Hello,
Can someone please shed some light on the project "Green Beauty Farms" on Noida Expressway. Has anyone visited the project site and does anyone has any idea about the reputation of the builder?

I just stumbled on their website greenbeautyfarm.com

Please share any inputs on the project.
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  • Originally Posted by iMohak
    HCC Lavasa cannot be compared to a 1000sqyard plot. The right comparison would be Noida Extension or Yamuna Expressway, where both litigation, farmer agitation played a role.

    W.r.t farms in Noida, the direct comparison is all the illegal construction, even public squatting on govt land in South Western Delhi, Sainik Farms, Neb Sarai, etc etc


    look at the substance buddy not the form!!

    lavasa is a project floated by NCP/ Pawar and Praful Patels of the world!! Still they are in soup.. similar may be the situation for these illegal farms in noida wherein a lot of influential people have stake..but you never know!!

    rest as i said depends on individuals risk apetite and opportunity cost..If you have spare money with no better opportunity, you may go ahead and invest in these land parcels..

    Its like investing in blue chips (like tatas) vs wannabe cos (like suzlons etc)...

    Ps - I had inquired from a close source in Noida Authority for these HPS/ DPL/ FLora farms etc and I was advised not to go for it!! Rest only time will tell! If you are really lucky, these may be regularized but looks tough!!
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  • फार्महाउस, प्लॉट और कॉलोनियां निशाने पर- Navbharat Times

    अथॉरिटी के अवैध अतिक्रमण हटाने के अभियान के बाद अब प्रशासन भी हरकत में आया है। बुधवार से अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया जाएगा। यमुना और हिंडन के लाखों वर्गमीटर डूब क्षेत्र की जमीन पर अवैध रूप से बने पक्के फार्महाउस, प्लॉटिंग और कॉलोनी प्रशासन के निशाने पर हैं। इस बार पहले जमीन पर बना अवैध निर्माण ध्वस्त किया जाएगा। उसके बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय किया गया है। प्रशासन के इस अभियान से कॉलोनाइजरों और खरीदारों में खलबली मच गई है।

    बता दें कि ग्रेटर नोएडा से नोएडा के बीच एक्सप्रेस-वे पर कई डिवेलपर और कॉलोनाइजरों के एजेंट यमुना नदी में पुश्ते के अंदर की जमीन को बेचने में जुटे हैं। इस जमीन में क्लब, टू बेड रूम के अलावा क्लब हाउस, क्रिकेट स्टेडियम व अन्य सुविधा के साथ ही नोएडा अथॉरिटी से जमीन अधिग्रहण न होने की एनओसी तक का दावा कर रहे हैं। इसी लालच में आकर लगभग 3 हजार के करीब लोग यमुना नदी की जमीन खरीद चुके हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रेमचंद ने सार्वजनिक चेतावनी के जरिए जनता को आगाह किया है कि वे यह जमीन पक्का घर बनाने या भविष्य में इस जमीन पर कोई कोठी बनाने के लिहाज से बिल्कुल न खरीदें वरना यमुना के तेज प्रवाह में उनके सपने बिखर सकते हैं। प्रेमचंद ने साफ किया है कि डूब क्षेत्र में कोई भी जमीन सिंचाई विभाग की नहीं है। यह जमीन किसानों की खेती से जुड़ी है या ग्रामसभा से संबंध है। सिंचाई विभाग का कार्य इस जमीन को बाढ़ के दौरान नदी के फैलाव के हिसाब से सुरक्षित रखना है। नदी के अंदर के इलाके को सेफ जोन बनाने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने भी जारी किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को यह अभियान चलाना पड़ा है।


    कैसे काटते हैं कॉलोनी

    कॉलोनाइजर पहले किसान से खरीदते हैं जमीन : कॉलोनाइजर पहले सीधे किसान से डूब क्षेत्र की जमीन खरीदता है। इसके बाद वह टुकड़े-टुकड़े में 50 गज से लेकर 500 गज तक के प्लॉट काटता है। कॉलोनाइजर कुछ एजेंट कॉलोनी में छोड़ते हैं। वे ही इनकी रजिस्ट्री कराने तक का कार्य कराते हैं। इनकी घुसपैठ नोएडा अथॉरिटी, बिजली विभाग, तहसील, रजिस्ट्रार विभाग में सीधी होती है। इसके बाद जैसे ही यहां लोग बसना शुरू कर देते हैं, राजनैतिक दलों की निगाहेें इन बस्तियों पर ठहर जाती हैं। धीरे-धीरे यहां रहने वाले वोट बैंक का हिस्सा बन जाते हैं। वोट बैंक बनने के बाद इन क्षेत्रों में कार्रवाई करने से पहले शासन से जुड़े अधिकारियों को काफी जद्दोजहद का सामना करना पड़ता है।


    डूब क्षेत्र में क्या है रजिस्ट्री का नियम ?

