not be beneficial to us as we are not going to use our plots for commercial purposes,” said Saket Budhiraja, an employee in a publishing firm in Delhi, who had been allotted a 200sqm plot.

    Plot owners also complain that despite the legal tangle, the Authority, instead of suspending payment of all instalments till the time the dispute is resolved, has insisted that they pay them regularly or face penalties. “My instalment was due for August, but given the legal tangle I delayed payment till October. The GNIDA penalized me for delaying the instalment,” said Budhiraja.
    CommentQuote
  • Originally Posted by silly_boy20
    do i see a panic selling to start there ?


    No Silly Boy
    Panic/distress sale is happening as per my knowledge across Neharpar only.:D
    CommentQuote
  • ????? ????????? ????? ?? NCR ????? ?? ???? ??? ?? ??????- Navbharat Times


    नोएडा एक्सटेंशन प्लान को NCR बोर्ड के यूपी सेल की मंजूरी

    किरणपाल राणा
    गाजियाबाद।। नोएडा एक्सटेंशन में कंस्ट्रक्शन शुरू होने की दूरी एक कदम और कम हुई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यहां कंस्ट्रक्शन से पहले मास्टर प्लान को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर कराने के आदेश दिए थे।

    शुक्रवार को बोर्ड के यूपी सेल ने मास्टर प्लान के विस्तृत रूप सब रीजनल प्लान 2031 के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी। इस रिपोर्ट को आठ-दस दिन में उत्तर प्रदेश सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। फिर रिपोर्ट एनसीआर बोर्ड की सेंट्रल कमिटी से भी पास होने पर ही कंस्ट्रक्शन शुरू हो सकेगा। बोर्ड अफसरों के मुताबिक इसमें कई महीने लग सकते हैं।

    बोर्ड की यूपी सेल के कमिश्नर सी.एस. वर्मा ने बताया, 'कंसल्टेंसी रिव्यू कमिटी (सीआरसी) ने ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे समेत सभी डिवेलपमेंट अथॉरिटीज के सब रीजनल प्लानों को बिना बदलाव मान लिया है। नोएडा एक्सटेंशन में भी लैंड यूज नहीं बदला गया है।' इससे रीयल एस्टेट कंपनियों को राहत मिल सकती है, क्योंकि किसानों की आपत्ति थी कि अथॉरिटी ने जमीन इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट के नाम पर ली, लेकिन उसे रेजिडेंशल इलाका बनाने के लिए बिल्डर्स को बेच दिया।
    CommentQuote
  • ????? ?????????: ????? ??? ?????????- Navbharat Times


    नोएडा एक्सटेंशन: दामों में एक्सटेंशन

    निर्भय कुमार
    नोएडा एक्सटेंशन में अब बुकिंग कराने वालों को ज्यादा कीमत चुकानी होगी। हाई कोर्ट के फैसले के बाद इलाके में कंस्ट्रक्शन का काम फिलहाल शुरू तो नहीं हुआ है , लेकिन हलचल बढ़ गई है। कुछ कंपनियों ने बुकिंग शुरू कर दी है तो कुछ थोड़े दिनों में बुकिंग शुरू करने वाली हैं। लेकिन इसमें जो एक बात कॉमन है , वह है रेट अप्रीसिएशन। हालांकि डिवेलपरों का कहना है कि इस अप्रीसिएशन का फैसले से कुछ लेना - देना नहीं है। उनके मुताबिक काफी समय से यहां रेट रिवाइज नहीं हुए थे , इसलिए महंगाई को देखते हुए रेट बढ़ाना उनकी मजबूरी हो गई है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद रीयल ऐस्टेट कंपनियों के पास बुकिंग के लिए पूछताछ होने लगी है। लेकिन अब जो बुकिंग होगी , नई दरों पर होगी।

    आम्रपाली के मैनेजिंग डायरेक्टर और क्रेडाई , नोएडा चैप्टर के प्रेसिडेंट अनिल शर्मा ने कहा कि यहां रेट में 15-20 फीसदी का इजाफा स्वाभाविक है। एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड से जैसे ही क्लीयरेंस की औपचारिकताएं पूरी होंगी , हम बुकिंग शुरू करेंगे।

    पंचशील बिल्डटेक के डायरेक्टर अनुज चौधरी ने भी फिलहाल बुकिंग शुरू नहीं करने की बात कही है। उन्होंने फ्लैट की कीमतों में बढ़ोतरी पर भी अभी हम फैसला लिए जाने की बात कही है।

