नोएडा


जिले की 31 को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के रजिस्टे्रशन पर तलवार लटक रही है। यूपी आवास एवं विकास परिषद के को- ऑपरेटिव सोसायटी विंग ने गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जिले की 42 सोसायटियों को नोटिस जारी किया है। 17 जुलाई तक सभी के दस्तावेज नहीं मिले तो विभाग इनका रजिस्टे्रशन कैंसल कर सकता है।

विंग के जॉइंट कमिश्नर (रजिस्ट्रार) डी. के. शुक्ल की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि इन सोसायटियों का यूपी सहकारी समिति अधिनियम की धारा 66 के तहत निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान वे जरूरी सालाना दस्तावेज जमा कराने और अन्य महत्वपूर्ण कागजात दिखाने में सफल नहीं रही थीं। इनमें प्रधानमंत्री कार्यालय कर्मचारी सहकारी आवास समिति भी शामिल है। शुक्ल ने सभी सोसायटी को 17 जुलाई तक अपने जवाब दाखिल करने को कहा है। लखनऊ से जारी इस नोटिस में कहा गया है कि कई सोसायटी ऐसी हैं, जिनके दिए गए पते पर जब इंस्पेक्शन किया गया, तो वहां सोसायटी का दफ्तर नहीं मिला और पता भी सही नहीं था। अब सभी सोसायटी को अपना पूरा ब्यौरा, वर्तमान पता, प्रबंधक कमिटी के सदस्यों के नाम एवं पते, सचिव का नाम, जमीन की खरीद से जुड़े आवश्यक दस्तावेज, अंतिम ऑडिट नोट की प्रति भी देनी होगी। कई सोसायटीज ने अपनी सालाना रिपोर्ट वर्षों से जमा नहीं कराई है। जिन सोसायटियों को नोटिस भेजे गए हैं उनमें पंचमुखी धाम, सच्चिदानंद, जय दुर्गे, आईआईटीयंस, एमरो सहकारी आवास समिति, राजधानी सहकारी, न्यू राजधानी सहकारी, कालिंदी सहकारी, न्यू सर्व प्रिय सहकारी, गोल्डन नेस्ट, न्यू आकांक्षा, मीडिया एस्टेट, नीलकंठ वाटिका आदि हैं।

को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी विंग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इनके दस्तावेजों की सालाना रिपोर्ट नियमित नहीं होगी, तो इनके मेंबरों की प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने की प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है।


-Navbharat times
Read more
Reply
1 Replies
Sort by :Filter by :
  • One more mess is starting for no reason. Hope, not all the farmers in the Noida area start doing it now.
    CommentQuote