पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • बृहस्पतिवार को होगा सहखातेदारों का ड्रा


    नोएडा : किसानों को आरक्षित श्रेणी के तहत दिए जाने वाले आवासीय प्लॉट के लिए मंगलवार को प्राधिकरण ने आवेदकों की सूची जारी कर दी है। सूची इंदिरा गांधी कला केंद्र के पास चस्पा की गई है। सूची में शामिल सहखातेदारों के बीच एक का चयन करने के लिए प्राधिकरण बृहस्पतिवार को मिनी ड्रा करेगा। इसके बाद सफल आवेदकों का चयन कर उनका शेष आवेदकों के साथ एक हजार प्लॉट के लिए मुख्य ड्रा किया जाएगा। ज्ञात हो कि प्राधिकरण वर्ष 1997 से पहले भूमि अर्जन की जद में आने वाले किसानों को आरक्षित श्रेणी के आवासीय भूखंड आवंटित करता है। यह योजना प्राधिकरण ने लंबे समय से नहीं निकाली थी। पूर्व में किसान आंदोलन में इसकी भी जोर-शोर से मांग उठी। इस पर प्राधिकरण ने सेक्टर 63ए व सेक्टर 151 का भू-उपयोग बदलकर किसानों के लिए यहां 1000 आवासीय प्लॉट की योजना जारी कर दी। इसके लिए इच्छुक व योग्य किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इनके बीच ड्रा के जरिए प्राधिकरण को प्लॉट आवंटित करना है। ड्रा के बाद बचे हुए किसानों के लिए प्राधिकरण दोबारा आवासीय प्लॉट की योजना लाएगा।
    -D. Noida
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  • सभी को मिले बढ़ा मुआवजा व प्लॉट


    नोएडा: किसान संघर्ष समिति ने मंगलवार को सीईओ जीवेश नंदन से मुलाकात कर मांग की कि वर्ष 1976 से अब तक जिन किसानों की भूमि अर्जित की गई है। उन सभी को उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार बढ़ा हुआ मुआवजा और दस फीसदी के आवासीय भूखंड दिए जाएं। समिति ने इस संबंध में रणनीति बनाने के लिए शनिवार को सेक्टर 41 स्थित आगाहपुर गांव में बैठक करने का निर्णय लिया है। साथ ही समिति ने मांग रखी है कि वर्ष 1997 में प्राधिकरण ने जिन 11 गांवों को अधिगृहित किया था, उनके किसानों को भी पुश्तैनी माना जाए। समिति के प्रवक्ता महेश अवाना ने बताया कि सीईओ ने विचार कर फैसला लेने का आश्वासन दिया है। साथ ही उन्होंने जेपी द्वारा प्रभावित हुए किसानों को लाभ दिलाने और उन गांव का विकास कराने के लिए इसी सप्ताह जेपी के अधिकारियों संग बैठक करने का भी आश्वासन दिया है।

    -D. Jagran
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  • फंड के लिए हर पैतरा आजमाएगा प्राधिकरण


    ग्रेटर नोएडा: जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों का विवाद सुलझाने में प्राधिकरण पूरी तरह से जुट गया है। किसानों को 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा देने के लिए प्राधिकरण ने पूरा ध्यान पैसा जुटाने पर लगा दिया है। बिल्डरों से 15 फीसदी अतिरिक्त कीमत वसूलने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। प्राधिकरण अब तक करीब एक दर्जन बिल्डरों को नोटिस जारी कर चुका है। बिल्डरों से 15 फीसदी अतिरिक्त पैसे लेने पर भी प्राधिकरण का ज्यादा भला होता नहीं दिख रहा है। 38 गांवों के किसानों को 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा देने पर चार हजार करोड़ रुपये का भार पड़ रहा है। बिल्डरों से 15 फीसदी अतिरिक्त भूखंड की कीमत लेने पर प्राधिकरण को करीब 16 सौ करोड़ रुपये मिल रहे हैं। अभी प्राधिकरण को 24 सौ करोड़ रुपये का इंतजाम करना है।

