नोएडा एक्सटेंशन का जमीन वाला टेंशन अब नोएडा भी पहुंच रहा है. कल सेक्टर 74 में किसान धरने पर बैठे और अब सेक्टर 46 में भी प्रदर्शन शुरू हो गया है. एक्सप्रेस-वे के नजदीक सेक्टर 46 और 47 समेत कई सेक्टरों के प्रोजेक्ट के खिलाफ किसानों का विरोध शुरू हो गया है. इन सेक्टरों में आम्रपाली के अलावा निंबस, सुपरटेक, जेपी और 3-सीके प्रोजेक्ट्स बताए जा रहे हैं.

Source : नोएडा एक्सटेंशन की जमीन टेंशन नोएडा पहुंची: AAJ TAK: Mahanagar
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  • Originally Posted by amit.sharma80
    Builders just paid 5% of the money in Noida Extension plots allotted to them. This means Builders have not invested as we may think. Real loser is end customer.

    All know it very well, but problem is that what end user will do now, who has already been trapped. How to get phasa hua paisa from builders. initially there was statics from builders that total 40 thousand flats was booked and 1Lac to construct, but now builders are saying 1Lac has been booked & 2.5 Lac to construct. Whom to believe??? Now builder are accelerate the figures every day, Mughe to ab Niyat mai hi khot lag raha hai builders ki. See all the current work in NE do any one can believe that really 1500+ Caror has been invested by builders, 1500 caror is huge figure and 15 full societies can be developed in this amount (builder cost).
  • It wouldn't be easy to get the money back from the builders. Now, this news of agitation on expressway projects is just a political gimmick in my opinion.
  • yupp, this is all politics and credit goes to the Najaayaz Gandhi.

    Originally Posted by djvjain
    It wouldn't be easy to get the money back from the builders. Now, this news of agitation on expressway projects is just a political gimmick in my opinion.
  • Originally Posted by chirag999
    yupp, this is all politics and credit goes to the Najaayaz Gandhi.

    This is becoming sacry...................

    An estimated 300,000 homebuyers and home owners could be affected if farmers in 24 villages along the Noida-Greater Noida Expressway succeed in their agitation for the return of their land taken over by the Noida Authority in 2003. On Friday, 400 farmers held a panchayat at Shahpur adjoining the expressway, where they decided to move the Allahabad High Court against the acquisition of their land on either side of the expressway.

    The spokesperson of the Kisan Sansh Samiti, an association of farmers that organised the meeting, Mahesh Asana said: "We will move court against the Noida Authority on Monday. When the Authority acquired our land, it promised that developed plots would be allotted to us as rehabilitation benefits." This has not yet been done.

    The farmers will hold another panchayat on Saturday to "fine tune" plans to stall the construction of residential towers - being built by, among others, Japyee Group, Unitech, 3C and Purvanchal Group - along the expressway.

    On July 6, the Supreme Court had upheld an Allahabad High Court order that had set aside the acquisition of 156 acres of land in Shahberi village in Noida Extension, a few kilometers away. The result: the authorities have to now recover the land they had allotted to real estate developers, demolish the half-built structure and return the land to the original owners. Many of these farmers now plan to sell their land at market prices, which is several times the compensation they were - or are now being - offered - by the government.

    These lands were acquired by invoking the urgency clause of the Land Acquisition Act of 1894, which allows the government to dilute due process in case of an emergency.

    But Noida Authority chairman and chief executive officer Balvinder Kumat told HT: "If this clause is challenged, then not a single sector in Noida and Greater Noida would be spared. All the sectors would be under a cloud… all projects threatened."

    About 6,000 home buyers, who had already booked flats in projects coming up in Shahberi and now face an uncertain future, find themselves caught in this crossfire between farmers on one side and the builders and the authorities on the order.

    This, and a similar order by the Allahabad High Court on July 19 with respect to land acquired from farmers in Patwari village, near Shahberi, has encouraged other farmers in the area to agitate for the return of the land, which, they allege, was taken over in violation of the due process of law.

    Earlier on Friday, the samiti had stopped construction work at the Jaypee project site in Noida's Sector 128 (in Sultanpur village) off the expressway, protesting against the delay in allotment of developed land plots. Noida Authority officials said the work was stalled as the builder had allegedly blocked a key access road to Sultanpur.

    "A reversal of perceived shortcomings in the acquisition process of the last 20 years is impractical. The entire Noida and Greater Noida Expressway development cannot be undone and land cannot be given back to farmers for cultivation," said Pankaj Bajaj, president of Credai NCR, the apex body of realtors in the capital and MD of Eldeco Infrastructure & Properties, a real estate company that has projects along the expressway.
  • किसानों का धरना तीसरे दिन भी जारी
    23 Jul 2011, 0400 hrs IST,नवभारत टाइम्स