    1 हजार मीटर से कम रजिस्ट्री है बैन : डूब क्षेत्र में 1 हजार मीटर से कम रजिस्ट्री पर प्रतिबंध है। यहां हजारों की संख्या में 50-250 मीटर तक के और इससे बड़े प्लॉट काटकर बेचे गए हैं जिन पर बाउंड्री समेत निर्माण भी किया जा रहा है। इसके चलते रजिस्ट्री डिपार्टमेंट की डिटेल भी खंगाली जा रही है , ताकि अवैध जमीन को बेचने वालों का पता चल सके।


    डूब की जमीन पर किसका है हक ?

    मालिकाना हक किसानों का पर कंस्ट्रक्शन नहीं कर सकते : डूब क्षेत्र की जमीन पर मालिकाना हक गांव के मूल किसानों का रहता है लेकिन वे इस पर पक्का कंस्ट्रक्शन नहीं कर सकते। केवल इस जमीन पर खेती की जा सकती है। इस जमीन पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की होती है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक , हिंडन नदी के आसपास के इलाकों की ज्यादातर डूब क्षेत्र की जमीन पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। वर्षों से जारी इस प्रोसेस को रोकने की पुलिस स्तर से पहले भी कई बार प्रयास किए गए लेकिन एन्फोर्समेंट एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी।


    कौन - कौन से डिवलेपर हैं ब्लैक लिस्टेड ?

    अथॉरिटी की वेबसाइट मंे हैं ब्लैक लिस्टेड कंपनियां : नोएडा अथॉरिटी ने अपनी वेबसाइट में यमुना और हिंडन नदी में कॉलोनी काटने या फार्महाउस बनाने वालों को ब्लैक लिस्टेड किया था। इनमें ग्लेडियाला फार्म्स , खुशी फार्म , तिरुपति फार्म्स , सागर फार्म्स , फ्लोरा फार्म्स , डीपीएल फार्म्स , प्रेस्टिज वेंचर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड , ए . जे . एस . बिल्डर्स , राधा माधव एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड व एन . आर . बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड आदि कंपनियों शामिल हैं। इन्हें अवैध खरीद फरोख्त करने वालों की लिस्ट में डाला गया है।


    क्या इस एरिया में अथॉरिटी लाएगी स्कीम

    अथॉरिटी ने अपने मास्टरप्लान में बढ़ाया यमुना का दायरा : अथॉरिटी ने मास्टरप्लान -2031 में यमुना नदी के अंदर के कुछ हिस्से को अपने दायरे में लिया है। प्लान के मुताबिक , नोएडा अथॉरिटी की स्कीम ग्रीन एरिया में कुछ डिवेलपमेंट प्लान की है। इसी को आधार बनाकर कॉलोनाइजर और डिवेलपर फार्महाउस बेच रहे हैं। बेचते वक्त वे यह जरूर कह रहे हैं कि नोएडा अथॉरिटी भविष्य में कभी भी इस जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगी।


    क्या अंतिम मुकाम तक पहुंचेगा अभियान

    आज से चलेगा प्रशासन का पीला पंजा : डीएम हृदयेश कुमार ने बताया कि डूब क्षेत्र की जमीन पर अवैध निर्माण के खिलाफ मंगलवार से चलने वाला अभियान अब बुधवार से चलाया जाएगा। वैलंटाइंस डे के चलते पुलिस फोर्स की कमी रही है। कुलेसरा से शुरू कर अभियान तब तक जारी रखा जाएगा , जब तक डूब क्षेत्र की सभी जमीन पर बने अवैध कंस्ट्रक्शन को तोड़ नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि डूब क्षेत्र के अन्य इलाकों का भी सर्वे कराया जा रहा है ताकि वहां की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जा सके


