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Impact of SP Govt on Noida Real Estate

Last updated: April 18 2012
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  • Re : Impact of SP Govt on Noida Real Estate

    फिर उठने लगीं किसानों की मांगें

    फिर उठने लगीं किसानों की मांगें



    नोएडा।। नई सरकार बनने का रास्ता साफ होने ही किसानों ने फिर आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर दी है। इसके चलते 10 पर्सेंट के प्लॉट और 64.7 पर्सेंट बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर करीब आधा दर्जन गांवों के किसानों ने बुधवार को सदरपुर गांव में पंचायत की। साथ ही, 9 मार्च को अथॉरिटी सीईओ को उक्त मांगों के बाबत मांगपत्र देने का फैसला लिया है। इसमें एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर बिल्डरों का काम रोकने का फैसला लिया गया है।

    सदरपुर गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र चौहान ने बताया कि अथॉरिटी अफसरों ने दोनों बार हुई किसान आंदोलन को मांगें जल्द पूरी करने का आश्वासन देने के बाद बंद कराया था। पहले 21 से 28 नवंबर तक चले आंदोलन में 3 सेक्टर-46, 45, 96 के बिल्डरों का काम रुकवाया गया था। उस दौरान अथॉरिटी के प्रशासनिक अधिकारी दीपचंद ने 9 दिसंबर तक मामला हल कराने का आश्वासन दिया था। तय तारीख तक कार्रवाई न होने पर 10 दिसंबर से दोबारा धरना शुरू किया गया था। इसके चलते सेक्टर-45, 46, 96, 99, 100 की करीब एक दर्जन बिल्डर साइटों का काम 5 जनवरी तक ठप रहा था।

    इस बार अथॉरिटी अफसरों ने 13 जनवरी तक काम पूरा कराने का वादा किया था। इसके बाद चुनाव आचार संहिता के चलते मांगों पर कोई काम नहीं हो सका। सुरेंद्र चौहान ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किसानों को 64.7 पर्सेंट मुआवजा और अधिग्रहित जमीन के बदले 10 पर्सेंट प्लॉट देने का आदेश दिया था। इसके अलावा अथॉरिटी को सदरपुर कॉलोनी में जल और सीवर लाइन बिछाने का काम भी कराना था, जो अभी तक नहीं हुआ। पंचायत में रायपुर के झंडा सिंह, सुल्तानपुर के सत्ते प्रधान, असगरपुर के गंगा चौहान व बेगराज चौहान, शाहपुर के पुष्कर नंबरदार व डी. पी. चौहान, मंगरौली के चमन प्रधान व कालू प्रधान, सदरपुर गांव के प्रधान मुनेश सैनी और हाजीपुर गांव के रेशराम आदि मौजूद थे।



    फिर उठने लगीं किसानों की मांगें - Navbharat Times
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    • Re : Impact of SP Govt on Noida Real Estate

      SIX TIMES MARKET RATE looks too good on manifesto only.

      Government of UP , as handed over (BSP --> SP) is already on verge of bankruptcy. Courts can ask for higher compensation everywhere now! If builder lobby collapses (financially) then bailout of government is impossible.
      We recently saw Europe bailout crisis. UP bailout will be similar or worse.

      SP has main challenge to revive & stabilize revenues , or else even payment of salaries to govt staff can get difficult.

      Money INFLOW to state treasury, if it doesnot start in next 3 -4 months, expect a lot of complications......hope SP has good brain-bench who can take decisions to take the scam plummeted state out of the ROT.

      In any case, Mature Mulayam needs to be on chair, and take through young blood of Akhilesh & Co. to take careful administrative decisions.

      Pros and Cons of every decision, shall be on Balance sheet of state government, and can get stalled easily by any element ready to move to courts.

      Giving my Opinion, For expert comments please.

      Originally posted by harpreetsg_delhi View Post
      Mayawati government projects may run into hurdle with Samajwadi Party
      By AKASH VASHISHTHA
      Last updated at 7:34 PM on 7th March 2012
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      The two development zones in Uttar Pradesh west - Gautam Budh Nagar and Ghaziabad - may undergo a complete revamp, if the Samajwadi Party (SP) insiders are to be believed.
      Though the new government is yet to be sworn in, key party functionaries said the two revenue earning districts, close to the national Capital, might witness a complete transformation.
      The party's office-bearers have already got down to the job of reviewing the status of several projects undertaken by the Mayawati government.