    पुराने आवंटियों से भी प्राधिकरण करीब 15 फीसदी अतिरिक्त पैसे लेने पर विचार कर रहा है। पुराने आवंटियों से भूखंड का अतिरिक्त पैसा लिया जाए या नहीं इस पर प्राधिकरण अभी तक फैसला नहीं कर पाया है।

    प्राधिकरण की तैयारी है कि पहले बिल्डरों से बकाया किश्त व 15 फीसदी अतिरिक्त पैसा लिया जाए। बिल्डरों से जो पैसा मिलेगा, उससे किसानों को मुआवजा बांटा जाए। अभी तक प्राधिकरण को बिल्डरों से करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये मिल चुका है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस माह के अंत तक चार से पांच सौ करोड़ रुपये मिल जाएंगे। इससे कुछ गांवों में अतिरिक्त मुआवजा बांटा जा सकता है। मुआवजे के लिए पैसे कम पड़ने पर प्रदेश सरकार से भी मदद ली जा सकती है।

    इससे भी कोई भला नहीं हुआ, तो पुराने आवंटियों पर भार डाला जाएगा। पुराने आवंटियों पर अतिरिक्त भार डालने पर वे कहीं कोर्ट की तरफ रुख न कर जाए, इसलिए प्राधिकरण काफी सोच विचार के बाद और आवंटियों को विश्वास में लेकर ही फैसला लेना चाहता

    -D. Jagran
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  • Authority keeps word, 85 farmers allotted plots


    NOIDA: In keeping with the July 30 truce, Noida Authority began distributing 5 percent developed plots to Noida farmers on Tuesday. Starting from Parthla Khanjarpur village, the Authority made allotments to 85 villagers on day one.

    Allotment letters for 111 plots of land measuring 27,000 square meters in sectors 122, 121 and 73 were handed over to the farmers. The Authority has also sanctioned Rs 3 crore for development work including concretizing of the village roads, erecting boundary walls of the primary school and repair of the community centre and drains. It has also promised to construct parks and widen the main access road of the village to 100 metres.

    Tuesday's move will set the pace for the 'settlement' between the warring farmers and the Authority. With farmers having threatened to stall all construction and development work in the city if their dues were not paid, the Authority took it upon itself "to restore the deficit in trust" between the two parties.

    Speaking to TOI, Authority CEO Jiwesh Nandan said from now on the issues of the farmers would be top priority. "We are trying to sort out the farmers' grievances on a war-footing," Nandan said. "We are going to target two villages every week," he added.

    On Tuesday, the Authority also regularized abadi land of 45 farmers totalling 42,715 square meters. The Authority's agenda will include leasing back to the farmers all land acquired up to 30 June 2011 besides distributing the 5 per cent developed plots. Also on the 'settlement' menu is the disbursement of the enhanced compensation of 64.7 per cent, as per the directions of the Allahabad High Court. "Next week after consulting the additional district magistrate (land acquisition), we will start distributing compensation to farmers of the 15 villages who had sought help from the court," Nandan said.

    "The HC ruling states that we need to return 10% of the developed land to the farmers. This would mean an additional burden of over Rs 2000 crore and an extra land requirement of about 450 acres, which is difficult to bear," an Authority official said. "Despite the land crunch, we have to manage somehow," he said.

    Following the distribution of the allotment letters by the CEO after a draw was held in the Authority office, farmers seemed satisfied. "After months of empty assurances, we have got our due. The new CEO has restored our trust in the Authority by fulfilling the promise," said a farmer.
    There are 54 villages in Noida and around 20 odd villages along Noida-Greater Noida expressway. While most of these villages have had grievances over their abadi land ever since the acquisition process began in 1976 by the Noida Authority, since July 21 this year, farmers Noida villages, led mainly by Kisan Sansh Samiti, have been sitting on dharnas demanding better compensation and rehabilitation benefits in lieu of acquired land.

    Tuesday's settlement is being considered as a step towards ensuring that all projects - undergoing construction or already complete - will not be harmed by the farmers. Projects in sectors like 44, 97, 98, 78, 79, 116, 117, 113, 93, 94, 105,137, 167, 143 that fall along the Noida-Greater Noida Expressway were being threatened by farmers since the land row began.