    डूब क्षेत्र में निर्माण के क्या हैं खतरे

    बाढ़ की स्थिति में जानमाल को हो सकता है बड़ा नुकसान : सिंचाई विभाग के इग्जेक्युटिव इंजीनियर ग्यास आलम के मुताबिक , 1 साल के भीतर 100 से ज्यादा एफआईआर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ दर्ज कराई गई हैं। यह बात और है कि कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि केवल किसान ही नहीं बल्कि डूब क्षेत्र से कुछ दूरी पर फ्लैट बना रहे कुछ बिल्डरों ने भी इस जमीन को फार्महाउसों के लिए लोगों को बेच दिया है। डूब क्षेत्र की जमीन पर पक्का निर्माण न केवल उन कॉलोनियों में रहने वालों के लिए बल्कि समूचे शहर के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। बाढ़ आने की स्थिति में डूब क्षेत्र के इलाके में फैलने वाला पानी कॉलोनी बसने के बाद शहर तक पहुंचेगा। सूत्रों के मुताबिक , 5 हजार से लेकर 10 हजार रुपये / मीटर के रेट पर डूब क्षेत्र की जमीन कॉलोनी के लिए बेची जा रही है। सर्फाबाद , बहलोलपुर , बहरापुर , बम्हैटा समेत दर्जनों गांवों के ही कुछ लोग प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहे हैं। हिंडन नदी के किनारे छिजारसी , चोटपुर बहलोलपुर , पर्थला खंजरपुर , सोहरखा , कुलेसरा , इलाहाबास , शहदरा , सफीपुर के अलावा यमुना नदी के किनारे रायपुर , असगरपुर , सुल्तानपुर , वाजिदपुर , मंगरौली छपरौली के पास यमुना के अंदर काटे जा रहे फार्महाउसों में अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासन ने पहले भी कई बार कार्रवाई की है। इसके बावजूद अतिक्रमण करने वालों का हौसला कम नहीं हु आ।
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  • I dont know why HPS name is not there in this Noida authority List?
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  • Visited green beauty farms yesterday being sold at 2950/sqyd min 1008sqyds, inquired about the status by investor clinic guys, have been told , farms are meant for farming, can make a temporary (no brick) small structure, it can get flooded by yamuna, have been flooded before many times before.
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  • flooding happened there only in 1983 n thats like some 29 years ago when indian damn system was not even civilised .n anyway flooding did never reach as far as these farmhouses are concerned as greenbeauty farms is still at a long distance away from the river.you tell me if a meteriod is to hit the earth then we should all stop buying houses on earth n live in shacks right almighty .the concept of green beauty farms is such amazing serenity and gives u modern day architechtural look of gi material along with cemented sheets looks as good and polished n even better than a finished brick structure. it is even extremely strong structure and is definately modern ecofriendly homes theme.n in this land registry is definately there as i myself has purchased there .it is also freehold.it is definately an amazing place with cricket grounds etc.look at the quality and not the commercialisation of builders which is at this time in a bad position in noida ext etc.so considering above definately greenbeautyfarms are a good choice as it is a direct buy of farmland with no mediation of authority so rest assured govt cannot be interested in this via the new land acquisition act and anyway land belongs to pusht area so govt does never even think of acquiring and they cannot via new land acquisition bill revised during mayawatis last year of regime .n in the rarest n most extreme cases u r entitled for damages to 5x the present rate of ur registered white amount taking in other factors when intravening with rich farmers in this case like us.

    rest be assured i am also an advocate in supreme court n i can assure you that close your eyes n buy greenbeauty farms as it is completely genuine and all stamp duty has been paid to the fullest there.if u want you are most welcome to speak to the registraar and colls of that area who themselves will tell u that land is all legaly clear there now and constructions are in gi and cemented sheets but three feet brick wall can be used ,also tiles ,designer stuff can be used for interiors so really buddy take it easy .if u r to enjoy farm life and party with freinds ,take this farm as believe me there are no farms left anywhere in delhi /ncr now compared to such beautiful ones in green beauty with a lot of infra.
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  • Hi there.... as the discussion is everlasting, want to enquire whether noida has legal farm houses??? And if yes then where and at what price??

    It completly depends on persons likings and dislikes??If someone wants to buy a farm house and that too in a budget of Rs.30 lakhs(1 Beegha), where he/she should go???

    Pls share??
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  • Originally Posted by Raj Noida
    Hi there.... as the discussion is everlasting, want to enquire whether noida has legal farm houses??? And if yes then where and at what price??

    It completly depends on persons likings and dislikes??If someone wants to buy a farm house and that too in a budget of Rs.30 lakhs(1 Beegha), where he/she should go???

    Pls share??

