जमीन मालिकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हूडा को उन्हें अतिरिक्त मुआवजा देने का फैसला किया है। इससे सेक्टर-51 व 52 के प्लॉट अलॉटियों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है वहीं जमीन मालिक मालामाल होंगे।

अब यह अतिरिक्त मुआवजा राशि हूडा की ओर से अलॉटियों को वसूली जाएगी। सूत्रों के अनुसार हूडा की ओर से एक सप्ताह के अंदर अलॉटियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्हें बढ़ी राशि को एक साथ या किश्तों में डिपार्टमेंट को जमा करवाने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। सेक्टर-51 के जनरल कैटिगिरी के अलॉटी पर 3,330.80 रुपये प्रति वर्ग गज, ईडब्ल्यूएस कैटिगिरी के अलॉटी पर 498.03 रुपये प्रति वर्ग गज जबकि सेक्टर-52 के जनरल कैटिगिरी के अलॉटी पर 2,395.39 रुपये प्रति वर्ग गज, ईडब्ल्यूएस कैटिगिरी के अलॉटी पर 358.16 रुपये प्रति वर्ग गज का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बताया जा रहा है कि इन दोनों सेक्टरों में 1,500 से अधिक प्लॉट हैं।


सेक्टर 51 : हूडा ने इस सेक्टर के लिए जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2000 में किया था। यह सेक्टर 170.93 एकड़ में बसा हुआ है। यहां 50.80 एकड़ में रेजिडेंशल प्लॉट व 7.11 एकड़ में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लिए जमीन दी गई थी। सेक्टर में 46 एकड़ एरिया में ग्रीन बेल्ट और 3.91 एकड़ में शॉपिंग सेंटर है। हूडा ने जिन जमीन मालिकों की जमीन का अधिग्रहण इस सेक्टर को बसाने के लिए किया गया था, उनमें से अधिकतर ने हाई कोर्ट की शरण ली। यहां याचिका दायर की गई कि हूडा की ओर से मुआवजा राशि कम दी गई है। अब हाई कोर्ट की ओर से हूडा को निर्देश जारी किए गए हैं कि जमीन मालिकों को 717 रुपये प्रति वर्ग गज से हिसाब से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। हूडा की ओर से सेक्टर-51 के जनरल कैटिगिरी के अलॉटी को यह जमीन 3,344 रुपये प्रति वर्गगज व ईडब्ल्यूएस कैटिगरी को 500 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से बेची है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद हूडा ने बढ़ी मुआवजा राशि को इन अलॉटियों पर डाल दिया है।


सेक्टर 52 : हूडा ने वर्ष 2000 में सेक्टर के लिए जमीन अधिग्रहण किया था। सेक्टर 200.89 एकड़ एरिया में विकसित है। 81.08 एकड़ में रेजिडेंशल प्लॉट व 29.90 एकड़ में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी हैं। इस सेक्टर में 70 एकड़ एरिया में ग्रीन बेल्ट और 12.80 एकड़ में शॉपिंग सेंटर है। हूडा ने सेक्टर को लॉन्च करने के दौरान जरनल कैटेगिरी के लिए 3,344 रुपये व ईडब्ल्यूएस कैटेगिरी के लिए 500 रुपये प्रति वर्ग गज की राशि निर्धारित की थी।


क्या कहते हैं हूडा के अधिकारी

हूडा के एक अधिकारी ने बताया कि चीफ ऐडमिनिस्ट्रेटर की ओर से अतिरिक्त मुआवजा राशि वसूलने के दिशा - निर्देश मिल चुके हैं। एक सप्ताह के अंदर अलॉटियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। अलॉटी एक महीने के अंदर सारी राशि व किश्तों में इस राशि को जमा कर सकता है। किश्तों पर राशि जमा कराने पर उनसे ब्याज वसूला जाएगा।

_navbharat times
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    जमीन मालिकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हूडा को उन्हें अतिरिक्त मुआवजा देने का फैसला किया है। इससे सेक्टर-51 व 52 के प्लॉट अलॉटियों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है वहीं जमीन मालिक मालामाल होंगे।

    अब यह अतिरिक्त मुआवजा राशि हूडा की ओर से अलॉटियों को वसूली जाएगी। सूत्रों के अनुसार हूडा की ओर से एक सप्ताह के अंदर अलॉटियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्हें बढ़ी राशि को एक साथ या किश्तों में डिपार्टमेंट को जमा करवाने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। सेक्टर-51 के जनरल कैटिगिरी के अलॉटी पर 3,330.80 रुपये प्रति वर्ग गज, ईडब्ल्यूएस कैटिगिरी के अलॉटी पर 498.03 रुपये प्रति वर्ग गज जबकि सेक्टर-52 के जनरल कैटिगिरी के अलॉटी पर 2,395.39 रुपये प्रति वर्ग गज, ईडब्ल्यूएस कैटिगिरी के अलॉटी पर 358.16 रुपये प्रति वर्ग गज का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बताया जा रहा है कि इन दोनों सेक्टरों में 1,500 से अधिक प्लॉट हैं।

    _navbharat times


    Interesting news! I believe most of the allotees must already have sold their plots, and the plots would have changed hands multiple times.