      SP office-bearers are reviewing the status of several projects in Ghaziabad, Gautam Budh Nagar and Noida undertaken by the Mayawati government
      Sources said the party high command was kept informed of the state of affairs in Gautam Budh Nagar and Ghaziabad over the last five years.
      One of the sources said two giant developers with numerous projects in Gautam Budh Nagar and 'who almost acted as personal firms of Mayawati and her family' would be the ones to be reined in first by the new government.
      'Noida, Greater Noida and Yamuna Expressway areas became the hub of corruption during Mayawati's rule. They (the companies) looted the farmers. They sold off Noida land to builders, leaving very little for the farmers,' Veer Singh Yadav, president of the SP in Noida and close to chief ministerial candidate Mulayam Singh Yadav, alleged.
      'The interests of farmers will be of prime consideration now,' he added.
      The new government might also spell trouble for liquor baron and property developer Ponty Chadha in Noida. The group's business centre in Sector- 32 might also face a review.
      'We are looking at ways to see if that land can be returned to the farmers. Two sectors were combined and sold off to Wave City and the bids manipulated to help Chadha win. We kept protesting against it and Akhilji and Mulayamji are aware of it,' Veer said.


      Several projects undertaken by Mayawati's (right) government will be reviewed. Property developer Ponty Chadha may also run into trouble with the new government
      'We intend to write to the party high command and demand the cancellation of the allotments. Fresh tenders should be invited and the allotments made in a fair and transparent manner so that the revenue goes directly to the government exchequer and not into some politician's account,' he added.
      He also said that a letter would be sent to the new chief minister demanding a 'thorough and proper investigation' into all the scams that occurred in the district and seeking a probe against a number of Noida and Greater Noida authority officials.
      'All culprits should be punished. We have the names of many such officials in the Noida authority and we will write to the CM and get them probed. There were several officials who also acted as BSP agents during the elections and distributed cash to garner votes for Mayawati. We have those names as well,' an SP loyalist said.
      Projects in the scam-hit Noida Extension would also be re-examined. 'This area was riddled with corruption during Mayawati's rule. In SP's tenure, no land will be forcefully acquired. If there happens to be an urgency, land will be taken at six times the market rate, as per our manifesto,' Fakir Chand Nagar, the district party president, said.
      The Yamuna Expressway area is also on the SP radar. The party has already assured farmers that land would not be snatched away from them as was done by the last government.


      Read more: Mayawati government projects may hit Samajwadi Party hurdle | Mail Online

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      • Re : Impact of SP Govt on Noida Real Estate

        "when their will b delays and uncertainity then who will b buying at even 20% less rates than today's rates leave alone builders increasing rates n people buying then"

        Good news for the buyers..... price will remain stable or go down.... due to uncertainity...NO REAL buyers will try to buy his dream home in NCR of UP for next few months till SP govt. settles down...

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        • Re : Impact of SP Govt on Noida Real Estate

          नोएडा। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अब लोगों की निगाह नोएडा के विकास पर लगी है। शहर में पिछले दो वर्षों में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का आधार तैयार किया जा चुका है, बस इन्हें मूर्त रूप देने का कार्य होना है। लोगों के मन में एक प्रश्न उठ रहा है कि सत्ता बदलने से कहीं इन प्रोजेक्टों को रोक न दिया जाए। हालांकि नए निजाम ने लखनऊ में बैठकर साफ कर दिया है कि विकास कार्यों को कहीं भी रोका नहीं जाएगा।

          राष्ट्रीय राजधानी से सटे होने के कारण नोएडा के विकास पर विशेष ध्यान दिया। यहां विकास के कई प्रोजेक्टों पर काम हुआ। जहां एक तरफ पुराने फ्लाईओवर और विकास कार्य पूरे किए गए, वहीं कुछ नई योजनाओं का भी आधार रखा गया। मायावती का गृह जनपद होने के कारण यहां विकास के लिए कभी धन की कमी आड़े नहीं आई।

          प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद शहर में कई कामों को किया जाना है पूरा, अब इन पर लोगों की नजर
          बड़ी योजनाओं पर उठने लगे हैं बड़े सवाल

          मेट्रो रूट विस्तार
          मेट्रो विस्तार को लेकर कई निर्णय होने बाकी है। सेक्टर-62 मेट्रो विस्तार की तकनीकी रिपोर्ट आ चुकी है, इसमें डिजाइन तैयार होते ही एमओयू हो जाएगा। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा और बोड़ाकी रेलवे स्टेशन मेट्रो विस्तार का काम होना है। इसके लिए बैठकों का दौर जारी है और डीएमआरसी के साथ कई चीजें पूरी हो चुकी हैं।