    -TOI
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  • Noida land issue is getting solved now

    आरक्षित श्रेणी के प्लॉट के लिए सहखातेदारों का ड्रा आज


    नोएडा, सं : किसानों को दिए जाने वाले आरक्षित श्रेणी के प्लॉट के लिए प्राधिकरण बृहस्पतिवार को मिनी ड्रा निकालेगा। इसके जरिए सहखातेदारों के बीच किसी एक का चयन किया जाएगा। प्राधिकरण ने बुधवार को आवेदकों की सूची इंदिरा गांधी कला केंद्र के बाहर चस्पा की थी। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण को इस संबंध में कोई आपत्ति पत्र प्राप्त नहीं हुआ। हालांकि पूछताछ करने के लिए काफी संख्या में किसान पहुंचे। ज्ञात हो कि प्राधिकरण ने किसानों की मांग पर उनके लिए आरक्षित श्रेणी के एक हजार आवासीय भूखंड की योजना निकाली थी। इसमें फिलहाल सहखातेदारों में से किसी एक को ही ड्रा में शामिल किया जाना है। बावजूद काफी संख्या में एक ही परिवार के कई सहखातेदारों ने प्लॉट के लिए आवेदन कर रखा है। लिहाजा प्राधिकरण पहले इनके बीच ड्रा कर किसी एक का चुनाव करेगा। इसके बाद उसे मुख्य ड्रा में शामिल किया जाएगा। किसानों को आरक्षित श्रेणी के तहत दिए जाने वाले प्लॉट सेक्टर 63ए व 151 में हैं। ये प्लॉट उन किसानों को दिए जाने हैं, जिनकी भूमि वर्ष 1976 से 1997 के बीच अर्जित की गई है। इन्हें अर्जित भूमि के एवज में पांच फीसदी के आवासीय भूखंड का लाभ नहीं मिलता

    -D.Jagran
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  • G.Noida issue is also getting solved

    एक सप्ताह में होगा आबादी का निस्तारण


    ग्रेटर नोएडा: नियमावली के तहत जिन गांवों में आबादी का निस्तारण किया गया है, उन किसानों को एक सप्ताह के अंदर प्राधिकरण पत्र सौंप देगा। आबादी को लेकर छह गांव के किसान बुधवार को बसपा विधायक सतवीर गुर्जर के नेतृत्व में प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी व उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मिले।

    किसानों ने कहा कि कई गांवों में नियमावली के तहत आबादी का निस्तारण कर दिया है, लेकिन उन्हें अब तक आबादी निस्तारण का पत्र नहीं मिला है। इसी बीच प्राधिकरण ने गांवों में हाईकोर्ट के फैसले पर अतिरिक्त मुआवजा देना शुरू कर दिया है। किसानों ने कहा कि उन्हें संदेह है कि प्राधिकरण दस फीसदी विकसित भूखंड देने के बजाय छोड़ी गई आबादी में समाहित न कर दे। इसलिए पहले जिन गांवों में आबादी का निस्तारण कर दिया गया है, उन गांवों के किसानों को आबादी का पत्र सौंपा जाए। इसके बाद ही मुआवजा व दस फीसदी विकसित भूखंड दिया जाए। विधायक सतवीर गुर्जर ने प्राधिकरण अधिकारियों के सामने किसानों की समस्या रखी। प्राधिकरण एसीईओ हर्ष तन्खा ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर किसानों को छोड़ी गई आबादी का पत्र सौंप दिया जाएगा। इस दौरान जुनपत, तुस्याना समेत अनेक गांवों के किसान शामिल थे

    -D. jagran
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  • भूमि बचाओ यात्रा का साबेरी में जोरदार स्वागत


    ग्रेटर नोएडा: जमीन अधिग्रहण के खिलाफ बलिया से चली किसानों की भूमि बचाओ यात्रा बुधवार को नोएडा एक्सटेंशन के गांव साबेरी में पहुंची। यहां पर किसानों ने यात्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू करने का संकल्प लिया।

    किसान संघर्ष समिति के नेता दुष्यंत नागर ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने 18 अक्टूबर से भूमि बचाओ यात्रा की शुरुआत की। यात्रा प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे से होते हुए 1047 किमी दूरी तय करने के बाद बुधवार गांव साबेरी पहुंची। यात्रा के संयोजक मनोज त्यागी ने बताया कि साबेरी गांव के लोगों ने अधिग्रहण के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़कर सुप्रीम कोर्ट से अपनी जमीन बचा ली, इसलिए यात्रा का समापन साबेरी गांव में किया गया। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 1600 गांवों की बीस हजार हेक्टेयर उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। किसानों को जागरूक करने के लिए यात्रा की शुरुआत की गई।