    Point to note: HUDA's administrative ruling to ask allotees to compensate is JUST ILLEGAL. (It is not the court order - it is HUDA's ruling). Allotees can challenge this HUDA ruling in the court and easily can get stay on HUDA order and win ultimately. (Provided they have taken the possession and registered the land in their name). HUDA must pay to farmers from other revenue sources, third parties money cannot be forcibly extorted by HUDA.
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    जमीन मालिकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हूडा को उन्हें अतिरिक्त मुआवजा देने का फैसला किया है। इससे सेक्टर-51 व 52 के प्लॉट अलॉटियों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है वहीं जमीन मालिक मालामाल होंगे।

    अब यह अतिरिक्त मुआवजा राशि हूडा की ओर से अलॉटियों को वसूली जाएगी। सूत्रों के अनुसार हूडा की ओर से एक सप्ताह के अंदर अलॉटियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्हें बढ़ी राशि को एक साथ या किश्तों में डिपार्टमेंट को जमा करवाने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। सेक्टर-51 के जनरल कैटिगिरी के अलॉटी पर 3,330.80 रुपये प्रति वर्ग गज, ईडब्ल्यूएस कैटिगिरी के अलॉटी पर 498.03 रुपये प्रति वर्ग गज जबकि सेक्टर-52 के जनरल कैटिगिरी के अलॉटी पर 2,395.39 रुपये प्रति वर्ग गज, ईडब्ल्यूएस कैटिगिरी के अलॉटी पर 358.16 रुपये प्रति वर्ग गज का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बताया जा रहा है कि इन दोनों सेक्टरों में 1,500 से अधिक प्लॉट हैं।


    सेक्टर 51 : हूडा ने इस सेक्टर के लिए जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2000 में किया था। यह सेक्टर 170.93 एकड़ में बसा हुआ है। यहां 50.80 एकड़ में रेजिडेंशल प्लॉट व 7.11 एकड़ में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लिए जमीन दी गई थी। सेक्टर में 46 एकड़ एरिया में ग्रीन बेल्ट और 3.91 एकड़ में शॉपिंग सेंटर है। हूडा ने जिन जमीन मालिकों की जमीन का अधिग्रहण इस सेक्टर को बसाने के लिए किया गया था, उनमें से अधिकतर ने हाई कोर्ट की शरण ली। यहां याचिका दायर की गई कि हूडा की ओर से मुआवजा राशि कम दी गई है। अब हाई कोर्ट की ओर से हूडा को निर्देश जारी किए गए हैं कि जमीन मालिकों को 717 रुपये प्रति वर्ग गज से हिसाब से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। हूडा की ओर से सेक्टर-51 के जनरल कैटिगिरी के अलॉटी को यह जमीन 3,344 रुपये प्रति वर्गगज व ईडब्ल्यूएस कैटिगरी को 500 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से बेची है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद हूडा ने बढ़ी मुआवजा राशि को इन अलॉटियों पर डाल दिया है।


    सेक्टर 52 : हूडा ने वर्ष 2000 में सेक्टर के लिए जमीन अधिग्रहण किया था। सेक्टर 200.89 एकड़ एरिया में विकसित है। 81.08 एकड़ में रेजिडेंशल प्लॉट व 29.90 एकड़ में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी हैं। इस सेक्टर में 70 एकड़ एरिया में ग्रीन बेल्ट और 12.80 एकड़ में शॉपिंग सेंटर है। हूडा ने सेक्टर को लॉन्च करने के दौरान जरनल कैटेगिरी के लिए 3,344 रुपये व ईडब्ल्यूएस कैटेगिरी के लिए 500 रुपये प्रति वर्ग गज की राशि निर्धारित की थी।


    क्या कहते हैं हूडा के अधिकारी

    हूडा के एक अधिकारी ने बताया कि चीफ ऐडमिनिस्ट्रेटर की ओर से अतिरिक्त मुआवजा राशि वसूलने के दिशा - निर्देश मिल चुके हैं। एक सप्ताह के अंदर अलॉटियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। अलॉटी एक महीने के अंदर सारी राशि व किश्तों में इस राशि को जमा कर सकता है। किश्तों पर राशि जमा कराने पर उनसे ब्याज वसूला जाएगा।

    _navbharat times


    That's really a bad news for sector 51-52 allottee but I could not understand one thing -

    HUDA need to pay Rs. 700 per sq. yard extra but on allottee that's going to be 2395 to 3330 per sq. yard extra?

    Everything has been in place( I mean development expense by HUDA) so now if any increase cost is there that should be just the increased amount.

    Any one having more insight?

    roby
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  • Originally Posted by roby007
    That's really a bad news for sector 51-52 allottee but I could not understand one thing -

    HUDA need to pay Rs. 700 per sq. yard extra but on allottee that's going to be 2395 to 3330 per sq. yard extra?

    Everything has been in place( I mean development expense by HUDA) so now if any increase cost is there that should be just the increased amount.

