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महंगे होंगे प्राधिकरण के फ्लैट
June 23 2012 , 07:03 AM   #1
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महंगे होंगे प्राधिकरण के फ्लैट

महंगे होंगे प्राधिकरण के फ्लैट

उत्तर प्रदेश में सरकारी आवासीय संस्थाओं की योजनाओं में फ्लैट खरीदने वालों को अब और ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा शुल्क विभाग ने अब सरकारी आवासीय संस्थाओं की ओर से बनाए गए फ्लैटों पर सेवा कर लेने का फैसला किया है। इस फैसले की मार उन सब आवंटियों पर पड़ेगी, जिन्होंने ऐसी आवासीय योजना में भवन खरीदे हैं- जिनमें 12 फ्लैटों या इससे ज्यादा के ब्लॉक बनाए गए हैं। इस फैसले के बाद अब विकास प्राधिकरणों व आवास विकास परिषद से फ्लैट खरीदनों वालों को 30,000 रुपये लेकर 1.5 लाख रुपये तक ज्यादा अदा करना होगा। इस फैसले का असर विकास प्राधिकरणों व आवास विकास परिषद के 24,000 आवंटियों पर पड़ेगा। केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा शुल्क विभाग ने पत्र भेज कर प्राधिकरणों को 3.09 फीसदी के हिसाब से फ्लैट खरीदने वालों से सेवा कर लेने को कहा है।

सेवा कर के दायरे में वे आवंटी भी आएंगे, जिन्होंने फ्लैट तो पहले खरीद लिया है पर उसका रजिस्ट्रेशन अभी तक नहीं कराया है। ऐसे आवंटियों से सेवा शुल्क संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के समय लिया जाएगा। नई योजनाओं को लाने के समय आवंटियों को सेवा कर की जानकारी पूर्व में ही दी जाएगी। नई योजनाओं में फ्लैट की कीमत में सेवा कर की राशि जोड़ ली जाएगी।

उक्त फैसले के बारे में लखनऊ विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि बीते पांच साल में प्राधिकरणों ने जो भी बहुमंजिला आवासीय योजनाएं लांच की हैं, उनमें कम से कम एक ब्लाक में 16 फ्लैट तक बनाए गए हैं, लिहाजा सेवा कर के दायरे में हाल फिलहाल संपत्ति खरीदने वाले सभी आवंटी आ जाएंगे। अकेले लखनऊ विकास प्राधिकरण को ही 3 करोड़ रुपये से ज्यादा सेवा कर जमा करना होगा।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बीते कुछ समय में 10,000 ऐसे फ्लैट बेचे हैं, जो सेवा कर के दायरे में आएंगे। प्राधिकरण की हाल में आई सबसे सस्ती योजना सुलभ आवास योजना में भी फ्लैट खरीदने वालों को 30,000 रुपये ज्यादा देने होंगे। हालांकि उन्होंने बताया कि सेवा कर के बारे में अंतिम फैसला विकास प्राधिकरण का बोर्ड करेगा, पर नियमों के दायरे में आने पर इसे देना बाध्यता होगी।

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June 23 2012 , 02:37 PM   #2
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Originally Posted by fritolay_ps
महंगे होंगे प्राधिकरण के फ्लैट

उत्तर प्रदेश में सरकारी आवासीय संस्थाओं की योजनाओं में फ्लैट खरीदने वालों को अब और ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा शुल्क विभाग ने अब सरकारी आवासीय संस्थाओं की ओर से बनाए गए फ्लैटों पर सेवा कर लेने का फैसला किया है। इस फैसले की मार उन सब आवंटियों पर पड़ेगी, जिन्होंने ऐसी आवासीय योजना में भवन खरीदे हैं- जिनमें 12 फ्लैटों या इससे ज्यादा के ब्लॉक बनाए गए हैं। इस फैसले के बाद अब विकास प्राधिकरणों व आवास विकास परिषद से फ्लैट खरीदनों वालों को 30,000 रुपये लेकर 1.5 लाख रुपये तक ज्यादा अदा करना होगा। इस फैसले का असर विकास प्राधिकरणों व आवास विकास परिषद के 24,000 आवंटियों पर पड़ेगा। केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा शुल्क विभाग ने पत्र भेज कर प्राधिकरणों को 3.09 फीसदी के हिसाब से फ्लैट खरीदने वालों से सेवा कर लेने को कहा है।

सेवा कर के दायरे में वे आवंटी भी आएंगे, जिन्होंने फ्लैट तो पहले खरीद लिया है पर उसका रजिस्ट्रेशन अभी तक नहीं कराया है। ऐसे आवंटियों से सेवा शुल्क संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के समय लिया जाएगा। नई योजनाओं को लाने के समय आवंटियों को सेवा कर की जानकारी पूर्व में ही दी जाएगी। नई योजनाओं में फ्लैट की कीमत में सेवा कर की राशि जोड़ ली जाएगी।

उक्त फैसले के बारे में लखनऊ विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि बीते पांच साल में प्राधिकरणों ने जो भी बहुमंजिला आवासीय योजनाएं लांच की हैं, उनमें कम से कम एक ब्लाक में 16 फ्लैट तक बनाए गए हैं, लिहाजा सेवा कर के दायरे में हाल फिलहाल संपत्ति खरीदने वाले सभी आवंटी आ जाएंगे। अकेले लखनऊ विकास प्राधिकरण को ही 3 करोड़ रुपये से ज्यादा सेवा कर जमा करना होगा।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बीते कुछ समय में 10,000 ऐसे फ्लैट बेचे हैं, जो सेवा कर के दायरे में आएंगे। प्राधिकरण की हाल में आई सबसे सस्ती योजना सुलभ आवास योजना में भी फ्लैट खरीदने वालों को 30,000 रुपये ज्यादा देने होंगे। हालांकि उन्होंने बताया कि सेवा कर के बारे में अंतिम फैसला विकास प्राधिकरण का बोर्ड करेगा, पर नियमों के दायरे में आने पर इसे देना बाध्यता होगी।

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Kodh me khaj.

Not only the Pradhikaran flats but builder floors (Where the buildings has 12flats) will have to pay the taxes.

Most of the Ghaziabad / Indirapuram / Gyankhand - Vasundhara - other Khands. builder flats
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