वक्त के हिसाब से चाल बदलकर मोटा माल बना रहे रियल्टी ब्रोकर
19 Jul 2011, 1543 hrs IST, इकनॉमिक टाइम्स

वक्त के हिसाब से चाल बदलकर मोटा माल बना रहे रियल्टी ब्रोकर -Economic Times

नई दिल्ली : पांच बरस पहले अमित मावी ने रियल एस्टेट ब्रोकिंग के मैदान में उतरने के लिए अपने कार लोन कारोबार पर ताला लटका दिया था। उन्हें महसूस हुआ कि जैसे-जैसे देश में शहरीकरण बढ़ेगा, एक चीज की जरूरत हर परिवार को होगी। वह जरूरत होगा मकान। आज मावी 3 करोड़ रुपए की लैम्बोर्गिनी मर्सिलोगी स्पोर्ट्स कार में हवा से बातें करते हैं, उनकी कलाई पर 20 लाख रुपए की ब्रेग्वे घड़ी बंधी है और वह पूरी शानो-शौकत से गोल्फ कोर्स पर बने 9,000 वर्ग फुट के अपार्टमेंट में रहते हैं।

उनकी कंपनी बेटर ऑप्शन प्रॉपमार्ट ने पिछले कारोबारी साल में 120 करोड़ रुपए की आमदनी हासिल की थी। कारोबार में मावी के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी हनी कात्याल हैं, जिन्होंने अपने कुछ दोस्तों के साथ साल 2006 में नोएडा के 200 वर्ग फुट के छोटे से ऑफिस से रियल एस्टेट ब्रोकिंग फर्म लॉन्च की थी। आज उनकी कंपनी इनवेस्टर्स क्लीनिक के पास नोएडा एक्सप्रेसवे पर 30,000 वर्ग फुट में फैला दफ्तर है और कर्मचारियों की तादाद 500 से ज्यादा है। वह हल्की सी मुस्कान के साथ बताते हैं कि उनके 14 कर्मचारियों ने मर्सिडीज या बीएमडब्ल्यू खरीद ली है।

मावी और कात्याल रियल एस्टेट बाजार के चमकते सितारे हैं। वही रियल्टी बाजार, जो इन दिनों मंदी के दौर से गुजर रहा है। जब सिक्का चल रहा था, तो उन्होंने करोड़ों बनाए। अभी जब हालात कुछ कमजोर हैं, तब भी उनकी गाड़ी नहीं रुकी। मावी ने हाल में लॉजिक्स गुप से 130 करोड़ रुपए में नोएडा के 132 सेक्टर में 4,00,000 वर्ग फुट की एक आईटी बिल्डिंग खरीदी है। वह अब बिल्डर बनना चाहते हैं।

दूसरी ओर हनी कात्याल अब हाउसिंग फाइनेंस, कमर्शियल लीजिंग और इंटीरियर डिजाइनिंग के मैदान में उतर रहे हैं। कात्याल की कंपनी का टर्नओवर 110 करोड़ रुपए है और ग्राहकों से उन्हें अभी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा रकम मिलनी है। मावी ने कहा, 'हमने यहीं पैसा बनाया है और हम इसके बारे में सब कुछ जानते हैं। अब हम सेक्टर के नए अवसरों पर गौर कर रहे हैं।' अहमदाबाद की रियल्टी कंपनी स्पेस मैनेजमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर किशोर देधिया का कहना है, 'ब्रोकिंग समुदाय अब संगठित हो रहा है और हम दौड़ में आगे बने रहना चाहते हैं।'

देधिया की कंपनी मुंबई में अपना रियल एस्टेट कारोबार और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट बिजनेस बढ़ाना चाहती है। उनका कहना है कि अभी संभावित कारोबार के केवल 5 फीसदी हिस्से से फायदा उठाया गया है। अब संगठित होने और विस्तार करने का वक्त आ गया है। इस कारोबार के संगठित आकार लेने का संकेत मिलते ही वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी खिलाडि़यों का आकर्षण सामने आ गया है, जो बिखरे हुए कारोबार में पैसा नहीं लगाते।

ऐसी फंडिंग हासिल करने में कामयाब रहे एक ब्रोकर समरजीत सिंह हैं, जिन्होंने कैंडिड मार्केटिंग नाम की मार्केटिंग एक्टिवेशन कंपनी से बाहर निकल 2008 में अग्नि प्रॉपर्टी खड़ी की। देश के सभी बड़े शहरों में ऑफिस रखने वाली अग्नि प्रॉपर्टी ने हाल में पीई कंपनी हीलियॉन वेंचर कैपिटल से 1.2 करोड़ डॉलर जुटाए हैं।

सिंह ने कहा, 'हम रियल एस्टेट के लिए आईटी प्लेटफॉर्म और वैश्विक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम लॉन्च करने के लिए मौजूदा निवेशकों से 1 करोड़ डॉलर और सिलिकॉन वैली बैंक से 50 लाख डॉलर की राशि जुटा रहे हैं।' हीलियॉन के एमडी संजीव अग्रवाल ने कहा, 'अग्नि में वही करने की काबिलियत है, जो मेकमाईट्रिप ने बिखरे हुए ट्रैवल बिजनेस के लिए किया था। हमने इस विशाल अवसर को देखते हुए अग्नि में निवेश किया है। यह तेज ग्रोथ वाला ऐसा बाजार है, जहां आधार बड़ा आकार तो रखता है, लेकिन संगठित खिलाडि़यों की कमी है।' यह इन दोनों उद्यमियों की कामयाबी का सीक्रेट हिस्सा है।
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