    गौड़सन इंडिया के एमडी और क्रेडाई - वेस्टर्न यूपी के प्रेसिडेंट मनोज गौड़ ने कहा कि कीमतों में इजाफा कई कारणों से हो रहा है। पिछले कुछ समय में रॉ मटीरियल की कीमतें काफी बढ़ी हैं। इसलिए नोएडा एक्सटेंशन में अब जो बुकिंग होगी , वह 2,500 रुपये प्रति वर्ग फीट के आसपास होगी।
    CommentQuote
  • Farmers' issues to be settled from next week


    NOIDA: Thousands of homebuyers are set to get relief with the Noida Authority deciding to start the regularization process of abadi land and issuing developed plots from next week. In each phase, the issues of at least two villages would be settled. This decision was taken following a meeting between farmers and the Noida Authority CEO. Next week, Noida Authority will hold a meeting with homebuyers to settle their grievances and bring out a clear picture of the housing projects in which they have invested.

    Speaking to TOI, Authority CEO Jeevesh Nandan said that from Monday the issues of farmers would start getting resolved. "We have not yet decided the villages in which the issues would be settled in the first phase, but within a couple of days things will get clear," Nandan said.

    Following this announcement, farmers seemed satisfied. "The Authority had been giving us empty assurances for long, but the new CEO has given a firm promise. He said issues of two villages will be settled within a week," said a farmer leader.

    On Friday, a delegation of farmers representing all 54 Noida villages met Nandan with MP Surender Singh Nagar.

    -TOI
    CommentQuote
  • खेतों में खुदाई का विरोध


    ग्रेटर नोएडा, सं : दुजाना गांव के किसानों ने बिल्डर की ओर से खेतों में खुदाई करने का विरोध किया है। शुक्रवार को किसानों ने पंचायत कर कहा कि बिना समझौते के इस तरह की कार्रवाई करना गलत है। इसका विरोध होगा। किसानों ने तीन दिसंबर को गांव में महापंचायत बुलाई है।

    -D. jagran
    CommentQuote
  • हर हफ्ते सुलझेंगी दो गांवों की समस्याएं


    नोएडा अथॉरिटी

    अथॉरिटी के प्रशासनिक भवन में शुक्रवार को सीईओ जीवेश नंदन की क्षेत्रीय सांसद सुरेंद्र नागर की मौजूदगी में ग्राम प्रधान और किसानों के साथ बैठक हुई। इसमें सीईओ ने किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए नए रोस्टर का ऐलान किया। गांवों की समस्याएं निपटाने के दौरान हर 15 दिन बाद अथॉरिटी अधिकारियों के साथ ग्राम विकास समिति की बैठक होगी। इसमें पेंडिंग मामलों के समाधान का प्रोग्राम तय किया जाएगा। इस बैठक में फ्लैट बायर्स को भी शामिल होना था , पर आखिरी समय इसमें बदलाव कर दिया गया। किसानों की समस्याओं का समाधान शुरू होने के बाद अगले सप्ताह निवेशकों के साथ सीईओ की बैठक होगी।

    किसानों की समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया एक हफ्ते बाद शुरू होगी। पहले हफ्ते में दो गांवों को अल्फाबेटिकली सिलेक्ट किया जाएगा। उनकी समस्याओं का निस्तारण करने के बाद अगले दो गांवों के लिए यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसी तरह शहर के सभी 54 गांवों के मामले निपटाए जाएंगे। जिन दो गांवों में आबादी और 5 पर्सेंट जमीन का मामला निपटाया जाएगा। उनके पीपी एक्ट के मुकदमे वापस लेने की अर्जी कोर्ट में दी जाएगी। समझौते के बाद इन गांवों के पीपी एक्ट के सभी मुकदमे खत्म कराए जाएंगे। 1976-97 के बीच जमीन देने वाले किसानों के 1000 प्लॉटों की स्कीम का मिनी ड्रॉ 17 नवंबर को होगा। सहखातेदारों के बीच होने वाले इस ड्रॉ के बाद वास्तविक आवेदकों की संख्या सामने आ जाएगी।