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    नोएडा ॥ सेक्टर-74 में किसानों का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। अथॉरिटी सीईओ की तरफ से 15 दिन के भीतर 800 एकड़ जमीन का मामला हल कराने और आबादी को समझौते के आधार पर छोड़ने के आश्वासन के बाद किसानों ने बिल्डरों का काम बंद कराने की कार्रवाई स्थगित कर दी है। 5 अगस्त तक मुद्दों का समाधान होने तक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, किसानों के धरने-प्रदर्शन से सहमे बिल्डरों की ओर से काम को धीमी गति से कराया जा रहा है। रविवार को शहर के सभी गांवों के किसानों की महापंचायत होगी जिसमें बिल्डरों का काम चालू रहने दिया जाए, या नहीं, इस पर फैसला किया जाएगा।

    सोहरखा ग्राम प्रधान नरेश यादव ने बताया कि आश्वासन के बावजूद किसान धरना प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। 5 अगस्त किसानों तक का वक्त अथॉरिटी के पास है। इस दौरान बेवजह किसी बिल्डर की साइट पर काम नहीं रुकवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुआवजा बढ़ाए जाने की मांग जारी रहेगी।

    रास्ता बंद करने का विरोध
    किसान संघर्ष समिति ने सेक्टर-128 में गेट लगाए जाने का विरोध करते हुए जेपी ग्रुप की ओर से कराए जा रहे काम को रुकवा दिया। बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने और विरोध पर वहां पर काम कर रहे कर्मचारी भाग गए। किसानों ने तोड़फोड़ कर गांवों के पुराने एवं मुख्य मार्गों को खोल दिया। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष दलबीर यादव ने बताया कि जेपी ग्रुप गेट लगाकर असगरपुर की तरफ जाने वाले रास्ते को बंद करने की कोशिश कर रहा था जिसका विरोध आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसानों ने किया। आगे भी ऐसी कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जेपी स्कूल में ग्रामीणों के बच्चों को वरीयता के आधार पर कम फीस पर दाखिला दिए जाने की मांग की गई है।

    समिति के प्रवक्ता महेश अवाना ने बताया कि समिति ने सुल्तानपुर , गढ़ी , रोहिल्लापुर , असगरपुर आदि का दौरा किया जहां पंचायत कर किसानों को अथॉरिटी की किसान विरोधी पॉलिसी के खिलाफ एकजुट किया गया। करीब 2 बजे बड़ी संख्या में किसानों ने जेपी ग्रुप की ओर से गेट लगाने का विरोध करते हुए काम बंद करा दिया।
  • किसानों ने की हाई कोर्ट में दी याचिका
    23 Jul 2011, 0400 hrs IST

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    शाहबेरी और पतवाड़ी की जमीन अधिग्रहण रद्द होने के बाद बादलपुर को 140 किसानों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ शुक्रवार को हाई कोर्ट में याचिका दी। इनके अलावा 30 और किसान इलाहाबाद रवाना हो गए हंै। ये किसान 25 जुलाई को याचिका देंगे। किसानों का आरोप है कि याचिका न दायर करने के लिए लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन जबरन अधिग्रहीत की गई है। किसान नेता राजेंद्र बीडीसी ने बताया कि अधिग्रहण के समय किसानों ने विरोध किया था। यहां पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने लाठी चार्ज तक कर दिया था।

    फार्म हाउस स्कीम के खिलाफ जाएंगे कोर्ट

    एस॥ नोएडा :

    किसानों की तरफ से जेपी ग्रुप और फार्म हाउस योजना के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। शुक्रवार को शाहपुर गांव में पंचायत कर यह फैसला किया गया। याचिका दायर करने के लिए गांव के वीडीसी एवं प्रधान प्रतिनिधि विशेष चौहान एवं लाल सिंह गौतम शनिवार को इलाहाबाद रवाना होंगे। अदालत में याचिका दायर करने के लिए आधा दर्जन किसानों का प्रतिनिधि मंडल बनाया गया है। जो अदालती मामलों की पैरवी करेगा।
  • शाहबेरी में फिर अधिग्रहण की तैयारी

    शाहबेरी में फिर अधिग्रहण की तैयारी

    नोएडा एक्सटेंशन पर मचे बवाल के बीच ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शाहबेरी गांव में नई नीति के तहत जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन समेत कई अफसरों ने गांव का दौरा किया है और शाहबेरी में कोर्ट के आदेश के मुताबिक सीमांकन करते हुए जमीन लेने के लिए धारा-चार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने शाहबेरी गांव की पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया निरस्त करते हुए जमीन किसानों को वापस लौटाने का आदेश दिया था। शाहबेरी प्रदेश का पहला गांव होगा जहां नई जमीन अधिग्रहण नीति लागू की जा रही है।