          एलिवेटेड रोड
          शहर में वाहनों को रफ्तार देने के लिए तीन एलिवेटेड रोड बनाई जानी है। इसमें एक रोड विश्व भारती स्कूल से सेक्टर-60 तक बनेगी, जिसका खर्च 600 करोड़ रुपये है। दूसरी डीमए चौक से सेक्टर-24 तक। इसके लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा शाहदरा ड्रेन पर बनाई जानी वाली एलिवेटेड रोड पर 580 करोड़ रुपये का खर्च होंगे। तीनों एलिवेटेड रोड को आईआईटी दिल्ली से मंजूरी मिल चुकी है, वहीं बोर्ड ने भी इसे पास कर दिया है।

          बनने हैं अंडरपास
          एमपी-3 रोड पर तीन अंडरपास बनाए जाने हैं। इन्हें तैयार करने में नोएडा प्राधिकरण ने 105 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। सभी काम हो चुके हैं, सिर्फ टेंडर होना बाकी है। इसके पूरा होने के बाद एनएच-24 और 2 को जोड़ने वाली यह सड़क पूरी तरफ सिग्नल फ्री हो जाएगी। अब देखने वाली बात है कि नई सरकार और नए अफसर इस प्रोजेक्ट को किस तरह से पूरा करते हैं।

          किसके हाथों होगा उद्घाटन
          प्राधिकरण के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय जुड़ा है। मेट्रो के साथ-साथ फ्लाईओवर व अंडरपास को खड़ा करके ट्रैफिक जंक्शन बनाने का काम किया गया है। अक्तूबर-2012 में तैयार होने वाला यह जंक्शन आठ महीने पहले ही तैयार कर लिया गया। फ्लाईओवर से 26 जनवरी को आवाजाही शुरू हो गई, वहीं अंडरपास से होकर वाहन एक-दो दिन में गुजरने लगेंगे।

          राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल खुलना बाकी
          मायावती के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल का उद्घाटन तो उन्होंने कर दिया था, लेकिन इसे जनता के लिए अभी तक नहीं खोला गया है। यहां पर टिकट शुल्क पर लोगों को प्रवेश देने की योजना है। मायावती के मूर्ति लगे पार्कों में अस्पताल बनाने की बात कह रही सपा इस स्थल का क्या स्वरूप निर्धारित करती है, यह भी देखना होगा।

          -Amar Ujala

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          • Re : Impact of SP Govt on Noida Real Estate

            सरकार बदलते ही बदलने लगे ऑफिसर


            नोएडा।। सरकार बदलते ही अथॉरिटी में सत्ता का असर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले पांच सालों तक गायब रहे कुछ चेहरे एकाएक मेन स्ट्रीम में आ गए हैं। बदलाव के तहत अब होम सिंह यादव चीफ मेंटनेंस इंजीनियर का चार्ज संभालेंगे। शुक्रवार को होम सिंह यादव ने अथॉरिटी सीईओ ऑफिस में रिपोर्ट किया।

            वहीं सेक्टर-6 स्थित अथॉरिटी के मुख्य प्रशासनिक ऑफिस में अथॉरिटी चेयरमैन के कक्ष को नए तरीके से सजाया जा रहा है। सोफे और कुर्सियां आदि को नए तरीके से लगाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार रेजिडेंशियल समेत कई डिपार्टमेंटों में जल्द ही बड़े फेरबदल होने के आसार हैं।

            अथॉरिटी ऑफिस से मिली जानकारी के मुताबिक, होम सिंह यादव अब सेक्टर-5 स्थित ऑफिस में बैठेंगे। वे जल, सीवर और बिजली से जुड़े कार्यों को देखेंगे। अभी तक यह कार्यभार अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर यादव सिंह के पास था। अथॉरिटी के अन्य डिपार्टमेंटों में भी ऐसे ही बदलाव जल्द होने जा रहे हैं। बता दें कि होम सिंह यादव 2007 से पहले की एसपी सरकार में सीएमई की पोस्ट पर तैनात थे।

            -nbt

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            • Re : Impact of SP Govt on Noida Real Estate

              प्राधिकरण में हुई नियुक्तियों को लेकर सुगबुगाहट

              ग्रेटर नोएडा। अभी तो प्रदेश में नई सरकार ने शपथ भी नहीं ली है, लेकिन प्राधिकरण में पिछली सरकार के दौरान हुई नियुक्तियों को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

              नियम कायदों को ताक पर रखकर की गई नियुक्तियों के सारे सबूत भी लोगों ने एकत्र कर लिए हैं और इसे सीधे लखनऊ भेजने की तैयारी की जा रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में पिछले सरकार के कार्यकाल मेें कई बार नियुक्तियों का दौर चला। आचार संहिता से लगने से पहले लखनऊ से ढेर सारे कर्मचारी प्राधिकरण में समाहित कर दिए गए, जबकि पिछले 15 से लेकर 20 साल से ठेकेदारी पर काम कर रहे कर्मचारियों को कोई मौका नहीं दिया गया। जो कर्मचारी लाभ और हक से वंचित रखे गए थे, उन्होंने अपनी बात कहनी शुरू कर दी