    साबेरी गांव में यात्रा के पहुंचने पर नोएडा एक्सटेंशन किसान संघर्ष समिति ने जोरदार स्वागत किया। स्वागत के दौरान साबेरी, चिपियाना, रोजा याकूबपुर, इटैड़ा आदि गांव के किसानों ने भाग लिया। किसानों ने इस मौके पर संकल्प लिया कि बलिया से लेकर ग्रेटर नोएडा तक के किसान एकजुट होकर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। किसान संघर्ष समिति के दुष्यंत नागर ने बताया कि किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर लोकसभा के शीतकालीन सत्र में जमीन अधिग्रहण संशोधन बिल पेश करने की मांग करेंगे।

    -D.Jagran
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  • फेस-वन और फेस-दो ग्रेटर नोएडा की दूरी सिमटी


    ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण और किसानों के बीच नोएडा एक्सटेंशन को लेकर हुए विवाद का लाभ ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ फेस-दो क्षेत्र के किसानों को भी मिला है। करीब एक साल में ग्रेटर नोएडा फेस वन और ग्रेटर नोएडा फेस-दो की दूरी आपस मेें सिमटी है। चूंकि वहां के खेतों में आबादी के रूप में मकानों के निर्माण में तेजी आई है। जिसके चलते गांव की सीमाओं की दूरी भी समाप्त होने लगी है।

    अगर प्राधिकरण का किसानों से यूं ही विवाद चलता रहा तो वह समय बहुत जल्द आ जाएगा, जब प्राधिकरण जमीन लेने के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत धारा-४ और ६ का प्रकाशन करेगा। लेकिन उसके पास जमीन नहीं होगी। चूंकि किसान प्राधिकरण को जमीन देने से पहले उस पर घर और बैठक बनाकर अपना कब्जा करने में लग गए हैं। शासन और प्राधिकरण की मंशा है कि ग्रेटर नोएडा के साथ फेस-दो को भी मिला लिया जाए। लेकिन प्राधिकरण और किसानों के बीच हुए नोएडा एक्सटेंशन विवाद का लाभ भी फेस-दो क्षेत्र के किसान उठाने में लगे हैं। यहां बताते चलें कि अब प्राधिकरण की निगाह फेस-दो की जमीन पर है। लेकिन एक्सटेंशन विवाद में प्राधिकरण सबकुछ भूल गया है। फेस-दो के गांवों में किसान अपने खेतों को घेरकर उनमें घर और बैठक बना लिए हैं। जबकि कुछ गांवों में इस प्रक्रिया के तहत तेजी से घेराबंदी की जा रही है। दूसरे शब्दों में कहें तो अगर दो साल का समय क्षेत्र के किसानों को मिल जाए तो प्राधिकरण के पास जमीन एक्वायर करने के लिए नहीं बचेगी। चूंकि पिछले एक साल में ग्रेटर नोएडा और फेस-दो के गांवों की सीमाएं समाप्त होने लगी है। जिससे फेस-दो का क्षेत्र ग्रेटर नोएडा में स्वतः ही विलय हो गया है। फेस-दो के किसानों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और निजी बिल्डर उनकी जमीन को कम दामों में एक्वायर कर रहे हैं। जबकि किसानों की उसी जमीन को कई गुना दरों पर बेचा जा रहा है। माना कि प्राधिकरण एक्वायर क्षेत्र को विकसित करने में धन खर्च करता है। लेकिन इतना भी नहीं करता कि किसान को मात्र आठ सौ से १४ सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर ही दिया जाए। प्राधिकरण के अपनी दर भी कम से कम १६ हजार रुपये प्रतिवर्ग मीटर है। जो खर्च से भी कई गुना ज्यादा है।

    -Amar Ujala
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  • Noida issue is going to be solved

