Noida Authority has cancelled allotment of 108 flats in Sector 71... Do not buy these flats from open market

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  • 108 फ्लैट्स का आवंटन कैंसल


    सेक्टर -71 के जनता फ्लैट और एलआईजी फ्लैटों में नियम ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध निर्माणों पर नोएडा अथॉरिटी ने सख्ती की है। हाउसिंग डिपार्टमेंट ने 108 ऐसे फ्लैटों की पहचान कर उन्हें कैंसल कर दिया है। साथ ही नोटिस भेजकर अथॉरिटी में जमा रकम जब्त करने की जानकारी दी गई है। अथॉरिटी ने सेक्टर -71 के 42 एलआईजी फ्लैटों के आवंटियों को नोटिस भेजा है। इनके अलावा 66 आवंटी जनता फ्लैट वाले हैं।

    हाउसिंग डिपार्टमेंट के जीएम एन . पी . गौतम ने कहा कि नियम कानून ताक पर रखकर बिल्डिंगों में इतना चेंज कर दिया है कि ओरिजनल फ्लैटों की सूरत नजर नहीं आ रही है। इन सभी को नोटिस भेजकर लीज डीड के उल्लंघन के लिए चेतावनी भी दी गई , लेकिन आवंटियों पर इन नोटिसों का कोई असर नहीं पड़ा। अथॉरिटी ने इन फ्लैटों में रहने वाले लोगों से कहा है कि वे निश्चित समय सीमा में फ्लैटों को खाली कर दें।

    जनता फ्लैट रेजिडेंट्स वेलफेयर असोसिएशन के अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा कहना है कि लोग अथॉरिटी के अधिकारियों की शह पर अवैध निर्माण करते हैं। इसके बाद नोटिस भेजकर उनसे अवैध उगाही की जाती है। इसमें अथॉरिटी से जुड़े कुछ लोग और प्रॉपर्टी का कारोबार करने वाले शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि अथॉरिटी ने सेक्टर -71 के जनता और एलआईजी फ्लैटों को कैंसल जनता से मिली कंप्लेंट के आधार पर किया है।

    सेक्टर -71 के एलआईजी फ्लैटों से जुड़ी आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी श्यामू यादव का कहना है कि अथॉरिटी की सूची में कई ऐसे फ्लैट हैं , जिनके घरों में सिर्फ गमले रखे हैं। मुन्ना कुमार ने कहा है कि सेक्टर -71 में रहने वालों का शोषण किया जा रहा है।

    नोएडा अथॉरिटी के डिप्टी सीईओ एस . के . सिंह का कहना है कि अथॉरिटी समय - समय पर इस तरह की कार्रवाई करती है। यह इत्तफाक है कि एक साथ 108 फ्लैटों को कैंसल किया गया है। यदि कोई आवंटी नोटिस पर अपना जवाब दाखिल करता है , तो अथॉरिटी इसकी जांच कराएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


    -Navbharat times
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  • अतिक्रमण पर 108 भवन स्वामियों को नोटिस