    सांसद सुरेंद्र नागर ने बताया कि सीईओ ने किसानों के साथ हुए पुराने वादों और नीतियों के आधार पर काम शुरू करने का सीईओ ने आश्वासन दिया है। सांसद ने किसानों को 5 पर्सेंट की जमीन , पीपी एक्ट के मुकदमे तत्काल खत्म कराने , पुश्तैनी और गैर पुश्तैनी के बीच का अंतर समाप्त करने और प्राइवेट हॉस्पिटल व स्कूलों में स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता के आधार पर वरीयता देने की मांग की है।
    CommentQuote
  • अथॉरिटी और प्रशासन की टीम ने की पैमाइश


    नोएडा

    एक्सप्रेस वे के किनारे बसे गांव असगरपुर के किसान यूसुफ की जमीन की पैमाइश शुक्रवार देर शाम तक अथॉरिटी और प्रशासन की संयुक्त टीम ने की। रिपोर्ट अथॉरिटी के आला अधिकारियों को आज सौंपी जाएगी। यूसुफ ने अथॉरिटी पर आबादी के तहत छोड़ी गई जमीन जबरन कब्जा कर बिल्डर को देने का आरोप लगाया गया था।

    एनबीटी ने 'अपनी जमीन के लिए काट रहे चक्कर' शीर्षक से गुरुवार को समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। अथॉरिटी के तहसीलदार अरविंद और नायब तहसीलदार अजय उपाध्याय के नेतृत्व में टीम जांच करने पहुंची। वहीं, प्रशासन की तरफ से तहसीलदार दादरी और उनकी टीम ने भी किसान की आबादी वाली जमीन की पैमाइश की। अथॉरिटी के सचिव हरीश चंद्रा ने बताया कि देर शाम तक दोनों पक्षों की तरफ से संयुक्त पैमाइश पूरी कर ली गई है, जिसकी रिपोर्ट शनिवार को प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि आबादी की जमीन खसरे के हिसाब से कम पाई जाती है तो अथॉरिटी भरपाई करेगी। बता दें कि 11 मार्च 2011 में सीईओ और डीएम के आदेश पर असगरपुर के किसान यूसुफ आदि का खसरा नंबर 624 आबादी के लिए छोड़ा गया था, लेकिन इससे 1 दिन पहले ही अथॉरिटी के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने इस खसरे की डेढ़ बीघा हिस्सा ध्वस्त करते हुए कब्जे में ले लिया था। रेकॉर्ड के मुताबिक अथॉरिटी की तरफ से केवल खसरा नंबर 625 की भूमि अधिग्रहीत की गई थी और उसी का कब्जा लेना था। 18 मार्च 2011 में प्रशासन की तरफ से की गई पैमाइश में युसूफ की 3348 वर्ग मीटर जमीन कम निकली थी, जिसके बाद अथॉरिटी और प्रशासन की तरफ से संयुक्त जांच कराने के लिए कहा गया था। इस जमीन पर बिल्डर ने दो दिनों पहले ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।


    -NB times
    CommentQuote
  • Time to put some cheese

    चकशाहबेरी को मिलेगी 24 घंटे बिजली


    नोएडा

    नोएडा एक्सटेंशन विवाद से क्षेत्र में फैले तनाव को कम करने के लिए सभी सरकारी विभाग सक्रिय हो गए हैं। इसी कड़ी में भूमि अधिग्रहण में सबसे पहले अदालती बिगुल बजाकर आंदोलन की शुरुआत करने वाले ग्रेटर नोएडा के चकशाहबेरी गांव में बिजली विभाग ने अलग से लाइन डालने का फैसला किया है। चकशाहबेरी गांव के लिए 11 केवी की अलग से लाइन डाली जा रही है। यह लाइन नोएडा के सेक्टर-72 स्थित 33 केवी बिजली घर से जोड़ी जाएगी। यह लाइन हिंडन नदी के जरिए नोएडा की सीमा पार करके ग्रेटर नोएडा पहुंचेगी और गांव के अलावा आसपास विकसित हो रहे आवासीय सेक्टरों को भी रोशन करेगी। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के इग्जेक्यूटिव इंजीनियर (ग्रेटर नोएडा) भूपेंद्र सिंह ने बताया कि यह लाइन करीब चार किलोमीटर लंबी होगी। इस लाइन के लिए रास्ते में खंभे गाड़े जा चुके हैं। अगले कुछ दिनों में तार डालने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि दिसंबर के अंत बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके बाद चक शाहबेरी गांव के लोगों को भी नोएडा की तरह 24 घंटे नॉन-स्टॉप बिजली आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

    -NB times
    CommentQuote