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Another Flat scheme in Sidharth Vihar (NH-24)
December 10 2011 , 04:32 PM   #11
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has anyone shown interested in this??
December 10 2011 , 05:01 PM   #12
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Originally Posted by shah_techno
has anyone shown interested in this??

has anyone shown interested in this....Yes..only UP Awas Vikas Parisad
December 10 2011 , 06:46 PM   #13
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hahaha..

well said,

at the costly rate Govt agency is asking , one can easily book 2BHK in under-construction sectors of Noida rather than getting 1BHK of sarkaari-flat.


& look at the attempt by them , asking for 90L-1.45Cr for Penthouse,
Someone worth spending such money wud better buy in Jaypee/Logix/3Cs of the world, get real feel of Luxury rather Sarkaari definition (& maintenance) of luxury.

One of my known broker friends has asked me to stay away from this, i am out....


Still others may find some PROs which i m unable to see..
December 18 2011 , 01:51 PM   #14
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किसान रुकवाएंगे आवास विकास परिषद् के निर्माण

प्रतापविहार के सरदार पटेल ग्लोबल स्कूल में शनिवार को चार गांवों के किसानों ने 11 सूत्री मांग और आवास विकास परिषद् की अनदेखी को लेकर बैठक की। किसानों ने तय किया अगर परिषद ने जल्द ही मांग नहीं मानी तो किसानों को परिषद् क्षेत्र के तमाम निर्माण कार्य रोकने पड़ेंगे। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले कैला, मिर्जापुर, अकबरपुर-बहरामपुर और मिट्ठेपुर के किसान जमा हुए। किसानों ने आरोप लगाया कि परिषद् ने विकास की आड़ में किसानों की जमीन कौड़ियों के भाव कब्जा ली और इस जमीन को सरकार ने निजी फर्मों को 4200 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से बेचा।

किसान नेता अजीत बैंसला ने कहा कि परिषद् के दावे महज दावे साबित हुए हैं। आवास आयुक्त ने किसानों के साथ धोखा किया, लेकिन अब बारी किसानों की है। किसानों ने संयुक्त रूप से 18 मीटर चौड़ी सड़क पर आवास भूखंड और व्यवसायी भूखंड और 100 रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री करने का अधिकार किसान को दिए जाने की मांग की। इसके अलावा नौ और भी मांगें की गई।

-Amar Ujala
December 25 2011 , 07:37 AM   #15
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महंगे एलआईजी फ्लैटों की जांच होगी


गाजियाबाद : सिद्धार्थ नगर में बने एलआईजी फ्लैटों की कीमत करीब 27 लाख रुपयेे है। प्रमुख सचिव (आवास) का ध्यान जब इस ओर दिलाया गया तो उन्होंने इस पर आश्चर्य जताया। कहा, मामले की जांच कराई जाएगी। यह फ्लैट आवास-विकास परिषद ने बनवाए हैं।

वीसी और चीफ इंजीनियर की आखिरी मीटिंग : जीडीए वीसी एन. के. चौधरी जनवरी और चीफ इंजीनियर आर. के. सिंह फरवरी में रिटायर हो जाएंगे। यह दोनों अफसरों की आखिरी बोर्ड मीटिंग थी।


-NB times
December 25 2011 , 08:27 AM   #16
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if the amount decreases by 30-40% , only then I am interested..

warna awas vikas ko
December 25 2011 , 10:24 AM   #17
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Originally Posted by shah_techno
if the amount decreases by 30-40% , only then I am interested..

warna awas vikas ko
Perhaps awas vikas was not aware that Mr. "Shah_Techno" was also interested else they would have launched it 30-40% lesser amount....
December 26 2011 , 06:06 AM   #18
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किसानों ने रुकवा दिया सिद्धार्थ विहार का काम


विजयनगर। मुआवजे से नाराज किसानों ने आवास विकास की सिद्धार्थ विहार का चार स्थानों पर कार्य रुकवाकर हंगामा किया। दो दिन से चल रहे आंदोलन को अब अनिश्चित कालीन धरने में बदल दिया गया है। किसानों और जिला प्रशासन के बीच हुई दो चरणों की वार्ता में रविवार को कोई हल नहीं निकल सका।
महानगर के प्रतापविहार में आवास विकास परिषद कार्यालय के सामने किसान कई दिन से आंदोलन पर हैं। कैला, मिर्जापुर, अकबरपुर, बहरामपुर और मिट्ठेपुर के सैकड़ों किसान मुआवजा राशि का विरोध कर रहे हैं।
किसान संघर्ष समिति के बैनर तले धरनारत किसानों की समस्याओं को जिला प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया तो रविवार को किसान भड़क उठे। कई ट्रैक्टर-ट्रालियों में लाठी-डंडों से लैस किसानों ने आवास विकास परिषद का चार स्थानों पर चल रहा कार्य रुकवा दिया। किसानों ने अब अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी है।

