अगर आप प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने के लिए ब्रोकर की मदद ले रहे हैं, तो तो छानबीन के बाद ही किसी फैसले पर पहुंचें। कई प्रॉपर्टी ब्रोकर्स से बात करें। किसी एक एजेंट के भरोसे न रहें। एजेंट द्वारा बताई गई बातों की क्रॉस चेकिंग जरूर करने की कोशिश करें। एक अच्छे ब्रोकर की पहचान में ये टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं:

- अच्छे ब्रोकर की पहचान के लिए उसके ऑफिस के आसपास के लोगों, पुराने ग्राहकों या अन्य जानकारों से पूछताछ कर सकते हैं। ये रिफरेंस सही फैसला लेने में बहुत काम के साबित हो सकते हैं।

- अच्छे ब्रोकर के पास प्रॉपर्टी की बेसिक डिटेल से लेकर डिवेलपर्स के ट्रैक रेकॉर्ड तक की जानकारी होनी चाहिए। कई ब्रोकर्स के पास पूरी इनफर्मेशन नहीं होती। इससे कई बार कुछ बातें छुपी रह जाती हैं। अच्छा ब्रोकर वही है, जो डील को अच्छा बनाने में हर छोटी से बड़ी बात आपको बताए।

- जो एक बार डील होने और कमिशन मिलने के बाद भी संपर्क बनाए रखे।

- ब्रोकर ऐसा होना चाहिए, जो आप जहां आप प्रॉपर्टी लेना चाहते हैं, महज उस लोकैलिटी के बारे में ही नहीं बल्कि उसके आसपास के एरिया के बारे में भी जानकारी दे।

- होम लोन, प्रॉपर्टी से जुड़े लीगल पहलू आदि की जानकारी भी दे या इन मामलों के एक्सर्पट्स से आपकी मुलाकात कराए।

- एक अहम बिंदु यह भी है कि ब्रोकर कितने समय से यह काम कर रहा है? ज्यादा अनुभव वाले ब्रोकर के पास न सिर्फ ज्यादा प्रॉपर्टीज की जानकारी होगी, बल्कि वह हर प्रॉपर्टी के बारे में छोटी-बड़ी बातें भी आपको बता सकेगा।

- जिसके पास आईएसओ 9001: 2000 का सटिर्फिकेट हो। प्राइवेट और लिमिटेड कंपनी ही अच्छी रहती है। आज प्रॉपर्टी डीलिंग के क्षेत्र में कई प्रफेशनल कंपनियां भी उतर आई हैं।

- सर्विस टैक्स रजिस्ट्रेशन यह दर्शाता है कि वह अपने काम को लेकर सीरियस है।

- एक अच्छे प्रॉपटीर् डीलर के पास किसी खास लोकेशन में उपलब्ध ज्यादा से ज्यादा प्रॉपर्टीज की जानकारी होती है। उनकी कीमतों, मालिक आदि के बारे में वह पहली बार में ही आपको सारी जानकारियां दे सकता है।

- आज ग्राहक ऐसे प्रॉपर्टी डीलर के साथ डील करना चाहते हैं, जो उन्हें एक बार प्रॉपर्टी दिखाकर अपना उल्लू सीधा करने की बजाय एक शुभचिंतक की तरह डील फाइनल होने तक उनके साथ खड़ा रहे।

- उसे केवल संबंधित जगह की प्रॉपर्टीज के अलावा आसपास के इलाकों की अच्छी-बुरी बातों और प्रॉपर्टीज की जानकारी भी हो।

इनसे बचें
- उन ब्रोकर्स से बचकर रहें, जिनमें प्रफेशनलिज्म और ट्रांसपेरेंसी की कमी हो। इनमें किसी दुकान या अन्य काम के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाले लोग हो सकते हैं।

- ऐसा ब्रोकर जो जगह की क्लीयर पिक्चर न बताए और उसके बारे में बढ़-चढ़ कर बोले।

- जो किसी एक ही बिल्डर की प्रॉपर्टी खरीदने पर जोर दे, तो सोच समझकर कदम रखें। खासकर तब, जब आपको कहीं और से पता चले कि उस बिल्डर का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं है।

- अगर उसकी मेंबरशिप लोकल या नैशनल लेवल की रीयल एस्टेट असोसिएशन से नहीं है, तो उसे प्रोफेशनल नहीं कहा जा सकता।

- जो रीयल एस्टेट के फील्ड में हो रही नई बातों, माकेर्ट में कीमतों के उतार-चढ़ाव आदि से परिचित न हो।

- जिसे जमीन के टाइटिल जैसी सबसे जरूरी बात के बारे में ही पूरी तरह न पता हो।

- जिसे केवल अपने कमिशन से मतलब हो और इसे पाते ही वह ग्राहकों से किनारा कर ले। उसे इस बात से कोई मतलब नहीं।

हो कि जिस प्रॉपर्टी को वह बेच रहा है, उसके बीच गाबेर्ज या स्लम एरिया है और आप ऐसी जगह से बचना चाहते हैं।

- जो प्रॉपर्टी दिखाने के लिए आपको टाइम तो दे दें, लेकिन उनके पास बंद फ्लैट की चाबी ही न हो। आप किसी तरह समय निकालकर पास या दूर से उसके पास पहुंचते हैं और वह कहता है कि अभी चाबी नहीं है, बाहर से ही देख लीजिए।

- डील के दौरान वह आसानी से उपलब्ध न हो। बार-बार बातचीत करने, कराने या प्रॉपर्टी दिखाने से बचने की कोशिश करे।

- डीलर प्रॉपर्टी के टाइटिल समेत तमाम डॉक्यूमेंट पेश नहीं कर पाता, तो रीयल एस्टेट एजेंट का प्रोफेशनलिज्म भी घेरे में आ जाता है।

-Navbharat times
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