    आवंटन रद, सात दिन में मकान खाली करने के निर्देश
    - शुक्रवार को प्राधिकरण कार्यालय पर धरना देंगे भवन स्वामी
    - देर रात सेक्टर में जारी रही बैठक
    नोएडा, सं : प्राधिकरण ने अतिक्रमण करने पर सेक्टर 71 के 108 भवन स्वामियों को मकान खाली करने का नोटिस जारी किया है। यह नोटिस भवन प्रकोष्ठ के महाप्रबंधक एमपी गौतम की तरफ से बुधवार को सेक्टरवासियों को भेजा गया है। नोटिस के मुताबिक भवन स्वामियों का आवंटन रद कर दिया गया है। उन्हें अब सात दिन के भीतर मकान खाली करना होगा। ऐसा न करने पर प्राधिकरण और सख्त कानूनी कार्रवाई कर सकता है। जिन भवन स्वामियों को नोटिस भेजा गया है उनमें एक ब्लॉक के सात, बी ब्लॉक के 63, सी ब्लॉक के 29 और डी ब्लॉक के नौ मकान शामिल हैं।
    प्राधिकरण के मुताबिक इन भवन स्वामियों ने अपने मकान के आसपास कब्जा कर अतिरिक्त भवन बना लिए थे। कुछ ने घर के आसपास पक्का निर्माण या दीवार खड़ी कर अतिक्रमण कर रखा था। इनमें सेक्टर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा का भी मकान शामिल है। नियमों का पालन न करने पर यह कार्रवाई की गई है। उधर आवंटन रद करने से भवन स्वामियों में रोष है। उन्हें अब समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करें। सेक्टर 71 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष व नोएडा नागरिक विकास समिति के महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्राधिकरण की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सेक्टर के इन मकानों में गरीब लोग रहते हैं। उनका आरोप है कि पूरा मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है। जो पैसा दे देता है उस पर कार्रवाई नहीं होती, जो नहीं देता है वह मारा जाता है। इससे गरीबों का शोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे सभी भवन स्वामी सेक्टर छह स्थित प्राधिकरण कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। आगे की रणनीति बनाने के लिए देर रात तक सेक्टर में भवन स्वामियों की बैठक जारी रही।

    -Dainik Jagran
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  • कैंसल हुए फ्लैटों के आवंटियों को राहत नहीं


    अवैध निर्माण के कारण कैंसल हुए फ्लैटों के आवंटियों को अथॉरिटी ने राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। सभी कैंसल हुए फ्लैट अथॉरिटी के नियम के अनुसार रेस्टोरेशन चार्ज जमा कराने के बाद ही बहाल किए जाएंगे। इस मुद्दे पर गुरुवार को फोनरवा अध्यक्ष एन. पी. सिंह के नेतृत्व में सेक्टरवासियों ने डिप्टी सीईओ एस. के. सिंह से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार कैंसल हुए फ्लैटों के कई आवंटियों ने कोर्ट जाने का मन बनाया है, जबकि काफी आवंटियों ने अथॉरिटी ऑफिस में रेस्टोरेशन के बाबत अर्जी लगा दी है। रेस्टोरेशन फीस जमा कराने से पहले अतिरिक्त निर्माण को तोड़ना होगा। उधर, अथॉरिटी से मिली जानकारी के अनुसार कई अन्य सेक्टरों में अवैध निर्माण करने वाले फ्लैटों की सूची तैयार कराई जा रही है। ऐसे फ्लैटों की अब विडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

    सेक्टर-71 के जनता और एलआईजी फ्लैटों में नियम ताक पर रखकर किए गए अवैध निर्माणों के चलते कैंसल हुए 108 फ्लैटों के संबंध में फोनरवा अध्यक्ष एन. पी. सिंह के नेतृत्व में निवासियों ने डिप्टी सीईओ से एस. के. सिंह से मुलाकात की। जहां से अधिकारियों ने बगैर अवैध निर्माण तोड़े और नियमावली के आधार पर कैंसल फ्लैटों को बहाल करने से इनकार किया। बैठक के बाद एन. पी. सिंह ने बताया कि काफी संख्या में आवंटियों ने अथॉरिटी में रेस्टोरेशन के लिए अर्जी लगा दी है। हालांकि कुछ कैंसल होने वाले फ्लैटों के आवंटियों ने कोर्ट जाने का मन बनाया है। उधर नोएडा अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर यादव सिंह शुक्रवार को सुबह 10 बजे सेक्टर-71 में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने जाएंगे। संभावना है कि इस दौरे के दौरान अथॉरिटी की ओर से दिए गए नोटिस का मुद्दा भी जनता की तरफ से उठाया जाएगा।

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    Navbharat times
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  • सेक्टर 71 वासियों को राहत नहीं

    निरस्त भवन फिर से स्थापित कराने के लिए शुक्रवार को प्राधिकरण अधिकारियों संग सेक्टर 71 के भवन स्वामियों की हुई बैठक बेनतीजा रही। भवन निरस्तीकरण के आदेश से उक्त सेक्टर वासियों को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है। अधिकारियों ने उन्हें इतना आश्वासन अवश्य दिया कि प्राधिकरण की एक टीम पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई करेगी। मतलब साफ है कि अगर नियमों का उल्लंघन कर कोई निर्माण किया गया है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उधर एक सप्ताह में मकान खाली करने का नोटिस मिलने के बाद से ही लोगों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब अवैध निर्माण हो रहा था तब प्राधिकरण ने क्यों नहीं रोका?