    156 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हुआ था रद्द
    प्राधिकरण सीईओ ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने शाहबेरी गांव की 156.903 हेक्टेयर जमीन किसानों को वापस करने के निर्देश दिए हैं। आदेश पर अमल करने के लिए शुक्रवार को प्राधिकरण अधिकारियों, प्लानिंग विभाग, भूलेखा विभाग आदि की बैठक बुलाई गई। बैठक का आशय यही था कि किसानों को शीघ्र जमीन वापस करके उस पर नए सिरे से धारा-4 की प्रक्रिया की जाए और प्रदेश सरकार की जो नई नीति है, उसके मुताबिक अधिग्रहण हो। इसमें कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसानों को सुनवाई का मौका दिया जाएगा। कोर्ट के आदेश से जितनी जमीन प्रभावित हुई है, उसका सीमांकन कर दिया गया। बिल्डर प्रोजेक्टों पर हुए निर्माण को हटाने के लिए कहा गया है। किसान जैसे ही मुआवजा वापस करेंगे, जमीन पर कब्जा देकर धारा-4 का प्रकाशन करा दिया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि नए सिरे से जब भी कहीं जमीन का अधिग्रहण होता है तो गांव के किसानों की संख्या, जमीन का आकलन, पैमाइश, जमीन पर खेती होती है या बंजर है, भविष्य में कौन सी योजनाएं लाई जा सकती हैं आदि तमाम प्रक्रिया पूरी करनी होती हैं। प्राधिकरण ने 2007 में अर्जेंसी क्लाज के तहत जमीन लेनी शुरू की थी, जिसमें किसानों को सुनवाई का मौका नहीं दिया गया था। लेकिन अब जमीन लेने के दौरान कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए किसानों को सुना जाएगा। जब वे संतुष्ट हो जाएंगे, तभी जमीन ली जाएगी। शाहबेरी में नई नीति लागू होते ही किसानों की छोड़ी गई आबादी, छह फीसदी प्लाट समेत जितनी सुविधाएं दी जा चुकी हैं, वे सभी निरस्त हो जाएंगी।

    भूमि अधिग्रहण बिल का मसौदा आएगा
    बहु प्रतीक्षित भूमि अधिग्रहण विधेयक का मसौदा अब लगभग तैयार है और इसे जल्द ही जनता के सामने रखे जाने की उम्मीद है। इसमें सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के सुझावों को भी शामिल कर लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश इस विधेयक को अगले सप्ताह सार्वजनिक करने से पहले अधिकारियों के साथ एक दौर की चर्चा और करेंगे। विधेयक पर यह अंतिम दौर की चर्चा रविवार को हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि रमेश ने एनएसी की सिफारिशों को मान लिया है कि जिसमें उसने पूरी यानी 100 फीसदी जमीन का अधिग्रहण सरकार द्वारा किए जाने की बात कही है। वह भूमि अधिग्रहण के लिए 80 फीसदी लोगों की रजामंदी अनिवार्य करना भी इसमें शामिल कर सकते हैं।

    धारा-4 के तहत होगा अधिग्रहण
    इसके तहत किसानों की आपत्तियां सुनी जाएंगी। उनकी रजामंदी के बाद ही होगा अधिग्रहण।

  • NEFBWA has decided to hold a peaceful rally on Saturday, the 23rd July, 2011 starting from Gautam Buddha Statue, Noida Entry Gate. We shall give a memorandum to Chairman, GNIDA at Camp Office Sector 14-A demanding an immediate solution of the Noida Extension issue. The rally will terminate at Sector 18, Noida.

    This is an opportunity available to us bring to the notice of the Authority our genuine grievances in the wake of the recent judgements of the Hon'ble Allahabad High Court on the issue of land acquisition in Noida Extension and to press for an early solution of the same. Therefore, all flat buyers are requested to please gather in full strength at Gautam Buddha Statue at 4:00 p.m. sharp on 23rd July, 2011.
  • The ongoing farmers agitation against land acquisition threatened to spill over to large parts of Noida on Friday, even as several farmers today stopped a road construction work by Jaypee Infrastructure group in sector 128.

    The farmers of Sultanpur objected to the road construction saying that the builder had closed a road passing through a village near Jaypee Public School. They also demanded five percent land to the farmers as promised in the state government's new land acquisition policy.

    In another disturbing development, farmers from several villages Magroli, Chaproli, Shahdara, Sultanpur, Asgarpur, Bajitpur, Jhatta Badoli Bangar and Moiyapur held a panchayat in Shahdara today, in which they decided to give two days' ultimatum to the builders in sectors 45,46,48 and 93 to either stop work or face agitation.

    These projects include Amrapali Sapphire, Unitech Golf Country Club, 3C Lotus Boulevard, Supertech Esquire and several others.

    The farmers have also threatened to stop work on several builders projects near the Expressway, including those of Jaypee, Nimbus, Supertech, Paras, Logix in sectors 46,48, 137, 138, 142 and 143.

    The farmers have given ultimatum to Noida authority saying that the land acquisition be freed, 5 per cent land quota for farmers be given, and the compensations given since 1997 be revised as per the new state government policy.

    The farmers had invited Noida authority officials to attend their panchayat, but they did not attend.

    The farmer leaders have threatened not only to stop work of the builders but will go to court to vent their grievances. The leaders said that they were offered Rs 380 per sq yard ten years ago and were now being offered Rs 800 per sq yard which was inadequate.

    The farmers agitation appears to be the outcome of two consecutive orders by the Allahabad High Court quashing the land acquisition in Noida Extension by the Greater Noida authorities.

    On Friday, the Greater Noida authority officials began removing the signboards and billboards of major builders, saying that the land will now be reclaimed in accordance with the High Court orders.