    910 प्लॉटों के लिए आजमाएंगे किस्मत


    नोएडा

    नोएडा अथॉरिटी ने लंबे इंतजार के बाद किसानों की रिजर्व कैटिगरी के तहत 910 रेजिडेंशल प्लॉट की स्कीम लाने का फैसला किया है। 5 साल बाद आई यह स्कीम गुरुवार को घोषित होगी। इस स्कीम के फॉर्म किसानों को 1 दिसंबर से मिलेेंगे। इससे पहले अथॉरिटी किसानों की वरीयता लिस्ट की जांच करेगी। इसके लिए आज किसानों का मिनी ड्रॉ दोपहर 2:30 बजे कराया जाएगा। इसमें प्रत्येक पात्र आवेदकों के बीच से एक आवेदक का सिलेक्शन होगा।

    अथॉरिटी के आधिकारिक सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस स्कीम को लेकर अथॉरिटी ने डिमांड सर्वे किया था। इसके तहत लगभग 3,900 के करीब आवेदन आए हैं। इन आवेदनों को लेकर मांगी गई आपत्ति के तहत कुल 236 लोगों ने अथॉरिटी में आवेदनों पर आपत्ति दर्ज कराई है। लगभग 1000 ऐसे आवेदक हैं जिन्होंने पूर्व में प्लॉट लेने के बावजूद दोबारा आवेदन किया है। इनकी जांच की जा रही है। अथॉरिटी की शर्त के अनुसार एक बार प्लॉट लेने के बाद कोई शख्स दोबारा अथॉरिटी से प्लॉट अलॉट नहीं करा सकता। अगर कोई तथ्यों को छिपाकर आवेदन करता है तो ऐसी स्थिति में प्लॉट के लिए आवेदन करते समय जमा कराई जाने वाली रजिस्टे्रशन मनी जब्त हो सकती है।

    स्कीम के बारे में डिप्टी सीईओ सी. बी. सिंह ने बताया कि कुल 910 प्लॉट में से लगभग 700 प्लॉट सेक्टर-151 में हैं और शेष प्लॉट अथॉरिटी के विकसित सेक्टरों में बचे हुए हैं। नए सेक्टर का रिजर्व प्राइस लगभग 17 हजार के करीब हैं। अन्य विकसित सेक्टरों में प्लॉट अथॉरिटी के सर्कल रेट पर मिलेंगे। इस समय नोएडा का सबसे महंगे सेक्टर में अलॉटमेंट की दर लगभग 50 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के करीब है। उल्लेखनीय है कि अथॉरिटी ने इससे पहले मुलायम सिंह के कार्यकाल में वर्ष 2006 में सिर्फ किसानों के लिए रेजिडेंसल प्लॉट की स्कीम घोषित की थी। यह स्कीम भी केवल रिजर्व कैटिगरी के लिए थी। इस स्कीम का ड्रॉ वर्ष 2008 में हुआ था।


    -N B times
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  • Farmers not to move SC in land row

    Farmers not to move SC in land row - The Times of India

    GREATER NOIDA: The farmers of villages, including Ghodi-Bacheda, who were threatening to move the Supreme Court on Wednesday, have reached a pact with the Greater Noida Authority. Their demands about paying enhanced compensation will now be taken up in the upcoming board meeting of the Authority.

    Farmers of Ghodi-Bacheda have been demanding that the additional 64.7 per cent compensation to be paid to them in accordance with the Allahabad HC order should be computed taking into consideration all the amounts that have been paid till date. Farmers say they were first paid Rs 322 per sqm in 2006-07, but were given a bonus of Rs 310 per sqm by the government after violent clashes with the administration in 2009. The want the 64.7 per cent compensation to be computed by adding the bonus to the original Rs 300 per sqm paid to them for their acquired land. A delegation led by Gautam Budh Nagar MP Surender Singh Nagar met the Authority officials wherein the Authority agreed to pay additional compensation on the bonus amount also.

    Following the HC judgment last month, the Authority had refused to pay hiked compensation on the bonus amount which sparked dissatisfaction among thousands of farmers. The farmers then threatened to move the apex court.
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    more update on NCR board meeting


    fritolay_ps sir
    is there news of yesterday meeting.
    how much time it will take to be sorted out and what u specially think for this matter.is this news official that it will take 2months more.
    plz
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