नोएडा एक्सटेंशनः कोर्ट ने दिया किसानों से समझौते का मौका
26 Jul 2011, 2016 hrs IST,नवभारत टाइम्स

Navbharat Times - नोएडा एक्सटेंशनः कोर्ट ने दिया किसानों से समझौते का मौका

ग्रेटर नोएडा ।। नोएडा एक्सटेंशन को टेंशन से फिलहाल राहत मिलती दिख रही है। मंगलवार को वह महाफ एरिया में 11 गांवों की जमीन अधिग्रहण को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ ने बड़ी पीठ का गठन करने का अनुरोध किया। अब इस मामले पर 17 अगस्त को सुनवाई होगी। इससे पहले 12 अगस्त तक अथॉरिटी अथवा राज्य सरकार किसानों से सीधे समझौता कर सकती है। साथ ही कोर्ट ने बिल्डरों को मामले में पक्ष बनाए जाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले से अथॉरिटी और बिल्डरों को आशा की एक किरण दिखाई दी है। अथॉरिटी सीधे किसानों के बीच जाकर बात करने की योजना बना रही है। साथ ही किसान भी अब अगली रणनीति तैयार कर रहे हैं।

मंगलवार को हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी नजरे टिकाए थे। हाई कोर्ट के सीनियर जज ए. लाला और अशोक श्रीवास्तव की पीठ ने सुनवाई के दौरान इस मामले पर निर्णय करने के लिए एक बड़ी पीठ का गठन करने का अनुरोध किया।

नोएडा एक्सटेंशन एरिया के 11 गांवों की करीब 3 हजार हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण को चुनौती देने वाली किसानों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दोनों जजों की पीठ ने कहा कि किसान 12 अगस्त तक अदालत से बाहर मामला निपटा सकते हैं। अथॉरिटी अथवा सरकार किसानों से 12 अगस्त से पहले समझौता कर सकती है, लेकिन इसके लिए किसानों पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। समझौते अथवा किसी अन्य नतीजे की हालत में पूरे मामले का ब्यौरा कोर्ट को देना होगा। यह ब्यौरा अगली सुनाई की तारीख पर दी जा सकती है। वहीं कोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट बायर्स वैलफेयर असोसिएशन के बैनर तले निवेशकों व बिल्डरों की याचिकाओं पर कोई फैसला नहीं दिया। कोर्ट ने उन्हें पक्ष बनाए जाने से इनकार कर दिया।

मंगलवार को कोर्ट के फैसले से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और बिल्डरों में उत्साह है। इससे समझौते की राह नजर आने लगी है। अथॉरिटी के सीईओ रमा रमण ने कहा है कि वह सीधे किसानों के बीच जाएंगे। गांव-गांव जाकर किसानों से बात करेंगे और समस्या का समाधान निकालेंगे। कुछ बीच के लोग इसमें रोड़ा बन रहे हैं। बीच के लोगों से बात नहीं की जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।

वहीं क्रेडाई के अध्यक्ष मनोज गौड़ ने कहा है कि कोर्ट ने एक रास्ता दिया है। इससे थोड़ी सी राहत नजर आ रही है। हम किसानों का भी अहित नहीं चाहते हैं। समस्या का समाधान निकलना चाहिए।

उधर किसान अब नई रणनीति बना रहे हैं। किसान नेता इंद नागर का कहना है कि वह किसानों के साथ मिलकर इस संबंध में अपनी रणनीति तैयार करेंगे। किसानों का अहित नहीं होगा।
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