    ज्ञात हो कि प्राधिकरण ने छह जुलाई को उक्त सेक्टर के 108 भवन स्वामियों के मकान निरस्त कर उन्हें एक सप्ताह में घर खाली करने के नोटिस थमा दिये थे। इससे लोगों की नींद उड़ गई। नोटिस के खिलाफ सात जुलाई को भी कुछ भवन स्वामी अधिकारियों से मुलाकात करने पहुंचे थे। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि प्राधिकरण की एक टीम सेक्टर का दौरा करेगी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार सुबह इंजीनियर इन चीफ यादव सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों को सेक्टर की समस्याओं का जायजा लेने जाना था। सबसे पहले परियोजना अभियंता कालू राम वर्मा पहुंचे। लोगों ने उन्हें समस्याएं बताने की जगह निरस्तिकरण के आदेश को निरस्त करने के लिए कहा। इस पर उन्होंने असमर्थता जता दी। इससे गुस्साए लोगों ने जमकर नारेबाजी की और उन्हें बैरंग लौटा दिया। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में सेक्टर के लोग अपने आरडब्ल्यूए अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा के नेतृत्व में दोपहर में सेक्टर छह स्थित प्राधिकरण के प्रशासनिक कार्यालय पहुंचे। वहां इन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू किया ही था कि अधिकारियों ने बातचीत के लिए बुला लिया। बातचीत के बाद बाहर निकले मुन्ना शर्मा ने बताया कि उनकी मुलाकात डीसीईओ एसके सिंह और भवन प्रकोष्ठ के महाप्रबंधक एमपी गौतम से हुई जिनको ज्ञापन दे मांग की गई कि बिना जुर्माना निरस्तीकरण का आदेश खारिज किया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनके दावे के मुताबिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मकानों को निरस्त करने का आदेश खारिज कर दिया जाएगा। उनसे 15 दिन का समय मांगा गया है, इस दौरान किसी को मकान खाली नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर इस दौरान प्राधिकरण ने अपने आश्वासन को अमली जामा नहीं पहनाया तो लोग आंदोलन करेंगे।

    मामले में डीसीईओ एसके सिंह का कहना है कि प्राधिकरण किसी भी भवन स्वामी के साथ ज्यादती नहीं होने देगा, जो कार्रवाई होगी वह पूरी जांच-पड़ताल के बाद की जाएगी। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    -Dainik Jagran
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  • दूसरे सेक्टरों पर भी है अथॉरिटी की निगाह


    सेक्टर-71 के बाद अथॉरिटी अवैध निर्माण वाले अन्य सेक्टरों की सूची तैयार कर रही है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही अन्य इलाकों में अवैध निर्माण करने वाले फ्लैटों की सूची जारी कर दी जाएगी। सेक्टर-15, 19, 22, 26, 27, 31, 34, 36, 40 आदि इलाकों में बने फ्लैटों पर अब अथॉरिटी की निगाह है।