              -Amar Ujala

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              • Re : Impact of SP Govt on Noida Real Estate

                UP infra projects of over Rs 1,50,000 cr on tenterhooks

                New government can change fortunes of development schemes like highways, airports, transport, power and tourism that Mayawati proposed or initiated
                An impending change of guard in Uttar Pradesh from Mayawati-led Bahujan Samaj Party (BSP) to the Samajwadi Party, which is poised to form the next government in the state, looks set have bearing on several infrastructure and development projects that are either underway or were proposed during the outgoing regime.These projects mainly pertain to infrastructure development such as highways, airports, transport, power and tourism.


                The total outlay on these projects totals to over Rs 1,50,000 crore.
                The most prominent of these projects are three expressways the Ganga Expressway (Rs 30,000 crore), Yamuna Expressway (Rs 10,000 crore) and the Upper Ganga Canal Expressway (Rs 9,000 crore).

                SP spokesperson Rajendra Chaudhary told Business Standard that the new government would review all major projects of the previous regime for probity and transparency.

                The major projects, the progress of which would largely depend upon SP policies, include:

                * Yamuna Expressway The 165-km link between Greater Noida and Agra is nearing completion. Jaypee Group is the concessionaire of the project. First conceptualised in 2002, Yamuna Expressway was originally estimated to cost Rs 3,000 crore.

                * Ganga Expressway This Ballia-Greater Noida mega project of 1,047 km, originally estimated at Rs 30,000 crore, is yet to be accorded a central environment clearance, while it had been facing land acquisition challenges since the very beginning. It was also awarded to Jaypee and the alignment process by the concessionaire was nearing completion, when the Allahabad High Court ordered for the environment clearance.

                * Upper Ganga Canal This 212-km project is also awaiting the final environment clearance by the Centre, and is proposed from Greater Noida to Purkazi near the UP-Uttarakhand border. There are no land acquisition hurdles here, as the state irrigation department owns all the necessary land for the access-controlled UGC.

                * Power projects The 1,980-Mw and 1,320-Mw thermal power plants at Bara and Karchhna in Allahabad district also awarded to Jaypee had witnessed rough weather over land acquisition. There are power projects totalling about 15,000 Mw, and entailing investment of over Rs 1,00,000 crore for which the government had signed MoUs with private companies. Besides, the government was also targeting Rs 10,000 crore private investment in the power distribution sector.

                * International airport at Kushinagar The proposed international airport in Kushinagar district had although received the environment clearance by the Centre, some other central clearances are still to come by for this Rs 750 crore project. The proposed airport aims at connecting the Buddhist Circuit.

                * Sugar sector In the sugar sector, the state government had privatised 21 sugar mills of the UP State Sugar Corporation Limited (UPSSCL) and proposed to privatise most of 24 federation units.
                The privatisation of UPSSCL mills was later challenged in the high court.

                * Re-development of state highways The re-development of state highways is underway and at least four had been handed over to private developers. The entire project estimated at Rs 12,500 crore spanning 19 such highways totalling a distance of 2,300 km.

                * Lucknow Metro The dream of Lucknow Metro project entailing about Rs 10,000 crore outlay is also stuck over financing mode to be adopted. Similar metros were also proposed for major towns of UP, including Kanpur. DMRC is the consultant for Lucknow Metro, and had already submitted its DPR.

                * Privatisation/leading of tourism properties Mayawati regime had put out its 78 properties for lease agreements or management contracts. If that had materialised, a minimum investment to the tune of Rs 200 crore is likely to flow in the tourism sector.

                However, the project was put in cold storage due to impending assembly poll and stiff opposition of employees.

                Business standard

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                • Re : Impact of SP Govt on Noida Real Estate

                  Originally posted by deepak82_mca View Post
                  GoondaRaj returns, show FULL ON in UP. After attacking few journalists, SP MLA killed BSP MP's younger brother.
                  where is the news about SP MLA killing BSP MP's younger brother?

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                  • Re : Impact of SP Govt on Noida Real Estate

                    Akhilesh interview worth reading,

                    Don't miss Akhilesh Yadav's interview to Rediff.com! - Rediff.com News

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                    • Re : Impact of SP Govt on Noida Real Estate

                      Typical response from the members. The investors are worried ,they are giving each other hope by saying that the prices will increase and the end users want noida RE to get a reality check.
                      Only time will tell. As they say `paap ka ghadaa kabhi toh bharega`

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