किसान संघर्ष समिति मुआवजे से ज्यादा सम्मान की लड़ाई लड़ रही है। धरने का नेतृत्व कर रहे अजीत बैसला ने कहा कि आवास विकास को वर्ष 2006 में भू अधिग्रहण के दौरान प्रशासन ने 800 रुपये मीटर का मुआवजा तय किया था। इस सिद्धार्थ विहार योजना के लिए 703 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जानी थी। इसमें से 325 बीघा जमीन पर विवाद है। मात्र 35-40 किसानों ने भूमि अधिग्रहण मंजूर किया था। जबकि 2006 में ही दिल्ली-सहारनपुर योजना के लिए 1100 रुपये मीटर का मुआवजा दिया गया। इसी साल जीडीए ने मधुबन बापूधाम के लिए 1100 रुपये का मुआवजा दिया। आविप ने संतोष मेडिकल कालेज की जमीन अधिग्रहण सूची में रखने के बाद वापस कर दी। कालेज प्रशासन ने वर्ष 2006 में ही चड्ढा ग्रुप को 4200 रुपये मीटर के रेट पर जमीन बेच दी। उस समय किसान सर्किल रेट के मुआवजे, 10 फीसदी आवासीय भूखंड और एक व्यवसायिक भूखंड की मांग कर रहे थे। आवि ने 22 मंजिला फ्लैट बनाकर तैयार किए हैं, जिनमें सिंगिल बेडरूप का फ्लैट 27 लाख रुपये का है। किसान 4200 रुपये मीटर मुआवजा, पांच फीसदी आवासीय भूखंड देने, इसका 50 फीसदी भूखंड 18 मीटर वाले मार्ग किनारे देने, एक व्यावसायिक भूखंड देने, आवासीय भूखंड में भी व्यावसायिक स्वीकृति देने और आवासीय-व्यावसायिक भूखंड की रजिस्ट्री सौ रुपये के स्टांप पर करने की मांग कर रहे हैं। दो दिन बाद अनिश्चित कालीन धरने में बदला आंदोलन
प्रशासन केसाथ हुई वार्ता में नहीं निकला हल
मुआवजे से ज्यादा भेदभाव से हैं नाराज

-amar ujala
December 27 2011 , 08:57 AM   #19
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आवास विकास और किसानों के बीच वार्ता विफल
नाराज किसानों ने मांगें पूरी होने तक निर्माण कार्यरोकने का ऐलान किया
गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार योजना के प्रभावित किसानों औरआवास विकास परिषद के बीच विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा। एक बार फिर सोमवार कोकिसान प्रतिनिधि मंडल और आवास विकास परिषद के अधिकारियों के बीच वार्ता विफल हो गई।नाराज किसानों ने मांगे न मानने तक निर्माण कार्य रोके रखना का ऐलान किया है।

मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर मिर्जापुर, मिट्ठेपुर, अकबरपुर बहरामपुर और कैला गांवों के किसान चार दिन से प्रताप विहार स्थित आवासविकास के साइट ऑफिस पर प्रदर्शन कर रहे है। आविप के रुख से नाराज किसानों ने रविवारको योजना का काम रुकवा दिया था। सोमवार को किसानों से बात करने के लिए उप आवासआयुक्त एसबी सिंह, अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता एसकेश्रीवास्तव और ललता प्रसाद पहुंचे। एक घंटे से अधिक समय तक आविप अफसरों और किसानोंके बीच वार्ता चली। बावजूद इसके नतीजा नहीं निकल सका। किसान नेता अजीत बैसला नेबताया कि आवास विकास परिषद के अधिक ारी 11 सौ रुपये से अधिक मुआवजा देने को तैयारनहीं हैं जबकि हम42 सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर से कम मुआवजा नहीं लेंगे। मंगलवार कोफिर आवास विकास परिषद अधिकारियों के साथ वार्ता होगी।
-amar ujala
December 30 2011 , 07:45 AM   #20
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आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया


मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गुरुवार को आवास विकास परिषद की दिल्ली बुलंदशहर आवासीय योजना के लिए अधिग्रहित की गई भूमि पर ट्रैक्टर चलाए। परिषद के उप-आवास आयुक्त विमल कुमार किसानों से बातचीत के लिए पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया।

धरने मंे शामिल किसान नेता अजित बैंसला का कहना है कि मुआवजे को लेकर अधिकारियों ने चुनाव के बाद स्थायी समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा कई मांगों पर सहमति बन गई है, जिसमें 12 प्रतिशत आवासीय जमीन देने, 18 मीटर से चौड़ी सड़क पर प्लॉट देने तथा 15 व 25 मीटर के व्यावसायिक भूखंड देने जैसी बात शामिल हैं। गौरतलब है कि परिषद ने 1998 में दिल्ली बुलंदशहर आवासीय योजना के तहत किसानों की जमीनें अधिग्रहित कर ली थी। किसानों का आरोप है कि जिन शर्तों पर जमीनें ली गई थीं, उन नियम शर्तों को पूरा नहीं किया गया था। किसान लंबे समय से इस पर संघर्ष कर रहे थे। मुआवजे को लेकर हल न निकल पाने से निराश किसानों ने प्रताप विहार मंे परिषद की अधिग्रहत जमीन पर धरना शुरू कर दिया। किसान नेता बैंसला ने बताया कि उप-आयुक्त से मुआवजे की मांग पर बातचीत हुई पर इस मसले पर चुनाव आचार संहिता के चलते कोई फैसला नहीं हो सका। विमल कुमार ने चुनाव समाप्त होने के बाद ही इस मंाग पर किसी तरह के फैसले लेने की बात कही। इस बातचीत में हरीश, ओमप्रकाश चौधरी, हरिराम यादव आदि मौजूद रहे।


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