ग्रेटर नोएडा में घर बनाने का सपना संजोए लोगों के लिए खुशखबरी है। प्राधिकरण अब ग्रुप हाउसिंग योजना के बजाय व्यक्तिगत भूखंडों की आवासीय योजना लाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। नियोजन विभाग को योजना के लिए जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगस्त के प्रथम सप्ताह तक योजना आ सकती है। इसमें किसानों के लिए 17.5 प्रतिशत भूखंड आरक्षित रखे जाएंगे।

ग्रेटर नोएडा में पिछले काफी समय से व्यक्तिगत भूखंडों की योजना नहीं निकाली गई है। नोएडा एक्सटेंशन की टेंशन के पीछे भी इसको मुख्य वजह माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि व्यक्तिगत भूखंडों की योजना न आने के कारण वे लाभ से वंचित हो रहे हैं। प्राधिकरण के आला अफसर इस संबंध में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि साबेरी प्रकरण के चलते प्राधिकरण के प्रति निवेशकों का विश्वास कम हुआ है। फिर से विश्वास कायम रखने के लिए प्राधिकरण ने व्यक्तिगत भूखंडों की योजना निकालने पर विचार किया है।

सूत्रों के अनुसार, नियोजन विभाग नए सेक्टर के लिए जमीन तलाश रहा है। संभावना है कि नया सेक्टर सैनी गांव व खोदना खुर्द गांव के 130 मीटर चौड़ी सड़क के आसपास बसाया जाएगा। दोनों गांवों में जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। गांव के 85 प्रतिशत से अधिक किसानों ने मुआवजा भी उठा लिया है। योजना सभी वर्गो को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इसमें 120 से लेकर 250 वर्गमीटर तक के भूखंड होंगे। योजना में कुल कितने भूखंड होंगे, यह अभी तय नहीं हुआ है। जमीन मिलते ही योजना निकाल दी जाएगी। किसान व ग्रेटर नोएडा के उद्यमियों को इसमें आरक्षण दिया जाएगा

- D.Jagran
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  • Thats definitely a good news... Atleast farmers will calm down a bit...
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    ग्रेटर नोएडा में घर बनाने का सपना संजोए लोगों के लिए खुशखबरी है। प्राधिकरण अब ग्रुप हाउसिंग योजना के बजाय व्यक्तिगत भूखंडों की आवासीय योजना लाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। नियोजन विभाग को योजना के लिए जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगस्त के प्रथम सप्ताह तक योजना आ सकती है। इसमें किसानों के लिए 17.5 प्रतिशत भूखंड आरक्षित रखे जाएंगे।

    ग्रेटर नोएडा में पिछले काफी समय से व्यक्तिगत भूखंडों की योजना नहीं निकाली गई है। नोएडा एक्सटेंशन की टेंशन के पीछे भी इसको मुख्य वजह माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि व्यक्तिगत भूखंडों की योजना न आने के कारण वे लाभ से वंचित हो रहे हैं। प्राधिकरण के आला अफसर इस संबंध में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि साबेरी प्रकरण के चलते प्राधिकरण के प्रति निवेशकों का विश्वास कम हुआ है। फिर से विश्वास कायम रखने के लिए प्राधिकरण ने व्यक्तिगत भूखंडों की योजना निकालने पर विचार किया है।

    सूत्रों के अनुसार, नियोजन विभाग नए सेक्टर के लिए जमीन तलाश रहा है। संभावना है कि नया सेक्टर सैनी गांव व खोदना खुर्द गांव के 130 मीटर चौड़ी सड़क के आसपास बसाया जाएगा। दोनों गांवों में जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। गांव के 85 प्रतिशत से अधिक किसानों ने मुआवजा भी उठा लिया है। योजना सभी वर्गो को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इसमें 120 से लेकर 250 वर्गमीटर तक के भूखंड होंगे। योजना में कुल कितने भूखंड होंगे, यह अभी तय नहीं हुआ है। जमीन मिलते ही योजना निकाल दी जाएगी। किसान व ग्रेटर नोएडा के उद्यमियों को इसमें आरक्षण दिया जाएगा

    - D.Jagran


    the acquistion is forced acquisition or not? whether objection is invited????? ab sabse pehle yeh poochna chaiye authority se
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  • Originally Posted by udayaudy
    the acquistion is forced acquisition or not? whether objection is invited????? ab sabse pehle yeh poochna chaiye authority se


    Hi Uday, Pls refer to HC verdict on Shahberi village -

    21. Shri Ravindra Kumar submits that the swapping of the land use in the Master Plan is permitted provided the percentage of land use for each category namely industrial; commercial; residential or green belt etc. is not changed. He submits that it is well within the power of the GNOIDA to change the land use. A request was sent by the Property Department on 30.10.2010 to convert the land use of village Shahberi in the first stage for development for the purposes of residential area. A committee was constituted on 03.11.2009 for change of land use. The committee submitted a report on the same day on 03.11.2009. The report was approved and was directed to be placed by the Chief Executive Officer of GNOIDA in the Board meeting. The Chief Executive Officer of GNOIDA passed an order for including the matter in the agenda item in the Board meeting to be held on 04.11.2009. The matter was considered in the Board's meeting on 06.11.2009 and was approved. A public notice of the change of land use was given on 20.11.2009. Since no objections were received upto 30.12.2009, the land use was changed and the scheme was floated for allotment to builders, providing for terms and conditions for allotment of plots for plotted and flatted developments. A similar scheme was floated as 'Builders Residential Scheme-BRS- 01/08-09' which opened on 16.1.2009 for which the detail of plots were given in the scheme in various sectors including Omega-I; Pi; Beta-II; Zeta-I; Rho-I; Sigma-III; Omicron-III; Sector-10 & 12 & Chi-V. The Builders Residential Scheme-BRS-01/08-09 did not invoke appropriate response and thus considering, that the village Shahberi was contiguous to the land acquired in village Aimnabad by notification under Section 6 dated 12.12.2006, Village Bisrakh under Section 6 dated 30.6.2008 and village Patwari under Section 6 dated 30.6.2008; the land use of village Shahberi was changed in Master Plan 2021 after giving public notice and inviting objections.


    (vi) The satisfaction of the Government on the issue of urgency is subjective but is a condition precedent to the exercise of power under Section 17(1) and the same can be challenged on the ground that the
    purpose for which the private property is sought to be acquired is not a public purpose at all or that the exercise of power is vitiated due to mala fides or that the concerned authorities did not apply mind to the relevant factors and the records.

    (ix) If land is acquired for the benefit of private persons, the Court should view the invoking of Section 17(1) and/or 17(4) with suspicion and carefully scrutinize the relevant record before adjudicating upon thelegality of such acquisition."

    So there should not be any impact of any G.Noida scheme (Plot,House) which was meant for public. But interesting point to see, How SC react on these points specially when fully land is acquired with sector 17(1).
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