    अथॉरिटी के हाउसिंग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पहले भी कई बार अवैध निर्माण की शिकायत पर फ्लैट कैंसल किए गए हैं। हालांकि, पहली बार एक साथ 108 फ्लैटों को कैंसल करने की वजह एक ही इलाके में एक-दूसरे की देखादेखी बड़े पैमाने पर हुआ कंस्ट्रक्शन है। कैंसल हुए कई फ्लैटों में 1 से 2 कमरे बना लिए गए हैं। कॉरिडोर के रूप में छोड़ी गई खुली जगह किसी भी फ्लैट में नहीं बची है। यही स्थिति शहर में ज्यादातर सेक्टरों में बने फ्लैटों की है। सूत्रों के अनुसार कैंसल फ्लैट आवंटियों को जब अथॉरिटी अधिकारियों ने राहत देने से साफ इंकार किया तो उन्हीं में से कुछ ने शहर के अन्य स्थानों पर बने फ्लैटों के बारे में बताया, जहां पर सेक्टर-71 से भी ज्यादा अवैध निर्माण किया गया है। इसके बाद अथॉरिटी ने शहर में बने फ्लैटों की जांच कराकर सूची तैयार करनी शुरू कर दी है।

    फ्लैटों के कैंसल करने के बारे में सेक्टर-12 निवासी मोहित ने बताया कि जब निर्माण किया जा रहा था, तब अथॉरिटी आंखें बंद करके बैठी रही। अब एकाएक अथॉरिटी ने बगैर किसी चेतावनी के फ्लैट कैंसल करने का फैसला सुना दिया। सेक्टर-19 निवासी अनुराधा जुआल ने बताया कि महंगाई के दौर में ऐेसे फैसले पूरी तरह से जनविरोधी हैं। निर्माण को तोड़ने में पहले हजारों रुपयों का खर्चा होगा। साथ ही रेस्टोरेशन के लिए अथॉरिटी के चक्कर काटने पड़ेंगे।

    -Navbharat times
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  • सेक्टर 71 के रद हुए फ्लैट बहाल

    सेक्टर ७१ में फ्लैटों का आवंटन रद करने के फैसले को प्राधिकरण ने वापस ले लिया है। प्राधिकरण के इंजीनियर इन चीफ यादव सिंह ने सोमवार को बारातघर में सेक्टरवासियों के साथ बैठक में यह घोषणा की। उन्होंने सभी १०८ रद फ्लैटों का आवंटन कैंसिल करने के आदेश को ही रद कर दिया है।

    बीते छह जुलाई को इन फ्लैटों का आवंटन रद कर दिया गया था, जिसके चलते सेक्टरवासी बहुत परेशान थे। लोग प्राधिकरण के समक्ष धरना भी दे चुके हैं। सोमवार को प्राधिकरण के इस फैसले से सेक्टरवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बैठक में शामिल सेक्टरवासियों ने आवंटन रद करने के फैसले को कैंसिल करने की घोषणा का तालियों से स्वागत किया। सेक्टर अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा ने प्राधिकरण के इस कदम की सराहना की।

    -Amar Ujala
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  • Illegal construction in flats: Allotment not to be canceled



    NOIDA: Residents of sector 71 can now breathe easy as the Noida Authority has decided to withdraw its order of cancellation of allotments of 108 flats for carrying out illegal construction. The Authority, in its Board meeting, passed a fresh order to withdraw the previous order and will now instead regularize the construction.

    Earlier, the Authority had sent several notices to the 108 flat allottees to remove their encroachment. Despite several notices, when no response was received from the flat owners, the Authority took the stringent action of cancelling the allotment. The Authority had even directed the owners to vacate the flats within a stipulated time. Following this, residents panicked and staged a protest against the Authority.

    "The Authority took the extreme step after receiving several complaints and finally decided to cancel the lease deed of 42 LIG and 66 Janta flats. A letter was sent to the allotees from the housing department general manager NP Gautam citing that in most of the flats alteration was done on a massive scale. In some cases, the flats had entirely lost their original shapes," said an official.

    "It is an unexpected decision coming from the Authority. This decision has come as a relief," said Munna Mishra, president, sector 71 RWA.
    Noida Authority chairman Balwinder Kumar confirmed the withdrawal order. "We felt that whatever alteration have taken place cannot be revered to the original plan. Therefore, we decided to withdraw the previous order in our board meeting," Kumar said.

    Aug 27, 2011, 07.04AM IST
    - TOI
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