Delhi Metro (DMRC) Covers 15 KM in 25 Minutes with 10 stoppage, High Speed RRTS Metro will cover 15 KM in 10 Minutes having 4 stoppage. Amazing!!!!

दिल्ली से 16 शहरों के लिए हाई स्पीड ट्रेन
30 Jun 2011, 0900 hrs IST,पीटीआई

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नई दिल्ली।। एनसीआर और इसके आसपास के शहरों में रहने वाले लोगों को भी दिल्ली आने-जाने के लिए मेट्रो जैसी ट्रेन मिलेगी। दिल्ली से विभिन्न जगहों के लिए हाई-स्पीड एयरकंडिशंड ट्रेनें चलाने की तैयारी ने ठोस शक्ल ले ली है।

दिल्ली के आसपास के लाखों लोगों को ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम नाम का प्रोजेक्ट बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े चार राज्यों (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान) और केंद्र के बीच सहमति पत्र पर साइन होने के बाद केंद्रीय शहरी विकास सचिव नवीन कुमार ने हाई स्पीड ट्रेनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, सहमति पत्र के मुताबिक हाई स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट पर अमल के लिए एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन का गठन किया जाएगा। यह दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की तर्ज पर होगा। इसमें केंद्र की 50 पर्सेंट हिस्सेदारी होगी, जबकि बाकी चारों राज्यों में प्रत्येक को 12.5 पर्सेंट देना होगा। माना जा रहा है कि नए कॉरपोरेशन से राज्य सरकारों के राजनीतिक हितों का टकराव आड़े नहीं आएगा।

हाई स्पीड ट्रेन के लिए एक किलोमीटर अंडरग्राउंड ट्रैक बिछाने का खर्च 290 करोड़ रुपया होगा, जबकि एलिवेटेड ट्रैक के लिए 130 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जमीन पर ट्रैक बिछाने के लिए 50 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर खर्च होगा। शहरी विकास सचिव का कहना है कि प्रोजेक्ट से एनसीआर और आसपास के इलाकों का काफी विकास होगा।


टोटल आठ रूट : हाई स्पीड ट्रेनों के लिए आठ कॉरिडोर की पहचान की गई है। इन कॉरिडोर के जरिये दिल्ली को एनसीआर के 16 पड़ोसी शहरों से जोड़ा जाएगा।

सबसे पहले तीन रूट : आठ में से तीन कॉरिडोर को फिजिबिलिटी स्टडी के लिए चुना गया है।

1) दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ,

2) दिल्ली - गुड़गांव - रेवाड़ी - अलवर ,

3) दिल्ली - सोनीपत - पानीपत।


बाकी पांच रूट :

1) दिल्ली - फरीदाबाद - बल्लभगढ़ - पलवल

2) दिल्ली - गाजियाबाद - खुर्जा ,

3) दिल्ली - बहादुरगढ़ - रोहतक ,

4) गाजियाबाद - हापुड़ ,

5) दिल्ली - शाहदरा - बड़ौत।


आगे क्या होगा : फिजिबिलिटी स्टडी अगस्त तक तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगी। तब जाकर निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

कैसी होंगी ट्रेनें : हाई स्पीड ट्रेनों में छह एसी कोच होंगे। ये अंडरग्राउंड और एलिवेटेड ट्रैक के अलावा जमीन पर बिछाए गए ट्रैक पर भी चलेंगी ।
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