    Any one having more insight?

    roby



    For my 14 Marla Sec 52 plot original allotment I had paid Rs.5.08 Lakh in June 2010. This was paid to HUDA as per SC order in favour of the original land owners. If this news is true then it is a very bad news. It would mean another Rs.10.5 lakh will need to be shell out for a 14 Marla plot. When this news was out?
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  • Originally Posted by Ranbir
    For my 14 Marla Sec 52 plot original allotment I had paid Rs.5.08 Lakh in June 2010. This was paid to HUDA as per SC order in favour of the original land owners. If this news is true then it is a very bad news. It would mean another Rs.10.5 lakh will need to be shell out for a 14 Marla plot. When this news was out?


    8 June 2011 i.e. today.

    ???? ????? ???????, ????? ?? ??? ??? - Navbharat Times

    roby
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  • Originally Posted by roby007
    8 June 2011 i.e. today.

    ???? ????? ???????, ????? ?? ??? ??? - Navbharat Times

    roby


    Who will repay, original alotte or current owner.
    I know sector 52 plots have been buy-sold many times after first allotment.
    In many case 4 -5 times owner got changed.
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  • Originally Posted by brij_shukla200
    Who will repay, original alotte or current owner.
    I know sector 52 plots have been buy-sold many times after first allotment.
    In many case 4 -5 times owner got changed.


    Point to note: HUDA's administrative ruling to ask allotees to compensate is JUST ILLEGAL. (It is not the court order - it is HUDA's ruling). Allotees can challenge this HUDA ruling in the court and easily can get stay on HUDA order and win ultimately. (Provided they have taken the possession and registered the land in their name). HUDA must pay to farmers from other revenue sources, third parties money cannot be forcibly extorted by HUDA.

    Can you ever dream of original allotee volunteering to pay when he already has sold to someone else?
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  • This looks to be complicated . HUDA would demand it from the original allotte ( as per my thinking, though not sure ) & since, the original allotte is already out of the picture ( having sold it ), complications r bound to occur .

    Correct me, if i am wrong here .

    Originally Posted by brij_shukla200
    Who will repay, original alotte or current owner.
    I know sector 52 plots have been buy-sold many times after first allotment.
    In many case 4 -5 times owner got changed.
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  • Originally Posted by MANOJa
    This looks to be complicated . HUDA would demand it from the original allotte ( as per my thinking, though not sure ) & since, the original allotte is already out of the picture ( having sold it ), complications r bound to occur .

    Correct me, if i am wrong here .


    HUDA will ask it from the current owner. So if plot has been resold and transferred in HUDA records then HUDA will ask it from whoever is the current owner... Basically this is no different from the way the transactions work with private builder. Builder/HUDA will always ask the money from whoever is the current owner as per their records.
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  • Yes, u could be right here, naresh . But, if the current owner goes to court against this, what would happen then ?
    CommentQuote
  • Originally Posted by vkumar1
    Point to note: HUDA's administrative ruling to ask allotees to compensate is JUST ILLEGAL. (It is not the court order - it is HUDA's ruling). Allotees can challenge this HUDA ruling in the court and easily can get stay on HUDA order and win ultimately. (Provided they have taken the possession and registered the land in their name). HUDA must pay to farmers from other revenue sources, third parties money cannot be forcibly extorted by HUDA.

    Can you ever dream of original allotee volunteering to pay when he already has sold to someone else?


    Make sense. Vkumar do you have any personal experience in this type of situation? What about those who took possession and yet to get land registered?

    roby
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  • Originally Posted by MANOJa
    Yes, u could be right here, naresh . But, if the current owner goes to court against this, what would happen then ?


    That is a separate issue - In that case, all parties will have to abide by whatever court decides... But from court/legal perspective, current owner has complete ownership of the plot as well as he/she is completely liable for all costs.

    btw, i do not think owner has any chance of winning this in court.. It is a huda condition (in the application form itself) that any cost arising out of extra compensation to farmers will be passed to the buyers. This is very well established practice and nothing new.
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  • naresh, thanks for the information & u may be absolutely right . I am quite ignorant on HUDA matters ( never dealt with them directly ) .
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  • Originally Posted by roby007
    Make sense. Vkumar do you have any personal experience in this type of situation? What about those who took possession and yet to get land registered?

    roby


    Before the registry takes place, HUDA may always impose conditions/changes. Once registered, you are a free bird.

    Since you can challenge the decision in the court (Best way is to do it collectively with others), the problem may arise for the resale of the property until the court disposes of the case.
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  • A relative of mine enquired from HUDA about this news in the Navbharat Times Gurgaon. HUDA officials said that they also came to know about it through the newspaper only, they have not received any official update internally yet.
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  • Originally Posted by Ranbir
    A relative of mine enquired from HUDA about this news in the Navbharat Times Gurgaon. HUDA officials said that they also came to know about it through the newspaper only, they have not received any official update internally yet.


    Ranbir let's hope it is a hoax.

    Might be that newspaper printed the old news as some of you already paid enhance price for your plot.

    roby
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