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नोएडा एक्सटेंशन में बैंकों ने खींचे कदम

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नोएडा एक्सटेंशन में बैंकों ने खींचे कदम

Last updated: June 3 2011
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    नोएडा एक्सटेंशन में बैंकों ने खींचे कदम
    ठ्ठजागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा मुख्यमंत्री मायावती ने जमीन अधिग्रहण की नई पुनर्वास नीति घोषित कर भले ही किसानों को लुभाने का प्रयास किया हो, लेकिन नोएडा एक्सटेंशन में अभी टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्राधिकरण व बिल्डरों के बाद अब आवंटियों की भी टेंशन बढ़ गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जमीन अधिग्रहण रद करने के फैसले के बाद अधिकांश बैंकों ने आवंटियों को कर्ज देने से मना कर दिया है। इससे उन आवंटियों की दिक्कत बढ़ गई है, जिन्होंने कर्ज लेकर फ्लैट बुक कराए थे। जिन लोगों ने कर्ज के लिए आवेदन कर रखा था, उनके आवेदन पत्र लौटाए जा रहे हैं। बैंक नहीं चाहते कि प्राधिकरण व किसानों की लड़ाई में उनका पैसा फंसे। नोएडा एक्सटेंशन में परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। पंद्रह दिन पहले तक जिन बुकिंग सेंटरों पर लोगों की भीड़ लगी रहती थी, वे अब वीरान हैं। खरीददार आने बंद हो गए हैं। जिन बिल्डरों के प्रोजेक्ट पर अधिग्रहण रद होने का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, उनके भी प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हंै। फ्लैट बुक कराने कोई नहीं आ रहा है। आवंटी कोई भी कदम उठाने से पहले पूरी स्थिति को परखने में लगे हुए हैं। हालांकि बिल्डर आवंटियों को भरोसा दिला रहे हैं कि उन्हें फ्लैट पर निर्धारित तिथि पर कब्जा दिया जाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साबेरी गांव में 159 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की अधिसूचना रद करने के अलावा बिसरख गांव में 32 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। कोर्ट के निर्णय के बाद वे बिल्डर भी प्रभावित होना शुरू हो गए हैं, जिनकी जमीन पर कोई विवाद नहीं है। जगदीश व अजय ने बताया कि उन्होंने डेढ़ माह पहले कर्ज लेने के लिए एक निजी बैंक में आवेदन किया था। बैंक वाले पहले कर्ज देने के लिए तैयार थे, लेकिन अधिग्रहण की अधिसूचना रद होने के बाद कर्ज देने से मना कर रहे हैं।

    सौ फीसदी जमीन किसान से सीधे खरीदे बिल्डर : अजीत रालोद मुखिया अजीत सिंह का कहना है कि जमीन का अधिग्रहण सिर्फ उन योजनाओं के लिए होना चाहिए, जिनमें सरकार का 100 फीसदी पैसा लगा हो और वह जनहित में भी हो। बिल्डरों के लिए जमीन अधिग्रहित नहीं होनी चाहिए। प्रदेश सरकार द्वारा घोषित जमीन अधिग्रहण की पुनर्वास नीति पर उन्होंने कहा कि कई खामियां हैं। किसानों को इससे ज्यादा लाभ होने वाला नहीं है। बिल्डर किसान से 70 नहीं, बल्कि 100 फीसदी जमीन सीधे खरीदें, तभी किसानों को लाभ होगा। यह बात उन्होंने ग्रेटर नोएडा के अखिल भारतीय गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान में भूमि अधिग्रहण के विरोध में आयोजित संगोष्ठी में कही। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के जमाने के जमीन अधिग्रहण कानून की आड़ में सरकार किसानों को जमीन से बेदखल करने में जुटी है।
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    Re : नोएडा एक्सटेंशन में बैंकों ने खींचे कदम

    doodh kam pani jyada

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