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    I read today only in Nav Bharat Times..that these farmhouses are all illegal as these have been wrongly alloted in wet land (forming part of yamuna riverbed for absorbing excess water in monsoon season). An enquiry was already set up to look for the alleged scam in these ...So be very careful...
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  • Originally Posted by zohaib2012
    This has been said so many times in this forum...and otherwise too....NOT EVEN A SINGLE FARMHOUSE PROJECT IS LEGAL ON NOIDA EXPRESSWAY.....feel free to contact NA regd the same.

    Regd someones advice on taking on NA to get compensation.....yes thats possible if you are a farmer and have a whole village with you....and proper political suppor

    Look at Noida extension...50000 Buyers are helpless in front of authority....forget Refund from builders...they may unfact have to shell out more.....not to forget chances of more increased FAR, cost cutting measured by buuilders.

    All these farmouses are completely illegal ......

    these farms are being sold here have registry done along with mutation... NA does not feature this land in its master plan till 2031 (it is just marked as river- front development area.)... so no chance of the land going away till then... and after that even if it does go away... u'll get a compensation which won't be that disappointing considering the rate at which you are getting it today!!! 2800/sqyd.!!!
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  • if your built up mass on the site does not exceed the maximum limit of 5% and the structure is built using materials prescribed for temporary construction, then there is no way anybody's moving you anywhere... but yes it would be better to do some sort of farming while you're there... even flowers would do!!!!

    and for the people talking about floods... take a look at google maps... jaypee's golf course is even closer to the yamuna...!!!!
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  • Who is stopping a farmer to construct the house if it is outside the purview of authority. This country or per se any country cant make any policy adverse to farmers. These farmhouses are sold of course at wet land and come under the district administration with ruling of Panchayat. Authority does not have anything to do until the land is notified. District administration has to be paid for the revenue for farming. All those members advocating authority stand must first read Panchayati Raj System. All those farmers who have been agitating quite a long generally clued by authority officials only.
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  • Can anyone give idea about the rates at HPS pls?
    Also how is this compared to Green Beauty?

    Thanks
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  • I dont know abt the price but after cominG across this forum, I just spoke to my prop dealer(I have been dealinG with him since last 11 years), there is a plot area just behind AMR mall at YE way of about 5 hectare on which farm houses are planned. rates are apprx 3.5k per yard.
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  • Originally Posted by lalitonhp
    I dont know abt the price but after cominG across this forum, I just spoke to my prop dealer(I have been dealinG with him since last 11 years), there is a plot area just behind AMR mall at YE way of about 5 hectare on which farm houses are planned. rates are apprx 3.5k per yard.

    Thanks, but actually I wanted to know more about HPS farms price and plus/minus points about it. Please see if your broker can provide some info on this or you can PM me his number.
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  • Originally Posted by zohaib2012
    MM bhai....these are not farmhouses....but farmlands...!!!!!

    You are supposed to do farming on them..

    Construction not alllowed.

    The biggest catch of such schemes are NRIs who dream of living in a posh farmhouse just 5 kms off expressway and 10 mins drive to south delhi...!!!!

    Noida authority is FULLY aware that this is illegal....on flood plains....and have no clearances...yet they are allowed to advertise...participate in property expps, etc.....

    Nothing Like India !!!!


    Entire Noida area is flooded on one side by Yamuna other side by Hindon. Before makinG any comment please GO thru this http://www.noidaauthorityonline.com/MasterPlan2031/Master-Plan-2031-Draft.pdf
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  • Originally Posted by ankitmittal14
    Can you please more explore about illegal..registry is happening for these lands..I don't have much knowledge of farm land so can you please give some insight related to it..I know on farm land you can't build house..it can only be used as farm land..can build house without any linter..If this land is illegal how the seller is doing registry with NA..


    Acc. to my knowledge, these aren't proper agricultural lands i.e. For which a farmer gets compensation if acquired.
    Actualy, they r floodplains belonging to UP Irrigation dept. that had been given to local villagers for farming and can be transferred with restrictions in bulk land holdings viz 20-30acres sizes but not small plots.
    In past 10-20yrs ago, these lands were of zero value as during high rainfall, these used to submerge in river water.
    Except farming, it was of no use & there were no takers for plots even in posh sec- 15A at dat tym.

    So, if u r buying a small plot of 1008yd then it's risky for use as a farmhouse/villa/ motel etc but if u can then should buy 20-30acres nd put it to its bonafide legal use with noc from admin.
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